पंचांग · सोमवार, 21 अक्टूबर 2024सिंगापुर

आश्विन · कृष्ण चतुर्थी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:47सूर्योदय18:52सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण चतुर्थी
कृष्ण · 06:47 तक
नक्षत्र
रोहिणी
09:20 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4718:52
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:18 –09:48
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:47दिन18:52
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:52रात06:47
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण चतुर्थी
    06:47 तक
  2. कृष्ण पंचमी
    04:59, 22 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण षष्ठी
    03:59, 23 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    09:20 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    08:21, 22 अक्टू॰ तक
योग
  1. वरीयान्
    13:41 तक
  2. परिघ
    11:16, 22 अक्टू॰ तक
करण
  1. बालव
    06:47 तक
  2. कौलव
    17:48 तक
  3. तैतिल
    04:59, 22 अक्टू॰ तक
  4. गर
    16:23, 22 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:47
बिंब मध्य 06:50
सूर्यास्त
18:52
बिंब मध्य 18:48
चंद्रोदय
22:38
चंद्रास्त
10:13
दिनमान
12h 5m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
वृषभ
20:45 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:12 –05:59
  • प्रातः संध्या05:35 –06:47
  • अभिजित मुहूर्त12:25 –13:13
  • विजय मुहूर्त14:50 –15:38
  • गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:15
  • सायाह्न संध्या18:52 –20:03
  • निशीथ मुहूर्त00:25 –01:13, 22 अक्टू॰
  • अमृत काल06:22 –07:51
  • अमृत काल23:54 –01:27, 22 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:18 –09:48
  • यमगंड11:19 –12:49
  • गुलिक काल14:20 –15:50
  • दुर्मुहूर्त13:13 –14:02
  • दुर्मुहूर्त15:38 –16:27
  • वर्ज्य14:42 –16:14

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:47 – 08:18
  • कालहानि08:18 – 09:48
  • शुभशुभ09:48 – 11:19
  • रोगअनिष्ट11:19 – 12:49
  • उद्वेगअशुभ12:49 – 14:20
  • चरसम14:20 – 15:50
  • लाभलाभ15:50 – 17:21
  • अमृतश्रेष्ठ17:21 – 18:52
रात
  • चरसम18:52 – 20:21
  • रोगअनिष्ट20:21 – 21:50
  • कालहानि21:50 – 23:20
  • लाभलाभ23:20 – 00:49
  • उद्वेगअशुभ00:49 – 02:19
  • शुभशुभ02:19 – 03:48
  • अमृतश्रेष्ठ03:48 – 05:17
  • चरसम05:17 – 06:47

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:47–07:47
शनि07:47–08:48
गुरु08:48–09:48
मंगल09:48–10:49
सूर्य10:49–11:49
शुक्र11:49–12:49
बुध12:49–13:50
चन्द्र13:50–14:50
शनि14:50–15:50
गुरु15:50–16:51
मंगल16:51–17:51
सूर्य17:51–18:52
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:52–19:51
बुध19:51–20:51
चन्द्र20:51–21:50
शनि21:50–22:50
गुरु22:50–23:50
मंगल23:50–00:49
सूर्य00:49–01:49
शुक्र01:49–02:48
बुध02:48–03:48
चन्द्र03:48–04:48
शनि04:48–05:47
गुरु05:47–06:47

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद09:20 तक
  • मृगशिरा 1 पद15:01 तक
  • मृगशिरा 2 पद20:45 तक
  • मृगशिरा 3 पद02:31, 22 अक्टू॰ तक
  • मृगशिरा 4 पद08:21, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 5m
रात्रिमान
11h 55m
मध्याह्न
12:49

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 20:45 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 09:20 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण · 20:45 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 06:47 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:59, 22 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 06:47 तकनंदी पर · 04:59, 22 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:47 –06:47
  • चोर पंचक06:47 –08:34
  • शुभ मुहूर्त08:34 –09:20
  • रोग पंचक09:20 –10:41
  • शुभ मुहूर्त10:41 –12:50
  • मृत्यु पंचक12:50 –14:51
  • अग्नि पंचक14:51 –16:42
  • शुभ मुहूर्त16:42 –18:32
  • मृत्यु पंचक18:32 –20:28
  • अग्नि पंचक20:28 –22:35
  • शुभ मुहूर्त22:35 –00:44, 22 अक्टू॰
  • राज पंचक00:44 –02:46, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:46 –04:40, 22 अक्टू॰
  • चोर पंचक04:40 –04:59, 22 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:59 –06:31, 22 अक्टू॰
  • रोग पंचक06:31 –06:47, 22 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:35 –08:34
  • वृश्चिक08:34 –10:41
  • धनु10:41 –12:50
  • मकर12:50 –14:51
  • कुम्भ14:51 –16:42
  • मीन16:42 –18:32
  • मेष18:32 –20:28
  • वृषभ20:28 –22:35
  • मिथुन22:35 –00:44, 22 अक्टू॰
  • कर्क00:44 –02:46, 22 अक्टू॰
  • सिंह02:46 –04:40, 22 अक्टू॰
  • कन्या04:40 –06:31, 22 अक्टू॰
  • तुला06:31 –08:30, 22 अक्टू॰

पंचांग · सिंगापुर, 21 अक्टूबर 2024

सोमवार, 21 अक्टूबर 2024 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:47 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण चतुर्थी 06:47 तक, फिर कृष्ण पंचमी; नक्षत्र रोहिणी 09:20 तक, फिर मृगशिरा; योग वरीयान् 13:41 तक, फिर परिघ; करण बालव 06:47 तक, फिर कौलव। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 08:18–09:48, अभिजित मुहूर्त 12:25–13:13। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 21 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण चतुर्थी 06:47 तक, फिर कृष्ण पंचमी (सूर्योदय 06:47, सिंगापुर)।

21 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 09:20 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 20:45 तक।

सिंगापुर में 21 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:18–09:48, यमगण्ड 11:19–12:49, गुलिक काल 14:20–15:50।

सिंगापुर में 21 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:47, सूर्यास्त 18:52, चंद्रोदय 22:38 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

21 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:25–13:13, ब्रह्म मुहूर्त 05:12–05:59। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2036° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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