पंचांग · बुधवार, 17 अप्रैल 2024श्रीनगर

चैत्र · शुक्ल नवमी · विक्रम संवत 2081राम नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:57सूर्योदय19:04सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल नवमी
शुक्ल · 15:14 तक
नक्षत्र
अश्लेषा
07:56, 18 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5719:04
बुधवार · बुध
राहु काल
12:31 –14:09
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:57दिन19:04
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:04रात05:56
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल नवमी
    15:14 तक
  2. शुक्ल दशमी
    17:32, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अश्लेषास्वामी बुध
    07:56, 18 अप्रैल तक
योग
  1. शूल
    23:50 तक
  2. गण्ड
    00:43, 19 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    15:14 तक
  2. तैतिल
    04:20, 18 अप्रैल तक
  3. गर
    17:32, 18 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:57
बिंब मध्य 06:01
सूर्यास्त
19:04
बिंब मध्य 18:59
चंद्रोदय
13:02
चंद्रास्त
02:47
दिनमान
13h 7m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
कर्क
07:56, 18 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:14
  • प्रातः संध्या04:52 –05:57
  • अभिजित मुहूर्त12:04 –12:57
  • विजय मुहूर्त14:42 –15:34
  • गोधूलि मुहूर्त19:04 –19:26
  • सायाह्न संध्या19:04 –20:09
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:52, 18 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:31 –14:09
  • यमगंड07:36 –09:14
  • गुलिक काल10:52 –12:31
  • दुर्मुहूर्त12:04 –12:57
  • वर्ज्य19:29 –21:16
  • गंड मूल05:57 –05:56, 18 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:57 – 07:36
  • अमृतश्रेष्ठ07:36 – 09:14
  • कालहानि09:14 – 10:52
  • शुभशुभ10:52 – 12:31
  • रोगअनिष्ट12:31 – 14:09
  • उद्वेगअशुभ14:09 – 15:47
  • चरसम15:47 – 17:26
  • लाभलाभ17:26 – 19:04
रात
  • उद्वेगअशुभ19:04 – 20:25
  • शुभशुभ20:25 – 21:47
  • अमृतश्रेष्ठ21:47 – 23:08
  • चरसम23:08 – 00:30
  • रोगअनिष्ट00:30 – 01:51
  • कालहानि01:51 – 03:13
  • लाभलाभ03:13 – 04:34
  • उद्वेगअशुभ04:34 – 05:56

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:57–07:03
चन्द्र07:03–08:08
शनि08:08–09:14
गुरु09:14–10:19
मंगल10:19–11:25
सूर्य11:25–12:31
शुक्र12:31–13:36
बुध13:36–14:42
चन्द्र14:42–15:47
शनि15:47–16:53
गुरु16:53–17:58
मंगल17:58–19:04
रात
ग्रहसमय
सूर्य19:04–19:58
शुक्र19:58–20:53
बुध20:53–21:47
चन्द्र21:47–22:41
शनि22:41–23:36
गुरु23:36–00:30
मंगल00:30–01:24
सूर्य01:24–02:19
शुक्र02:19–03:13
बुध03:13–04:07
चन्द्र04:07–05:02
शनि05:02–05:56

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्लेषा 1 पद11:53 तक
  • अश्लेषा 2 पद18:33 तक
  • अश्लेषा 3 पद01:14, 18 अप्रैल तक
  • अश्लेषा 4 पद07:56, 18 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 7m
रात्रिमान
10h 52m
मध्याह्न
12:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्लेषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 15:14 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 15:14 तकसभा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:57 –07:22
  • चोर पंचक07:22 –09:14
  • शुभ मुहूर्त09:14 –11:30
  • रोग पंचक11:30 –13:55
  • शुभ मुहूर्त13:55 –15:14
  • मृत्यु पंचक15:14 –16:19
  • अग्नि पंचक16:19 –18:41
  • शुभ मुहूर्त18:41 –21:06
  • राज पंचक21:06 –23:27
  • शुभ मुहूर्त23:27 –01:30, 18 अप्रैल
  • चोर पंचक01:30 –03:08, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:08 –04:29, 18 अप्रैल
  • रोग पंचक04:29 –05:48, 18 अप्रैल
  • चोर पंचक05:48 –05:56, 18 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:52 –07:22
  • वृषभ07:22 –09:14
  • मिथुन09:14 –11:30
  • कर्क11:30 –13:55
  • सिंह13:55 –16:19
  • कन्या16:19 –18:41
  • तुला18:41 –21:06
  • वृश्चिक21:06 –23:27
  • धनु23:27 –01:30, 18 अप्रैल
  • मकर01:30 –03:08, 18 अप्रैल
  • कुम्भ03:08 –04:29, 18 अप्रैल
  • मीन04:29 –05:48, 18 अप्रैल
  • मेष05:48 –07:18, 18 अप्रैल

पंचांग · श्रीनगर, 17 अप्रैल 2024

बुधवार, 17 अप्रैल 2024 को श्रीनगर में सूर्योदय 05:57 और सूर्यास्त 19:04 पर है। तिथि शुक्ल नवमी 15:14 तक, फिर शुक्ल दशमी; नक्षत्र अश्लेषा 18 अप्रैल 07:56 तक; योग शूल 23:50 तक, फिर गण्ड; करण कौलव 15:14 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:31–14:09, अभिजित मुहूर्त 12:04–12:57। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

श्रीनगर में 17 अप्रैल 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल नवमी 15:14 तक, फिर शुक्ल दशमी (सूर्योदय 05:57, श्रीनगर)।

17 अप्रैल 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्लेषा 18 अप्रैल 07:56 तक। चंद्रमा कर्क राशि में 18 अप्रैल 07:56 तक।

श्रीनगर में 17 अप्रैल 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:31–14:09, यमगण्ड 07:36–09:14, गुलिक काल 10:52–12:31।

श्रीनगर में 17 अप्रैल 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:57, सूर्यास्त 19:04, चंद्रोदय 13:02 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अप्रैल 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:04–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अप्रैल 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

राम नवमी।

श्रीनगर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1964° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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