पंचांग · सोमवार, 3 अप्रैल 2028श्रीनगर

चैत्र · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2085राम नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:53सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 12:00 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
01:00, 4 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:53
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:50 –09:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:53
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:53रात06:14
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    12:00 तक
  2. शुक्ल नवमी
    10:07, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    01:00, 4 अप्रैल तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    23:34, 4 अप्रैल तक
योग
  1. अतिगण्ड
    19:09 तक
  2. सुकर्मा
    16:22, 4 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    12:00 तक
  2. बालव
    23:07 तक
  3. कौलव
    10:07, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
18:53
बिंब मध्य 18:49
चंद्रोदय
12:04
चंद्रास्त
01:55
दिनमान
12h 38m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मिथुन
19:17 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:30
  • प्रातः संध्या05:07 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त12:09 –13:00
  • विजय मुहूर्त14:41 –15:31
  • गोधूलि मुहूर्त18:53 –19:16
  • सायाह्न संध्या18:53 –20:01
  • निशीथ मुहूर्त00:11 –00:56, 4 अप्रैल
  • अमृत काल22:42 –00:14, 4 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:50 –09:25
  • यमगंड10:59 –12:34
  • गुलिक काल14:09 –15:44
  • दुर्मुहूर्त13:00 –13:50
  • दुर्मुहूर्त15:31 –16:22
  • वर्ज्य13:28 –15:00

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:15 – 07:50
  • कालहानि07:50 – 09:25
  • शुभशुभ09:25 – 10:59
  • रोगअनिष्ट10:59 – 12:34
  • उद्वेगअशुभ12:34 – 14:09
  • चरसम14:09 – 15:44
  • लाभलाभ15:44 – 17:19
  • अमृतश्रेष्ठ17:19 – 18:53
रात
  • चरसम18:53 – 20:18
  • रोगअनिष्ट20:18 – 21:43
  • कालहानि21:43 – 23:09
  • लाभलाभ23:09 – 00:34
  • उद्वेगअशुभ00:34 – 01:59
  • शुभशुभ01:59 – 03:24
  • अमृतश्रेष्ठ03:24 – 04:49
  • चरसम04:49 – 06:14

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:15–07:18
शनि07:18–08:22
गुरु08:22–09:25
मंगल09:25–10:28
सूर्य10:28–11:31
शुक्र11:31–12:34
बुध12:34–13:37
चन्द्र13:37–14:41
शनि14:41–15:44
गुरु15:44–16:47
मंगल16:47–17:50
सूर्य17:50–18:53
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:53–19:50
बुध19:50–20:47
चन्द्र20:47–21:43
शनि21:43–22:40
गुरु22:40–23:37
मंगल23:37–00:34
सूर्य00:34–01:30
शुक्र01:30–02:27
बुध02:27–03:24
चन्द्र03:24–04:20
शनि04:20–05:17
गुरु05:17–06:14

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद07:45 तक
  • पुनर्वसु 2 पद13:32 तक
  • पुनर्वसु 3 पद19:17 तक
  • पुनर्वसु 4 पद01:00, 4 अप्रैल तक
  • पुष्य 1 पद06:41, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 38m
रात्रिमान
11h 21m
मध्याह्न
12:34

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 19:17 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 01:00, 4 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 19:17 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:00 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 12:00 तकगौरी के साथ
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:15 –06:47
  • शुभ मुहूर्त06:47 –08:17
  • मृत्यु पंचक08:17 –10:09
  • अग्नि पंचक10:09 –12:00
  • शुभ मुहूर्त12:00 –12:25
  • राज पंचक12:25 –14:50
  • शुभ मुहूर्त14:50 –17:14
  • चोर पंचक17:14 –19:36
  • शुभ मुहूर्त19:36 –22:01
  • रोग पंचक22:01 –00:23, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त00:23 –01:00, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:00 –02:25, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक02:25 –04:03, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:03 –05:24, 4 अप्रैल
  • राज पंचक05:24 –06:14, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:28 –06:47
  • मेष06:47 –08:17
  • वृषभ08:17 –10:09
  • मिथुन10:09 –12:25
  • कर्क12:25 –14:50
  • सिंह14:50 –17:14
  • कन्या17:14 –19:36
  • तुला19:36 –22:01
  • वृश्चिक22:01 –00:23, 4 अप्रैल
  • धनु00:23 –02:25, 4 अप्रैल
  • मकर02:25 –04:03, 4 अप्रैल
  • कुम्भ04:03 –05:24, 4 अप्रैल
  • मीन05:24 –06:43, 4 अप्रैल

पंचांग · श्रीनगर, 3 अप्रैल 2028

सोमवार, 3 अप्रैल 2028 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:53 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 12:00 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 4 अप्रैल 01:00 तक, फिर पुष्य; योग अतिगण्ड 19:09 तक, फिर सुकर्मा; करण बव 12:00 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:50–09:25, अभिजित मुहूर्त 12:09–13:00। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 3 अप्रैल 2028 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 12:00 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:15, श्रीनगर)।

3 अप्रैल 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 4 अप्रैल 01:00 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 19:17 तक।

श्रीनगर में 3 अप्रैल 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:50–09:25, यमगण्ड 10:59–12:34, गुलिक काल 14:09–15:44।

श्रीनगर में 3 अप्रैल 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:53, चंद्रोदय 12:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:09–13:00, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:30। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अप्रैल 2028 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

राम नवमी।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2518° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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