पंचांग · रविवार, 13 अक्टूबर 2024सिंगापुर

आश्विन · शुक्ल दशमी · विक्रम संवत 2081पापांकुशा एकादशी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:48सूर्योदय18:53सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल दशमी
शुक्ल · 11:39 तक
नक्षत्र
श्रवण
06:57 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:4818:53
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:23 –18:53
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:48दिन18:53
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:53रात06:48
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल दशमी
    11:39 तक
  2. शुक्ल एकादशी
    09:11, 14 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    06:57 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    05:21, 14 अक्टू॰ तक
  3. शतभिषास्वामी राहु
    03:12, 15 अक्टू॰ तक
योग
  1. शूल
    23:55 तक
  2. गण्ड
    20:31, 14 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    11:39 तक
  2. वणिज
    22:29 तक
  3. विष्टि
    09:11, 14 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:48
बिंब मध्य 06:51
सूर्यास्त
18:53
बिंब मध्य 18:50
चंद्रोदय
15:21
चंद्रास्त
02:50
दिनमान
12h 5m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
मकर
18:14 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:13 –06:01
  • प्रातः संध्या05:37 –06:48
  • अभिजित मुहूर्त12:27 –13:15
  • विजय मुहूर्त14:52 –15:40
  • गोधूलि मुहूर्त18:53 –19:17
  • सायाह्न संध्या18:53 –20:05
  • निशीथ मुहूर्त00:27 –01:15, 14 अक्टू॰
  • अमृत काल19:39 –21:08
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:23 –18:53
  • यमगंड12:51 –14:22
  • गुलिक काल15:52 –17:23
  • दुर्मुहूर्त17:17 –18:05
  • वर्ज्य10:41 –12:11
  • भद्रा22:29 –06:48, 14 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:48 – 08:19
  • चरसम08:19 – 09:50
  • लाभलाभ09:50 – 11:20
  • अमृतश्रेष्ठ11:20 – 12:51
  • कालहानि12:51 – 14:22
  • शुभशुभ14:22 – 15:52
  • रोगअनिष्ट15:52 – 17:23
  • उद्वेगअशुभ17:23 – 18:53
रात
  • शुभशुभ18:53 – 20:23
  • अमृतश्रेष्ठ20:23 – 21:52
  • चरसम21:52 – 23:21
  • रोगअनिष्ट23:21 – 00:51
  • कालहानि00:51 – 02:20
  • लाभलाभ02:20 – 03:49
  • उद्वेगअशुभ03:49 – 05:19
  • शुभशुभ05:19 – 06:48

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:48–07:49
शुक्र07:49–08:49
बुध08:49–09:50
चन्द्र09:50–10:50
शनि10:50–11:50
गुरु11:50–12:51
मंगल12:51–13:51
सूर्य13:51–14:52
शुक्र14:52–15:52
बुध15:52–16:53
चन्द्र16:53–17:53
शनि17:53–18:53
रात
ग्रहसमय
गुरु18:53–19:53
मंगल19:53–20:53
सूर्य20:53–21:52
शुक्र21:52–22:52
बुध22:52–23:51
चन्द्र23:51–00:51
शनि00:51–01:50
गुरु01:50–02:50
मंगल02:50–03:49
सूर्य03:49–04:49
शुक्र04:49–05:49
बुध05:49–06:48

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 4 पद06:57 तक
  • धनिष्ठा 1 पद12:37 तक
  • धनिष्ठा 2 पद18:14 तक
  • धनिष्ठा 3 पद23:49 तक
  • धनिष्ठा 4 पद05:21, 14 अक्टू॰ तक
  • शतभिषा 1 पद10:52, 14 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 5m
रात्रिमान
11h 55m
मध्याह्न
12:51

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 18:14 तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 06:57 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · 05:21, 14 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
दक्षिण · 18:14 तकपश्चिम
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:39 तकआकाश
शिववास
सभा में · 11:39 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:48 –06:57
  • राज पंचक06:57 –07:07
  • शुभ मुहूर्त07:07 –09:05
  • चोर पंचक09:05 –11:13
  • शुभ मुहूर्त11:13 –11:39
  • रोग पंचक11:39 –13:22
  • शुभ मुहूर्त13:22 –15:22
  • मृत्यु पंचक15:22 –17:13
  • अग्नि पंचक17:13 –19:03
  • शुभ मुहूर्त19:03 –20:59
  • मृत्यु पंचक20:59 –23:06
  • अग्नि पंचक23:06 –01:15, 14 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:15 –03:18, 14 अक्टू॰
  • राज पंचक03:18 –05:11, 14 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:11 –05:21, 14 अक्टू॰
  • चोर पंचक05:21 –06:48, 14 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:15 –07:07
  • तुला07:07 –09:05
  • वृश्चिक09:05 –11:13
  • धनु11:13 –13:22
  • मकर13:22 –15:22
  • कुम्भ15:22 –17:13
  • मीन17:13 –19:03
  • मेष19:03 –20:59
  • वृषभ20:59 –23:06
  • मिथुन23:06 –01:15, 14 अक्टू॰
  • कर्क01:15 –03:18, 14 अक्टू॰
  • सिंह03:18 –05:11, 14 अक्टू॰
  • कन्या05:11 –07:03, 14 अक्टू॰

पंचांग · सिंगापुर, 13 अक्टूबर 2024

रविवार, 13 अक्टूबर 2024 को सिंगापुर में सूर्योदय 06:48 और सूर्यास्त 18:53 पर है। तिथि शुक्ल दशमी 11:39 तक, फिर शुक्ल एकादशी; नक्षत्र श्रवण 06:57 तक, फिर धनिष्ठा; योग शूल 23:55 तक, फिर गण्ड; करण गर 11:39 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 17:23–18:53, अभिजित मुहूर्त 12:27–13:15। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

सिंगापुर में 13 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल दशमी 11:39 तक, फिर शुक्ल एकादशी (सूर्योदय 06:48, सिंगापुर)।

13 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 06:57 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 18:14 तक।

सिंगापुर में 13 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:23–18:53, यमगण्ड 12:51–14:22, गुलिक काल 15:52–17:23।

सिंगापुर में 13 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:48, सूर्यास्त 18:53, चंद्रोदय 15:21 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

13 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:27–13:15, ब्रह्म मुहूर्त 05:13–06:01। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

13 अक्टूबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

पापांकुशा एकादशी।

सिंगापुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2033° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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