पंचांग · शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026सिंगापुर

चैत्र · अमावस्या · विक्रम संवत 2083अमावस्या

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:00सूर्योदय19:09सूर्यास्त
तिथि
अमावस्या
कृष्ण · 19:51 तक
नक्षत्र
रेवती
14:32 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:0019:09
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:33 –13:04
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:00दिन19:09
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
विजय मुहूर्त
अभिजित मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गंड मूल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:09रात07:00
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. अमावस्या
    19:51 तक
  2. शुक्ल प्रतिपदा
    16:41, 18 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    14:32 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    12:12, 18 अप्रैल तक
योग
  1. वैधृति
    09:51 तक
  2. विष्कुम्भ
    06:15, 18 अप्रैल तक
  3. प्रीति
    02:25, 19 अप्रैल तक
करण
  1. चतुष्पाद
    09:20 तक
  2. नाग
    19:51 तक
  3. किंस्तुघ्न
    06:18, 18 अप्रैल तक
  4. बव
    16:41, 18 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:00
बिंब मध्य 07:03
सूर्यास्त
19:09
बिंब मध्य 19:05
चंद्रोदय
06:30
चंद्रास्त
18:57
दिनमान
12h 9m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मीन
14:32 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:25 –06:13
  • प्रातः संध्या05:49 –07:00
  • अभिजित मुहूर्त12:40 –13:29
  • विजय मुहूर्त15:06 –15:54
  • गोधूलि मुहूर्त19:09 –19:32
  • सायाह्न संध्या19:09 –20:20
  • निशीथ मुहूर्त00:41 –01:28, 18 अप्रैल
  • अमृत काल12:19 –13:48
  • अमृत काल05:42 –07:09, 18 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:33 –13:04
  • यमगंड16:07 –17:38
  • गुलिक काल08:31 –10:02
  • दुर्मुहूर्त09:26 –10:14
  • दुर्मुहूर्त13:29 –14:17
  • गंड मूल07:00 –14:32
  • गंड मूल14:32 –07:00, 18 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम07:00 – 08:31
  • लाभलाभ08:31 – 10:02
  • अमृतश्रेष्ठ10:02 – 11:33
  • कालहानि11:33 – 13:04
  • शुभशुभ13:04 – 14:35
  • रोगअनिष्ट14:35 – 16:07
  • उद्वेगअशुभ16:07 – 17:38
  • चरसम17:38 – 19:09
रात
  • रोगअनिष्ट19:09 – 20:38
  • कालहानि20:38 – 22:06
  • लाभलाभ22:06 – 23:35
  • उद्वेगअशुभ23:35 – 01:04
  • शुभशुभ01:04 – 02:33
  • अमृतश्रेष्ठ02:33 – 04:02
  • चरसम04:02 – 05:31
  • रोगअनिष्ट05:31 – 07:00

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र07:00–08:01
बुध08:01–09:01
चन्द्र09:01–10:02
शनि10:02–11:03
गुरु11:03–12:04
मंगल12:04–13:04
सूर्य13:04–14:05
शुक्र14:05–15:06
बुध15:06–16:07
चन्द्र16:07–17:07
शनि17:07–18:08
गुरु18:08–19:09
रात
ग्रहसमय
मंगल19:09–20:08
सूर्य20:08–21:07
शुक्र21:07–22:06
बुध22:06–23:06
चन्द्र23:06–00:05
शनि00:05–01:04
गुरु01:04–02:03
मंगल02:03–03:03
सूर्य03:03–04:02
शुक्र04:02–05:01
बुध05:01–06:00
चन्द्र06:00–07:00

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 3 पद09:04 तक
  • रेवती 4 पद14:32 तक
  • अश्विनी 1 पद19:59 तक
  • अश्विनी 2 पद01:24, 18 अप्रैल तक
  • अश्विनी 3 पद06:49, 18 अप्रैल तक
  • अश्विनी 4 पद12:12, 18 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 9m
रात्रिमान
11h 51m
मध्याह्न
13:04

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 14:32 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 14:32 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
उत्तर · 14:32 तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 19:51 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
गौरी के साथ · 19:51 तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक07:00 –08:49
  • अग्नि पंचक08:49 –10:56
  • शुभ मुहूर्त10:56 –13:05
  • राज पंचक13:05 –14:32
  • शुभ मुहूर्त14:32 –15:07
  • चोर पंचक15:07 –17:01
  • शुभ मुहूर्त17:01 –18:53
  • रोग पंचक18:53 –19:51
  • चोर पंचक19:51 –20:51
  • शुभ मुहूर्त20:51 –22:58
  • रोग पंचक22:58 –01:07, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:07 –03:08, 18 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:08 –04:59, 18 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:59 –06:49, 18 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त06:49 –07:00, 18 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष06:53 –08:49
  • वृषभ08:49 –10:56
  • मिथुन10:56 –13:05
  • कर्क13:05 –15:07
  • सिंह15:07 –17:01
  • कन्या17:01 –18:53
  • तुला18:53 –20:51
  • वृश्चिक20:51 –22:58
  • धनु22:58 –01:07, 18 अप्रैल
  • मकर01:07 –03:08, 18 अप्रैल
  • कुम्भ03:08 –04:59, 18 अप्रैल
  • मीन04:59 –06:49, 18 अप्रैल
  • मेष06:49 –08:45, 18 अप्रैल

पंचांग · सिंगापुर, 17 अप्रैल 2026

शुक्रवार, 17 अप्रैल 2026 को सिंगापुर में सूर्योदय 07:00 और सूर्यास्त 19:09 पर है। तिथि अमावस्या 19:51 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा; नक्षत्र रेवती 14:32 तक, फिर अश्विनी; योग वैधृति 09:51 तक, फिर विष्कुम्भ; करण चतुष्पाद 09:20 तक, फिर नाग। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 11:33–13:04, अभिजित मुहूर्त 12:40–13:29। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 17 अप्रैल 2026 को कौन सी तिथि है?

अमावस्या 19:51 तक, फिर शुक्ल प्रतिपदा (सूर्योदय 07:00, सिंगापुर)।

17 अप्रैल 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 14:32 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 14:32 तक।

सिंगापुर में 17 अप्रैल 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:33–13:04, यमगण्ड 16:07–17:38, गुलिक काल 08:31–10:02।

सिंगापुर में 17 अप्रैल 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:00, सूर्यास्त 19:09, चंद्रोदय 06:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अप्रैल 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:40–13:29, ब्रह्म मुहूर्त 05:25–06:13। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अप्रैल 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अमावस्या।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2244° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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