पंचांग · बुधवार, 23 अक्टूबर 2024श्रीनगर

आश्विन · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:43सूर्योदय17:47सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 01:19, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
06:15, 24 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4317:47
बुधवार · बुध
राहु काल
12:15 –13:38
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:43दिन17:47
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:47रात06:43
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    01:19, 24 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    01:58, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    06:15, 24 अक्टू॰ तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    07:40, 25 अक्टू॰ तक
योग
  1. शिव
    06:59 तक
  2. सिद्ध
    05:51, 24 अक्टू॰ तक
  3. साध्य
    05:22, 25 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    13:18 तक
  2. बव
    01:19, 24 अक्टू॰ तक
  3. बालव
    13:33, 24 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:43
बिंब मध्य 06:46
सूर्यास्त
17:47
बिंब मध्य 17:42
चंद्रोदय
22:47
चंद्रास्त
13:05
दिनमान
11h 4m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
मिथुन
00:02, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:59 –05:51
  • प्रातः संध्या05:25 –06:43
  • अभिजित मुहूर्त11:53 –12:37
  • विजय मुहूर्त14:06 –14:50
  • गोधूलि मुहूर्त17:47 –18:13
  • सायाह्न संध्या17:47 –19:05
  • निशीथ मुहूर्त23:49 –00:41, 24 अक्टू॰
  • अमृत काल03:48 –05:26, 24 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:15 –13:38
  • यमगंड08:06 –09:29
  • गुलिक काल10:52 –12:15
  • दुर्मुहूर्त11:53 –12:37
  • वर्ज्य17:57 –19:35
  • भद्रा06:43 –13:18

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ06:43 – 08:06
  • अमृतश्रेष्ठ08:06 – 09:29
  • कालहानि09:29 – 10:52
  • शुभशुभ10:52 – 12:15
  • रोगअनिष्ट12:15 – 13:38
  • उद्वेगअशुभ13:38 – 15:01
  • चरसम15:01 – 16:24
  • लाभलाभ16:24 – 17:47
रात
  • उद्वेगअशुभ17:47 – 19:24
  • शुभशुभ19:24 – 21:01
  • अमृतश्रेष्ठ21:01 – 22:38
  • चरसम22:38 – 00:15
  • रोगअनिष्ट00:15 – 01:52
  • कालहानि01:52 – 03:29
  • लाभलाभ03:29 – 05:06
  • उद्वेगअशुभ05:06 – 06:43

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध06:43–07:38
चन्द्र07:38–08:33
शनि08:33–09:29
गुरु09:29–10:24
मंगल10:24–11:19
सूर्य11:19–12:15
शुक्र12:15–13:10
बुध13:10–14:06
चन्द्र14:06–15:01
शनि15:01–15:56
गुरु15:56–16:52
मंगल16:52–17:47
रात
ग्रहसमय
सूर्य17:47–18:52
शुक्र18:52–19:56
बुध19:56–21:01
चन्द्र21:01–22:06
शनि22:06–23:11
गुरु23:11–00:15
मंगल00:15–01:20
सूर्य01:20–02:25
शुक्र02:25–03:29
बुध03:29–04:34
चन्द्र04:34–05:39
शनि05:39–06:43

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद11:43 तक
  • पुनर्वसु 2 पद17:51 तक
  • पुनर्वसु 3 पद00:02, 24 अक्टू॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद06:15, 24 अक्टू॰ तक
  • पुष्य 1 पद12:32, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 4m
रात्रिमान
12h 56m
मध्याह्न
12:15

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 00:02, 24 अक्टू॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 06:15, 24 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 00:02, 24 अक्टू॰ तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:19, 24 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 01:19, 24 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:43 –08:43
  • शुभ मुहूर्त08:43 –11:04
  • चोर पंचक11:04 –13:07
  • शुभ मुहूर्त13:07 –14:44
  • रोग पंचक14:44 –16:06
  • शुभ मुहूर्त16:06 –18:54
  • रोग पंचक18:54 –20:47
  • शुभ मुहूर्त20:47 –23:03
  • मृत्यु पंचक23:03 –01:19, 24 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक01:19 –01:28, 24 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:28 –03:52, 24 अक्टू॰
  • राज पंचक03:52 –06:14, 24 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:14 –06:15, 24 अक्टू॰
  • चोर पंचक06:15 –06:43, 24 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:18 –08:43
  • वृश्चिक08:43 –11:04
  • धनु11:04 –13:07
  • मकर13:07 –14:44
  • कुम्भ14:44 –16:06
  • मीन16:06 –17:25
  • मेष17:25 –18:54
  • वृषभ18:54 –20:47
  • मिथुन20:47 –23:03
  • कर्क23:03 –01:28, 24 अक्टू॰
  • सिंह01:28 –03:52, 24 अक्टू॰
  • कन्या03:52 –06:14, 24 अक्टू॰
  • तुला06:14 –08:39, 24 अक्टू॰

पंचांग · श्रीनगर, 23 अक्टूबर 2024

बुधवार, 23 अक्टूबर 2024 को श्रीनगर में सूर्योदय 06:43 और सूर्यास्त 17:47 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 24 अक्टूबर 01:19 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पुनर्वसु 24 अक्टूबर 06:15 तक, फिर पुष्य; योग शिव 06:59 तक, फिर सिद्ध; करण विष्टि 13:18 तक, फिर बव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:15–13:38, अभिजित मुहूर्त 11:53–12:37। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 23 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 24 अक्टूबर 01:19 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:43, श्रीनगर)।

23 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 24 अक्टूबर 06:15 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 24 अक्टूबर 00:02 तक।

श्रीनगर में 23 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:15–13:38, यमगण्ड 08:06–09:29, गुलिक काल 10:52–12:15।

श्रीनगर में 23 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:43, सूर्यास्त 17:47, चंद्रोदय 22:47 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

23 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:53–12:37, ब्रह्म मुहूर्त 04:59–05:51। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2037° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP