पंचांग · रविवार, 4 अक्टूबर 2026सिंगापुर

भाद्रपद · कृष्ण अष्टमी · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:51सूर्योदय18:56सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण अष्टमी
कृष्ण · 08:22 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
02:43, 5 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:5118:56
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:26 –18:56
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:51दिन18:56
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
राहु काल
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:56रात06:50
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण अष्टमी
    08:22 तक
  2. कृष्ण नवमी
    06:24, 5 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण दशमी
    04:38, 6 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    02:43, 5 अक्टू॰ तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    01:39, 6 अक्टू॰ तक
योग
  1. परिघ
    15:01 तक
  2. शिव
    12:21, 5 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    08:22 तक
  2. तैतिल
    19:21 तक
  3. गर
    06:24, 5 अक्टू॰ तक
  4. वणिज
    17:29, 5 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:51
बिंब मध्य 06:54
सूर्यास्त
18:56
बिंब मध्य 18:53
चंद्रोदय
01:08
चंद्रास्त
13:43
दिनमान
12h 5m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मिथुन
21:01 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:15 –06:03
  • प्रातः संध्या05:39 –06:51
  • अभिजित मुहूर्त12:29 –13:18
  • विजय मुहूर्त14:54 –15:43
  • गोधूलि मुहूर्त18:56 –19:20
  • सायाह्न संध्या18:56 –20:08
  • निशीथ मुहूर्त00:30 –01:17, 5 अक्टू॰
  • अमृत काल00:27 –01:58, 5 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:26 –18:56
  • यमगंड12:54 –14:24
  • गुलिक काल15:55 –17:26
  • दुर्मुहूर्त17:20 –18:08
  • वर्ज्य15:21 –16:52

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:51 – 08:21
  • चरसम08:21 – 09:52
  • लाभलाभ09:52 – 11:23
  • अमृतश्रेष्ठ11:23 – 12:54
  • कालहानि12:54 – 14:24
  • शुभशुभ14:24 – 15:55
  • रोगअनिष्ट15:55 – 17:26
  • उद्वेगअशुभ17:26 – 18:56
रात
  • शुभशुभ18:56 – 20:26
  • अमृतश्रेष्ठ20:26 – 21:55
  • चरसम21:55 – 23:24
  • रोगअनिष्ट23:24 – 00:53
  • कालहानि00:53 – 02:23
  • लाभलाभ02:23 – 03:52
  • उद्वेगअशुभ03:52 – 05:21
  • शुभशुभ05:21 – 06:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:51–07:51
शुक्र07:51–08:52
बुध08:52–09:52
चन्द्र09:52–10:53
शनि10:53–11:53
गुरु11:53–12:54
मंगल12:54–13:54
सूर्य13:54–14:54
शुक्र14:54–15:55
बुध15:55–16:55
चन्द्र16:55–17:56
शनि17:56–18:56
रात
ग्रहसमय
गुरु18:56–19:56
मंगल19:56–20:55
सूर्य20:55–21:55
शुक्र21:55–22:54
बुध22:54–23:54
चन्द्र23:54–00:53
शनि00:53–01:53
गुरु01:53–02:52
मंगल02:52–03:52
सूर्य03:52–04:51
शुक्र04:51–05:51
बुध05:51–06:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद09:39 तक
  • पुनर्वसु 2 पद15:20 तक
  • पुनर्वसु 3 पद21:01 तक
  • पुनर्वसु 4 पद02:43, 5 अक्टू॰ तक
  • पुष्य 1 पद08:26, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 5m
रात्रिमान
11h 54m
मध्याह्न
12:54

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 21:01 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 02:43, 5 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पश्चिम · 21:01 तकउत्तर
अग्निवास
आकाश · 08:22 तकपाताल · 06:24, 5 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 08:22 तकसभा में · 06:24, 5 अक्टू॰ तकक्रीड़ा में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक06:51 –07:44
  • अग्नि पंचक07:44 –08:22
  • शुभ मुहूर्त08:22 –09:42
  • राज पंचक09:42 –11:50
  • शुभ मुहूर्त11:50 –13:59
  • चोर पंचक13:59 –16:00
  • शुभ मुहूर्त16:00 –17:51
  • रोग पंचक17:51 –19:40
  • चोर पंचक19:40 –21:37
  • शुभ मुहूर्त21:37 –23:43
  • रोग पंचक23:43 –01:53, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:53 –02:43, 5 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक02:43 –03:55, 5 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक03:55 –05:48, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:48 –06:24, 5 अक्टू॰
  • राज पंचक06:24 –06:50, 5 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:52 –07:44
  • तुला07:44 –09:42
  • वृश्चिक09:42 –11:50
  • धनु11:50 –13:59
  • मकर13:59 –16:00
  • कुम्भ16:00 –17:51
  • मीन17:51 –19:40
  • मेष19:40 –21:37
  • वृषभ21:37 –23:43
  • मिथुन23:43 –01:53, 5 अक्टू॰
  • कर्क01:53 –03:55, 5 अक्टू॰
  • सिंह03:55 –05:48, 5 अक्टू॰
  • कन्या05:48 –07:40, 5 अक्टू॰

पंचांग · सिंगापुर, 4 अक्टूबर 2026

रविवार, 4 अक्टूबर 2026 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:51 और सूर्यास्त 18:56 पर है। तिथि कृष्ण अष्टमी 08:22 तक, फिर कृष्ण नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 5 अक्टूबर 02:43 तक, फिर पुष्य; योग परिघ 15:01 तक, फिर शिव; करण कौलव 08:22 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 17:26–18:56, अभिजित मुहूर्त 12:29–13:18। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 4 अक्टूबर 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण अष्टमी 08:22 तक, फिर कृष्ण नवमी (सूर्योदय 06:51, सिंगापुर)।

4 अक्टूबर 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 5 अक्टूबर 02:43 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 21:01 तक।

सिंगापुर में 4 अक्टूबर 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:26–18:56, यमगण्ड 12:54–14:24, गुलिक काल 15:55–17:26।

सिंगापुर में 4 अक्टूबर 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:51, सूर्यास्त 18:56, चंद्रोदय 01:08 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अक्टूबर 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:29–13:18, ब्रह्म मुहूर्त 05:15–06:03। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2309° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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