पंचांग · शनिवार, 15 अप्रैल 2023शिमला

चैत्र · कृष्ण दशमी · विक्रम संवत 2080

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:54सूर्योदय18:49सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण दशमी
कृष्ण · 20:45 तक
नक्षत्र
श्रवण
07:35 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5418:49
शनिवार · शनि
राहु काल
09:08 –10:45
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:54दिन18:49
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:49रात05:53
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण दशमी
    20:45 तक
  2. कृष्ण एकादशी
    18:14, 16 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. श्रवणस्वामी चन्द्र
    07:35 तक
  2. धनिष्ठास्वामी मंगल
    05:51, 16 अप्रैल तक
  3. शतभिषास्वामी राहु
    04:07, 17 अप्रैल तक
योग
  1. साध्य
    06:32 तक
  2. शुभ
    03:23, 16 अप्रैल तक
  3. शुक्ल
    00:13, 17 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    10:00 तक
  2. विष्टि
    20:45 तक
  3. बव
    07:30, 16 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:54
बिंब मध्य 05:58
सूर्यास्त
18:49
बिंब मध्य 18:45
चंद्रोदय
03:00
चंद्रास्त
13:40
दिनमान
12h 55m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
मकर
18:44 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2080
शक संवत
1945

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:25 –05:10
  • प्रातः संध्या04:48 –05:54
  • अभिजित मुहूर्त11:56 –12:48
  • विजय मुहूर्त14:31 –15:23
  • गोधूलि मुहूर्त18:49 –19:11
  • सायाह्न संध्या18:49 –19:56
  • निशीथ मुहूर्त23:59 –00:43, 16 अप्रैल
  • अमृत काल20:12 –21:41
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:08 –10:45
  • यमगंड13:59 –15:35
  • गुलिक काल05:54 –07:31
  • दुर्मुहूर्त05:54 –06:46
  • दुर्मुहूर्त06:46 –07:37
  • वर्ज्य11:18 –12:47
  • भद्रा10:00 –20:45

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:54 – 07:31
  • शुभशुभ07:31 – 09:08
  • रोगअनिष्ट09:08 – 10:45
  • उद्वेगअशुभ10:45 – 12:22
  • चरसम12:22 – 13:59
  • लाभलाभ13:59 – 15:35
  • अमृतश्रेष्ठ15:35 – 17:12
  • कालहानि17:12 – 18:49
रात
  • लाभलाभ18:49 – 20:12
  • उद्वेगअशुभ20:12 – 21:35
  • शुभशुभ21:35 – 22:58
  • अमृतश्रेष्ठ22:58 – 00:21
  • चरसम00:21 – 01:44
  • रोगअनिष्ट01:44 – 03:07
  • कालहानि03:07 – 04:30
  • लाभलाभ04:30 – 05:53

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:54–06:59
गुरु06:59–08:03
मंगल08:03–09:08
सूर्य09:08–10:12
शुक्र10:12–11:17
बुध11:17–12:22
चन्द्र12:22–13:26
शनि13:26–14:31
गुरु14:31–15:35
मंगल15:35–16:40
सूर्य16:40–17:45
शुक्र17:45–18:49
रात
ग्रहसमय
बुध18:49–19:45
चन्द्र19:45–20:40
शनि20:40–21:35
गुरु21:35–22:31
मंगल22:31–23:26
सूर्य23:26–00:21
शुक्र00:21–01:16
बुध01:16–02:12
चन्द्र02:12–03:07
शनि03:07–04:02
गुरु04:02–04:58
मंगल04:58–05:53

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • श्रवण 4 पद07:35 तक
  • धनिष्ठा 1 पद13:10 तक
  • धनिष्ठा 2 पद18:44 तक
  • धनिष्ठा 3 पद00:18, 16 अप्रैल तक
  • धनिष्ठा 4 पद05:51, 16 अप्रैल तक
  • शतभिषा 1 पद11:25, 16 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 55m
रात्रिमान
11h 4m
मध्याह्न
12:22

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · 18:44 तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कुम्भ · अगले सूर्योदय तक
मेषवृषभसिंहकन्याधनुकुम्भ
कर्क राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
श्रवण · 07:35 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
धनिष्ठा · 05:51, 16 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
शतभिषा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
दक्षिण · 18:44 तकपश्चिम
अग्निवास
आकाश · 20:45 तकपाताल
शिववास
क्रीड़ा में · 20:45 तककैलाश पर
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:54 –05:56
  • मृत्यु पंचक05:56 –07:29
  • अग्नि पंचक07:29 –07:35
  • शुभ मुहूर्त07:35 –09:23
  • राज पंचक09:23 –11:38
  • शुभ मुहूर्त11:38 –14:01
  • चोर पंचक14:01 –16:20
  • शुभ मुहूर्त16:20 –18:39
  • रोग पंचक18:39 –20:45
  • शुभ मुहूर्त20:45 –21:01
  • मृत्यु पंचक21:01 –23:21
  • अग्नि पंचक23:21 –01:25, 16 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:25 –03:05, 16 अप्रैल
  • राज पंचक03:05 –04:30, 16 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:30 –05:51, 16 अप्रैल
  • चोर पंचक05:51 –05:52, 16 अप्रैल
  • राज पंचक05:52 –05:53, 16 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:34 –05:56
  • मेष05:56 –07:29
  • वृषभ07:29 –09:23
  • मिथुन09:23 –11:38
  • कर्क11:38 –14:01
  • सिंह14:01 –16:20
  • कन्या16:20 –18:39
  • तुला18:39 –21:01
  • वृश्चिक21:01 –23:21
  • धनु23:21 –01:25, 16 अप्रैल
  • मकर01:25 –03:05, 16 अप्रैल
  • कुम्भ03:05 –04:30, 16 अप्रैल
  • मीन04:30 –05:52, 16 अप्रैल
  • मेष05:52 –07:25, 16 अप्रैल

पंचांग · शिमला, 15 अप्रैल 2023

शनिवार, 15 अप्रैल 2023 को शिमला में सूर्योदय 05:54 और सूर्यास्त 18:49 पर है। तिथि कृष्ण दशमी 20:45 तक, फिर कृष्ण एकादशी; नक्षत्र श्रवण 07:35 तक, फिर धनिष्ठा; योग साध्य 06:32 तक, फिर शुभ; करण वणिज 10:00 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:08–10:45, अभिजित मुहूर्त 11:56–12:48। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2080, शक संवत 1945।

इस दिन के बारे में प्रश्न

शिमला में 15 अप्रैल 2023 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण दशमी 20:45 तक, फिर कृष्ण एकादशी (सूर्योदय 05:54, शिमला)।

15 अप्रैल 2023 को कौन सा नक्षत्र है?

श्रवण 07:35 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 18:44 तक।

शिमला में 15 अप्रैल 2023 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:08–10:45, यमगण्ड 13:59–15:35, गुलिक काल 05:54–07:31।

शिमला में 15 अप्रैल 2023 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:54, सूर्यास्त 18:49, चंद्रोदय 03:00 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 अप्रैल 2023 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:56–12:48, ब्रह्म मुहूर्त 04:25–05:10। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

शिमला हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2023आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2023मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1824° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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