पंचांग · सोमवार, 19 अगस्त 2024शिमला

श्रावण · पूर्णिमा · विक्रम संवत 2081रक्षा बंधनपूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:50सूर्योदय19:00सूर्यास्त
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल · 23:55 तक
नक्षत्र
श्रवण
08:10 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5019:00
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:28 –09:07
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:50दिन19:00
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:00रात05:50
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. पूर्णिमा
    23:55 तक
  2. कृष्ण प्रतिपदा
    20:33, 20 अग॰ तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    08:10 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    05:45, 20 अग॰ तक
  3. शतभिषास्वामी राहु
    03:09, 21 अग॰ तक
योग
  1. शोभन
    00:46, 20 अग॰ तक
  2. अतिगण्ड
    20:55, 20 अग॰ तक
करण
  1. विष्टि
    13:32 तक
  2. बव
    23:55 तक
  3. बालव
    10:15, 20 अग॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:50
बिंब मध्य 05:53
सूर्यास्त
19:00
बिंब मध्य 18:55
चंद्रोदय
19:01
चंद्रास्त
04:55
दिनमान
13h 10m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मकर
18:59 तक
सूर्य राशि
सिंह

चांद्र पंचांग

अमांत मास
श्रावण
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:23 –05:06
  • प्रातः संध्या04:45 –05:50
  • अभिजित मुहूर्त11:58 –12:51
  • विजय मुहूर्त14:36 –15:29
  • गोधूलि मुहूर्त19:00 –19:21
  • सायाह्न संध्या19:00 –20:05
  • निशीथ मुहूर्त00:03 –00:47, 20 अग॰
  • अमृत काल20:24 –21:50
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:28 –09:07
  • यमगंड10:46 –12:25
  • गुलिक काल14:03 –15:42
  • दुर्मुहूर्त12:51 –13:44
  • दुर्मुहूर्त15:29 –16:22
  • वर्ज्य11:46 –13:12
  • भद्रा05:50 –13:32

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:50 – 07:28
  • कालहानि07:28 – 09:07
  • शुभशुभ09:07 – 10:46
  • रोगअनिष्ट10:46 – 12:25
  • उद्वेगअशुभ12:25 – 14:03
  • चरसम14:03 – 15:42
  • लाभलाभ15:42 – 17:21
  • अमृतश्रेष्ठ17:21 – 19:00
रात
  • चरसम19:00 – 20:21
  • रोगअनिष्ट20:21 – 21:42
  • कालहानि21:42 – 23:04
  • लाभलाभ23:04 – 00:25
  • उद्वेगअशुभ00:25 – 01:46
  • शुभशुभ01:46 – 03:08
  • अमृतश्रेष्ठ03:08 – 04:29
  • चरसम04:29 – 05:50

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:50–06:56
शनि06:56–08:01
गुरु08:01–09:07
मंगल09:07–10:13
सूर्य10:13–11:19
शुक्र11:19–12:25
बुध12:25–13:30
चन्द्र13:30–14:36
शनि14:36–15:42
गुरु15:42–16:48
मंगल16:48–17:54
सूर्य17:54–19:00
रात
ग्रहसमय
शुक्र19:00–19:54
बुध19:54–20:48
चन्द्र20:48–21:42
शनि21:42–22:36
गुरु22:36–23:31
मंगल23:31–00:25
सूर्य00:25–01:19
शुक्र01:19–02:13
बुध02:13–03:08
चन्द्र03:08–04:02
शनि04:02–04:56
गुरु04:56–05:50

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 4 पद08:10 तक
  • धनिष्ठा 1 पद13:35 तक
  • धनिष्ठा 2 पद18:59 तक
  • धनिष्ठा 3 पद00:23, 20 अग॰ तक
  • धनिष्ठा 4 पद05:45, 20 अग॰ तक
  • शतभिषा 1 पद11:07, 20 अग॰ तक
सूर्य नक्षत्र
मघा 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 10m
रात्रिमान
10h 50m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 18:59 तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 08:10 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · 05:45, 20 अग॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण · 18:59 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 23:55 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 23:55 तकगौरी के साथ
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक05:50 –08:02
  • शुभ मुहूर्त08:02 –08:10
  • मृत्यु पंचक08:10 –10:21
  • अग्नि पंचक10:21 –12:43
  • शुभ मुहूर्त12:43 –15:03
  • राज पंचक15:03 –17:06
  • शुभ मुहूर्त17:06 –18:47
  • चोर पंचक18:47 –20:11
  • शुभ मुहूर्त20:11 –23:06
  • चोर पंचक23:06 –23:55
  • शुभ मुहूर्त23:55 –01:01, 20 अग॰
  • रोग पंचक01:01 –03:16, 20 अग॰
  • शुभ मुहूर्त03:16 –05:38, 20 अग॰
  • मृत्यु पंचक05:38 –05:45, 20 अग॰
  • अग्नि पंचक05:45 –05:50, 20 अग॰

उदय लग्न

  • सिंह05:42 –08:02
  • कन्या08:02 –10:21
  • तुला10:21 –12:43
  • वृश्चिक12:43 –15:03
  • धनु15:03 –17:06
  • मकर17:06 –18:47
  • कुम्भ18:47 –20:11
  • मीन20:11 –21:34
  • मेष21:34 –23:06
  • वृषभ23:06 –01:01, 20 अग॰
  • मिथुन01:01 –03:16, 20 अग॰
  • कर्क03:16 –05:38, 20 अग॰
  • सिंह05:38 –07:58, 20 अग॰

पंचांग · शिमला, 19 अगस्त 2024

सोमवार, 19 अगस्त 2024 को शिमला में सूर्योदय 05:50 और सूर्यास्त 19:00 पर है। तिथि पूर्णिमा 23:55 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र श्रवण 08:10 तक, फिर धनिष्ठा; योग शोभन 20 अगस्त 00:46 तक, फिर अतिगण्ड; करण विष्टि 13:32 तक, फिर बव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 07:28–09:07, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:51। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

शिमला में 19 अगस्त 2024 को कौन सी तिथि है?

पूर्णिमा 23:55 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 05:50, शिमला)।

19 अगस्त 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 08:10 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 18:59 तक।

शिमला में 19 अगस्त 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:28–09:07, यमगण्ड 10:46–12:25, गुलिक काल 14:03–15:42।

शिमला में 19 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:50, सूर्यास्त 19:00, चंद्रोदय 19:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 अगस्त 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:58–12:51, ब्रह्म मुहूर्त 04:23–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

19 अगस्त 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

रक्षा बंधन, पूर्णिमा।

शिमला हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2012° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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