पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030पटना

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:22सूर्योदय18:15सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 22:10 तक
नक्षत्र
विशाखा
07:40 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2218:15
शनिवार · शनि
राहु काल
08:35 –10:12
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:22दिन18:15
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:15रात05:21
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    22:10 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    19:03, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    07:40 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    05:07, 21 अप्रैल तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:56, 22 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    19:02 तक
  2. वरीयान्
    15:19, 21 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    11:51 तक
  2. विष्टि
    22:10 तक
  3. बव
    08:34, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:22
बिंब मध्य 05:26
सूर्यास्त
18:15
बिंब मध्य 18:11
चंद्रोदय
20:55
चंद्रास्त
06:50
दिनमान
12h 53m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:56, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:53 –04:38
  • प्रातः संध्या04:16 –05:22
  • अभिजित मुहूर्त11:23 –12:14
  • विजय मुहूर्त13:57 –14:49
  • गोधूलि मुहूर्त18:15 –18:37
  • सायाह्न संध्या18:15 –19:21
  • निशीथ मुहूर्त23:26 –00:10, 21 अप्रैल
  • अमृत काल19:49 –21:15
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:35 –10:12
  • यमगंड13:25 –15:02
  • गुलिक काल05:22 –06:59
  • दुर्मुहूर्त05:22 –06:14
  • दुर्मुहूर्त06:14 –07:05
  • वर्ज्य11:14 –12:40
  • गंड मूल05:07 –05:21, 21 अप्रैल
  • भद्रा11:51 –22:10

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:22 – 06:59
  • शुभशुभ06:59 – 08:35
  • रोगअनिष्ट08:35 – 10:12
  • उद्वेगअशुभ10:12 – 11:49
  • चरसम11:49 – 13:25
  • लाभलाभ13:25 – 15:02
  • अमृतश्रेष्ठ15:02 – 16:38
  • कालहानि16:38 – 18:15
रात
  • लाभलाभ18:15 – 19:38
  • उद्वेगअशुभ19:38 – 21:01
  • शुभशुभ21:01 – 22:25
  • अमृतश्रेष्ठ22:25 – 23:48
  • चरसम23:48 – 01:11
  • रोगअनिष्ट01:11 – 02:35
  • कालहानि02:35 – 03:58
  • लाभलाभ03:58 – 05:21

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:22–06:27
गुरु06:27–07:31
मंगल07:31–08:35
सूर्य08:35–09:40
शुक्र09:40–10:44
बुध10:44–11:49
चन्द्र11:49–12:53
शनि12:53–13:57
गुरु13:57–15:02
मंगल15:02–16:06
सूर्य16:06–17:10
शुक्र17:10–18:15
रात
ग्रहसमय
बुध18:15–19:10
चन्द्र19:10–20:06
शनि20:06–21:01
गुरु21:01–21:57
मंगल21:57–22:53
सूर्य22:53–23:48
शुक्र23:48–00:44
बुध00:44–01:39
चन्द्र01:39–02:35
शनि02:35–03:30
गुरु03:30–04:26
मंगल04:26–05:21

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद07:40 तक
  • अनुराधा 1 पद13:00 तक
  • अनुराधा 2 पद18:21 तक
  • अनुराधा 3 पद23:43 तक
  • अनुराधा 4 पद05:07, 21 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद10:32, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 53m
रात्रिमान
11h 6m
मध्याह्न
11:49

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 07:40 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 05:07, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 22:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 22:10 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:22 –06:46
  • शुभ मुहूर्त06:46 –07:40
  • रोग पंचक07:40 –08:43
  • शुभ मुहूर्त08:43 –10:57
  • मृत्यु पंचक10:57 –13:15
  • अग्नि पंचक13:15 –15:29
  • शुभ मुहूर्त15:29 –17:43
  • राज पंचक17:43 –19:59
  • शुभ मुहूर्त19:59 –22:10
  • चोर पंचक22:10 –22:16
  • शुभ मुहूर्त22:16 –00:21, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक00:21 –02:06, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:06 –03:36, 21 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:36 –05:04, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक05:04 –05:07, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:07 –05:21, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:08 –06:46
  • वृषभ06:46 –08:43
  • मिथुन08:43 –10:57
  • कर्क10:57 –13:15
  • सिंह13:15 –15:29
  • कन्या15:29 –17:43
  • तुला17:43 –19:59
  • वृश्चिक19:59 –22:16
  • धनु22:16 –00:21, 21 अप्रैल
  • मकर00:21 –02:06, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:06 –03:36, 21 अप्रैल
  • मीन03:36 –05:04, 21 अप्रैल
  • मेष05:04 –06:42, 21 अप्रैल

पंचांग · पटना, 20 अप्रैल 2030

शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को पटना में सूर्योदय 05:22 और सूर्यास्त 18:15 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 19:02 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 11:51 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 08:35–10:12, अभिजित मुहूर्त 11:23–12:14। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

पटना में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:22, पटना)।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।

पटना में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:35–10:12, यमगण्ड 13:25–15:02, गुलिक काल 05:22–06:59।

पटना में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:22, सूर्यास्त 18:15, चंद्रोदय 20:55 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:23–12:14, ब्रह्म मुहूर्त 03:53–04:38। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

पटना हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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