पंचांग · गुरुवार, 3 अक्टूबर 2047नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- पूर्णिमा05:12, 4 अक्टू॰ तक
- कृष्ण प्रतिपदा07:07, 5 अक्टू॰ तक
- उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि06:11, 4 अक्टू॰ तक
- रेवतीस्वामी बुध08:39, 5 अक्टू॰ तक
- वृद्धि18:52 तक
- ध्रुव19:13, 4 अक्टू॰ तक
- विष्टि16:21 तक
- बव05:12, 4 अक्टू॰ तक
- बालव18:07, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:18
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:01
- चंद्रोदय
- 17:28
- चंद्रास्त
- 05:30
- दिनमान
- 11h 50m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मीन08:39, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2104
- शक संवत
- 1969
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:26
- प्रातः संध्या05:02 –06:15
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:34
- विजय मुहूर्त14:08 –14:56
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:30
- सायाह्न संध्या18:05 –19:18
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 4 अक्टू॰
- अमृत काल00:57 –02:41, 4 अक्टू॰
- राहु काल13:39 –15:08
- यमगंड06:15 –07:44
- गुलिक काल09:13 –10:41
- दुर्मुहूर्त10:12 –10:59
- दुर्मुहूर्त14:56 –15:43
- वर्ज्य14:29 –16:14
- गंड मूल06:11 –06:15, 4 अक्टू॰
- भद्रा06:15 –16:21
चौघड़िया
- शुभशुभ06:15 – 07:44
- रोगअनिष्ट07:44 – 09:13
- उद्वेगअशुभ09:13 – 10:41
- चरसम10:41 – 12:10
- लाभलाभ12:10 – 13:39
- अमृतश्रेष्ठ13:39 – 15:08
- कालहानि15:08 – 16:36
- शुभशुभ16:36 – 18:05
- अमृतश्रेष्ठ18:05 – 19:36
- चरसम19:36 – 21:08
- रोगअनिष्ट21:08 – 22:39
- कालहानि22:39 – 00:10
- लाभलाभ00:10 – 01:42
- उद्वेगअशुभ01:42 – 03:13
- शुभशुभ03:13 – 04:44
- अमृतश्रेष्ठ04:44 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:15–07:14 |
| मंगल | 07:14–08:13 |
| सूर्य | 08:13–09:13 |
| शुक्र | 09:13–10:12 |
| बुध | 10:12–11:11 |
| चन्द्र | 11:11–12:10 |
| शनि | 12:10–13:09 |
| गुरु | 13:09–14:08 |
| मंगल | 14:08–15:08 |
| सूर्य | 15:08–16:07 |
| शुक्र | 16:07–17:06 |
| बुध | 17:06–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 18:05–19:06 |
| शनि | 19:06–20:07 |
| गुरु | 20:07–21:08 |
| मंगल | 21:08–22:09 |
| सूर्य | 22:09–23:09 |
| शुक्र | 23:09–00:10 |
| बुध | 00:10–01:11 |
| चन्द्र | 01:11–02:12 |
| शनि | 02:12–03:13 |
| गुरु | 03:13–04:14 |
| मंगल | 04:14–05:15 |
| सूर्य | 05:15–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तरभाद्रपद 1 पद10:32 तक
- उत्तरभाद्रपद 2 पद17:04 तक
- उत्तरभाद्रपद 3 पद23:36 तक
- उत्तरभाद्रपद 4 पद06:11, 4 अक्टू॰ तक
- रेवती 1 पद12:46, 4 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 50m
- रात्रिमान
- 12h 10m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- आकाश · 05:12, 4 अक्टू॰ तकपाताल
- शिववास
- श्मशान में · 05:12, 4 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:15 –07:26
- रोग पंचक07:26 –09:45
- शुभ मुहूर्त09:45 –12:04
- मृत्यु पंचक12:04 –14:07
- अग्नि पंचक14:07 –15:49
- शुभ मुहूर्त15:49 –17:17
- राज पंचक17:17 –18:42
- अग्नि पंचक18:42 –20:17
- शुभ मुहूर्त20:17 –22:13
- राज पंचक22:13 –00:28, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:28 –02:48, 4 अक्टू॰
- चोर पंचक02:48 –05:05, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:05 –05:12, 4 अक्टू॰
- रोग पंचक05:12 –06:11, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त06:11 –06:15, 4 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:09 –07:26
- तुला07:26 –09:45
- वृश्चिक09:45 –12:04
- धनु12:04 –14:07
- मकर14:07 –15:49
- कुम्भ15:49 –17:17
- मीन17:17 –18:42
- मेष18:42 –20:17
- वृषभ20:17 –22:13
- मिथुन22:13 –00:28, 4 अक्टू॰
- कर्क00:28 –02:48, 4 अक्टू॰
- सिंह02:48 –05:05, 4 अक्टू॰
- कन्या05:05 –07:22, 4 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2047
गुरुवार, 3 अक्टूबर 2047 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि पूर्णिमा 4 अक्टूबर 05:12 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 4 अक्टूबर 06:11 तक, फिर रेवती; योग वृद्धि 18:52 तक, फिर ध्रुव; करण विष्टि 16:21 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:39–15:08, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2104, शक संवत 1969।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2047 को कौन सी तिथि है?
पूर्णिमा 4 अक्टूबर 05:12 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।
3 अक्टूबर 2047 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तरभाद्रपद 4 अक्टूबर 06:11 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 5 अक्टूबर 08:39 तक।
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2047 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:39–15:08, यमगण्ड 06:15–07:44, गुलिक काल 09:13–10:41।
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2047 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 17:28 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अक्टूबर 2047 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 अक्टूबर 2047 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
शरद पूर्णिमा, पूर्णिमा।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2047आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2047मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.5242° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP