पंचांग · सोमवार, 20 अप्रैल 2026श्रीनगर

वैशाख · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:54सूर्योदय19:06सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 07:28 तक
नक्षत्र
रोहिणी
02:08, 21 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5419:06
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:33 –09:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:54दिन19:06
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:06रात05:53
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
भद्रा
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    07:28 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    04:15, 21 अप्रैल तक
  3. शुक्ल पंचमी
    01:20, 22 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    02:08, 21 अप्रैल तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    23:58, 21 अप्रैल तक
योग
  1. सौभाग्य
    16:11 तक
  2. शोभन
    12:31, 21 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    07:28 तक
  2. वणिज
    17:49 तक
  3. विष्टि
    04:15, 21 अप्रैल तक
  4. बव
    14:45, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:54
बिंब मध्य 05:58
सूर्यास्त
19:06
बिंब मध्य 19:01
चंद्रोदय
07:33
चंद्रास्त
22:52
दिनमान
13h 12m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
13:00, 21 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:28 –05:11
  • प्रातः संध्या04:49 –05:54
  • अभिजित मुहूर्त12:04 –12:56
  • विजय मुहूर्त14:42 –15:35
  • गोधूलि मुहूर्त19:06 –19:27
  • सायाह्न संध्या19:06 –20:11
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:51, 21 अप्रैल
  • अमृत काल23:15 –00:42, 21 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:33 –09:12
  • यमगंड10:51 –12:30
  • गुलिक काल14:09 –15:48
  • दुर्मुहूर्त12:56 –13:49
  • दुर्मुहूर्त15:35 –16:28
  • वर्ज्य18:57 –20:23
  • भद्रा17:49 –04:15, 21 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:54 – 07:33
  • कालहानि07:33 – 09:12
  • शुभशुभ09:12 – 10:51
  • रोगअनिष्ट10:51 – 12:30
  • उद्वेगअशुभ12:30 – 14:09
  • चरसम14:09 – 15:48
  • लाभलाभ15:48 – 17:27
  • अमृतश्रेष्ठ17:27 – 19:06
रात
  • चरसम19:06 – 20:27
  • रोगअनिष्ट20:27 – 21:48
  • कालहानि21:48 – 23:09
  • लाभलाभ23:09 – 00:29
  • उद्वेगअशुभ00:29 – 01:50
  • शुभशुभ01:50 – 03:11
  • अमृतश्रेष्ठ03:11 – 04:32
  • चरसम04:32 – 05:53

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:54–07:00
शनि07:00–08:06
गुरु08:06–09:12
मंगल09:12–10:18
सूर्य10:18–11:24
शुक्र11:24–12:30
बुध12:30–13:36
चन्द्र13:36–14:42
शनि14:42–15:48
गुरु15:48–16:54
मंगल16:54–18:00
सूर्य18:00–19:06
रात
ग्रहसमय
शुक्र19:06–20:00
बुध20:00–20:54
चन्द्र20:54–21:48
शनि21:48–22:42
गुरु22:42–23:36
मंगल23:36–00:29
सूर्य00:29–01:23
शुक्र01:23–02:17
बुध02:17–03:11
चन्द्र03:11–04:05
शनि04:05–04:59
गुरु04:59–05:53

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 1 पद09:57 तक
  • रोहिणी 2 पद15:20 तक
  • रोहिणी 3 पद20:43 तक
  • रोहिणी 4 पद02:08, 21 अप्रैल तक
  • मृगशिरा 1 पद07:34, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 12m
रात्रिमान
10h 47m
मध्याह्न
12:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 02:08, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पाताल · 07:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:15, 21 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 07:28 तकक्रीड़ा में · 04:15, 21 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:54 –07:12
  • अग्नि पंचक07:12 –07:28
  • शुभ मुहूर्त07:28 –09:04
  • राज पंचक09:04 –11:20
  • शुभ मुहूर्त11:20 –13:45
  • चोर पंचक13:45 –16:09
  • शुभ मुहूर्त16:09 –18:31
  • रोग पंचक18:31 –20:56
  • शुभ मुहूर्त20:56 –23:18
  • मृत्यु पंचक23:18 –01:20, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक01:20 –02:08, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:08 –02:58, 21 अप्रैल
  • राज पंचक02:58 –04:15, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:15 –04:19, 21 अप्रैल
  • चोर पंचक04:19 –05:38, 21 अप्रैल
  • राज पंचक05:38 –05:53, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:42 –07:12
  • वृषभ07:12 –09:04
  • मिथुन09:04 –11:20
  • कर्क11:20 –13:45
  • सिंह13:45 –16:09
  • कन्या16:09 –18:31
  • तुला18:31 –20:56
  • वृश्चिक20:56 –23:18
  • धनु23:18 –01:20, 21 अप्रैल
  • मकर01:20 –02:58, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:58 –04:19, 21 अप्रैल
  • मीन04:19 –05:38, 21 अप्रैल
  • मेष05:38 –07:08, 21 अप्रैल

पंचांग · श्रीनगर, 20 अप्रैल 2026

सोमवार, 20 अप्रैल 2026 को श्रीनगर में सूर्योदय 05:54 और सूर्यास्त 19:06 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 21 अप्रैल 02:08 तक, फिर मृगशिरा; योग सौभाग्य 16:11 तक, फिर शोभन; करण गर 07:28 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 07:33–09:12, अभिजित मुहूर्त 12:04–12:56। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 20 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 07:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 05:54, श्रीनगर)।

20 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 21 अप्रैल 02:08 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 21 अप्रैल 13:00 तक।

श्रीनगर में 20 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:33–09:12, यमगण्ड 10:51–12:30, गुलिक काल 14:09–15:48।

श्रीनगर में 20 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 19:06, चंद्रोदय 07:33 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:04–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:28–05:11। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2245° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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