पंचांग · शुक्रवार, 12 अप्रैल 2047नई दिल्ली

चैत्र · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2104

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:59सूर्योदय18:45सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 08:18 तक
नक्षत्र
विशाखा
03:01, 13 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5918:45
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:47 –12:22
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:59दिन18:45
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
यमगंड
भद्रा
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:45रात05:58
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

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सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    08:18 तक
  2. कृष्ण तृतीया
    04:50, 13 अप्रैल तक
  3. कृष्ण चतुर्थी
    01:51, 14 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    03:01, 13 अप्रैल तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    00:46, 14 अप्रैल तक
योग
  1. वज्र
    09:26 तक
  2. सिद्धि
    05:27, 13 अप्रैल तक
  3. व्यतीपात
    01:54, 14 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    08:18 तक
  2. वणिज
    18:31 तक
  3. विष्टि
    04:50, 13 अप्रैल तक
  4. बव
    15:16, 13 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:59
बिंब मध्य 06:03
सूर्यास्त
18:45
बिंब मध्य 18:41
चंद्रोदय
21:15
चंद्रास्त
06:57
दिनमान
12h 46m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
तुला
21:39 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2104
शक संवत
1969

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:29 –05:14
  • प्रातः संध्या04:52 –05:59
  • अभिजित मुहूर्त11:57 –12:48
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:21
  • गोधूलि मुहूर्त18:45 –19:08
  • सायाह्न संध्या18:45 –19:52
  • निशीथ मुहूर्त23:59 –00:44, 13 अप्रैल
  • अमृत काल19:13 –20:38
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:47 –12:22
  • यमगंड15:34 –17:09
  • गुलिक काल07:35 –09:11
  • दुर्मुहूर्त08:32 –09:24
  • दुर्मुहूर्त12:48 –13:39
  • वर्ज्य10:42 –12:07
  • भद्रा18:31 –04:50, 13 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम05:59 – 07:35
  • लाभलाभ07:35 – 09:11
  • अमृतश्रेष्ठ09:11 – 10:47
  • कालहानि10:47 – 12:22
  • शुभशुभ12:22 – 13:58
  • रोगअनिष्ट13:58 – 15:34
  • उद्वेगअशुभ15:34 – 17:09
  • चरसम17:09 – 18:45
रात
  • रोगअनिष्ट18:45 – 20:09
  • कालहानि20:09 – 21:33
  • लाभलाभ21:33 – 22:58
  • उद्वेगअशुभ22:58 – 00:22
  • शुभशुभ00:22 – 01:46
  • अमृतश्रेष्ठ01:46 – 03:10
  • चरसम03:10 – 04:34
  • रोगअनिष्ट04:34 – 05:58

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र05:59–07:03
बुध07:03–08:07
चन्द्र08:07–09:11
शनि09:11–10:15
गुरु10:15–11:18
मंगल11:18–12:22
सूर्य12:22–13:26
शुक्र13:26–14:30
बुध14:30–15:34
चन्द्र15:34–16:38
शनि16:38–17:41
गुरु17:41–18:45
रात
ग्रहसमय
मंगल18:45–19:41
सूर्य19:41–20:37
शुक्र20:37–21:33
बुध21:33–22:30
चन्द्र22:30–23:26
शनि23:26–00:22
गुरु00:22–01:18
मंगल01:18–02:14
सूर्य02:14–03:10
शुक्र03:10–04:06
बुध04:06–05:02
चन्द्र05:02–05:58

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 1 पद11:01 तक
  • विशाखा 2 पद16:20 तक
  • विशाखा 3 पद21:39 तक
  • विशाखा 4 पद03:01, 13 अप्रैल तक
  • अनुराधा 1 पद08:24, 13 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 46m
रात्रिमान
11h 13m
मध्याह्न
12:22

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
तुला · 21:39 तक
मेषवृषभसिंहतुलाधनुमकर
मीन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 03:01, 13 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पश्चिम · 21:39 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:18 तकआकाश · 04:50, 13 अप्रैल तकपाताल
शिववास
सभा में · 08:18 तकक्रीड़ा में · 04:50, 13 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:59 –06:10
  • राज पंचक06:10 –07:45
  • शुभ मुहूर्त07:45 –08:18
  • चोर पंचक08:18 –09:41
  • शुभ मुहूर्त09:41 –11:56
  • रोग पंचक11:56 –14:16
  • शुभ मुहूर्त14:16 –16:33
  • मृत्यु पंचक16:33 –18:50
  • अग्नि पंचक18:50 –21:09
  • शुभ मुहूर्त21:09 –23:28
  • राज पंचक23:28 –01:32, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:32 –03:01, 13 अप्रैल
  • चोर पंचक03:01 –03:14, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:14 –04:41, 13 अप्रैल
  • रोग पंचक04:41 –04:50, 13 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:50 –05:58, 13 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:45 –06:10
  • मेष06:10 –07:45
  • वृषभ07:45 –09:41
  • मिथुन09:41 –11:56
  • कर्क11:56 –14:16
  • सिंह14:16 –16:33
  • कन्या16:33 –18:50
  • तुला18:50 –21:09
  • वृश्चिक21:09 –23:28
  • धनु23:28 –01:32, 13 अप्रैल
  • मकर01:32 –03:14, 13 अप्रैल
  • कुम्भ03:14 –04:41, 13 अप्रैल
  • मीन04:41 –06:06, 13 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 12 अप्रैल 2047

शुक्रवार, 12 अप्रैल 2047 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 18:45 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 08:18 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र विशाखा 13 अप्रैल 03:01 तक, फिर अनुराधा; योग वज्र 09:26 तक, फिर सिद्धि; करण गर 08:18 तक, फिर वणिज। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:47–12:22, अभिजित मुहूर्त 11:57–12:48। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2104, शक संवत 1969।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 12 अप्रैल 2047 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 08:18 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:59, नई दिल्ली)।

12 अप्रैल 2047 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 13 अप्रैल 03:01 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा तुला राशि में 21:39 तक।

नई दिल्ली में 12 अप्रैल 2047 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:47–12:22, यमगण्ड 15:34–17:09, गुलिक काल 07:35–09:11।

नई दिल्ली में 12 अप्रैल 2047 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 18:45, चंद्रोदय 21:15 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

12 अप्रैल 2047 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:57–12:48, ब्रह्म मुहूर्त 04:29–05:14। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2047आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2047मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.5176° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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