पंचांग · रविवार, 4 दिसंबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल चतुर्दशी08:18 तक
- पूर्णिमा05:04, 5 दिस॰ तक
- कृष्ण प्रतिपदा01:35, 6 दिस॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य14:36 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र12:01, 5 दिस॰ तक
- शिव12:01 तक
- सिद्ध08:06, 5 दिस॰ तक
- वणिज08:18 तक
- विष्टि18:43 तक
- बव05:04, 5 दिस॰ तक
- बालव15:20, 5 दिस॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:59बिंब मध्य 07:03
- सूर्यास्त
- 17:24बिंब मध्य 17:19
- चंद्रोदय
- 16:35
- चंद्रास्त
- 06:08
- दिनमान
- 10h 25m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- वृषभ22:38, 5 दिस॰ तक
- सूर्य राशि
- वृश्चिक
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पूर्णिमांत मास
- मार्गशीर्ष
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- हेमंत
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त05:10 –06:05
- प्रातः संध्या05:37 –06:59
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:32
- विजय मुहूर्त13:56 –14:37
- गोधूलि मुहूर्त17:24 –17:51
- सायाह्न संध्या17:24 –18:46
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:39, 5 दिस॰
- अमृत काल12:26 –13:53
- राहु काल16:06 –17:24
- यमगंड12:11 –13:30
- गुलिक काल14:48 –16:06
- दुर्मुहूर्त16:01 –16:42
- वर्ज्य04:52 –06:18, 5 दिस॰
- भद्रा08:18 –18:43
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:59 – 08:17
- चरसम08:17 – 09:35
- लाभलाभ09:35 – 10:53
- अमृतश्रेष्ठ10:53 – 12:11
- कालहानि12:11 – 13:30
- शुभशुभ13:30 – 14:48
- रोगअनिष्ट14:48 – 16:06
- उद्वेगअशुभ16:06 – 17:24
- शुभशुभ17:24 – 19:06
- अमृतश्रेष्ठ19:06 – 20:48
- चरसम20:48 – 22:30
- रोगअनिष्ट22:30 – 00:12
- कालहानि00:12 – 01:54
- लाभलाभ01:54 – 03:36
- उद्वेगअशुभ03:36 – 05:18
- शुभशुभ05:18 – 07:00
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:59–07:51 |
| शुक्र | 07:51–08:43 |
| बुध | 08:43–09:35 |
| चन्द्र | 09:35–10:27 |
| शनि | 10:27–11:19 |
| गुरु | 11:19–12:11 |
| मंगल | 12:11–13:03 |
| सूर्य | 13:03–13:56 |
| शुक्र | 13:56–14:48 |
| बुध | 14:48–15:40 |
| चन्द्र | 15:40–16:32 |
| शनि | 16:32–17:24 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 17:24–18:32 |
| मंगल | 18:32–19:40 |
| सूर्य | 19:40–20:48 |
| शुक्र | 20:48–21:56 |
| बुध | 21:56–23:04 |
| चन्द्र | 23:04–00:12 |
| शनि | 00:12–01:20 |
| गुरु | 01:20–02:28 |
| मंगल | 02:28–03:36 |
| सूर्य | 03:36–04:44 |
| शुक्र | 04:44–05:52 |
| बुध | 05:52–07:00 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 3 पद09:12 तक
- कृत्तिका 4 पद14:36 तक
- रोहिणी 1 पद19:59 तक
- रोहिणी 2 पद01:20, 5 दिस॰ तक
- रोहिणी 3 पद06:41, 5 दिस॰ तक
- रोहिणी 4 पद12:01, 5 दिस॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- ज्येष्ठा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- हेमंत
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 10h 25m
- रात्रिमान
- 13h 36m
- मध्याह्न
- 12:11
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:18 तकआकाश · 05:04, 5 दिस॰ तकपाताल
- शिववास
- भोजन में · 08:18 तकश्मशान में · 05:04, 5 दिस॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:59 –07:57
- शुभ मुहूर्त07:57 –08:18
- मृत्यु पंचक08:18 –10:01
- अग्नि पंचक10:01 –11:43
- शुभ मुहूर्त11:43 –13:10
- राज पंचक13:10 –14:35
- अग्नि पंचक14:35 –14:36
- शुभ मुहूर्त14:36 –16:11
- राज पंचक16:11 –18:06
- शुभ मुहूर्त18:06 –20:21
- चोर पंचक20:21 –22:41
- शुभ मुहूर्त22:41 –00:59, 5 दिस॰
- रोग पंचक00:59 –03:15, 5 दिस॰
- शुभ मुहूर्त03:15 –05:04, 5 दिस॰
- मृत्यु पंचक05:04 –05:34, 5 दिस॰
- अग्नि पंचक05:34 –07:00, 5 दिस॰
उदय लग्न
- वृश्चिक05:38 –07:57
- धनु07:57 –10:01
- मकर10:01 –11:43
- कुम्भ11:43 –13:10
- मीन13:10 –14:35
- मेष14:35 –16:11
- वृषभ16:11 –18:06
- मिथुन18:06 –20:21
- कर्क20:21 –22:41
- सिंह22:41 –00:59, 5 दिस॰
- कन्या00:59 –03:15, 5 दिस॰
- तुला03:15 –05:34, 5 दिस॰
- वृश्चिक05:34 –07:53, 5 दिस॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 दिसंबर 2044
रविवार, 4 दिसंबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:59 और सूर्यास्त 17:24 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 08:18 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र कृत्तिका 14:36 तक, फिर रोहिणी; योग शिव 12:01 तक, फिर सिद्ध; करण वणिज 08:18 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य वृश्चिक राशि में। राहुकाल 16:06–17:24, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:32। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / मार्गशीर्ष (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 दिसंबर 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल चतुर्दशी 08:18 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 06:59, नई दिल्ली)।
4 दिसंबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 14:36 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 5 दिसंबर 22:38 तक।
नई दिल्ली में 4 दिसंबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:06–17:24, यमगण्ड 12:11–13:30, गुलिक काल 14:48–16:06।
नई दिल्ली में 4 दिसंबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:59, सूर्यास्त 17:24, चंद्रोदय 16:35 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 दिसंबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 05:10–06:05। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 दिसंबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दत्तात्रेय जयंती, पूर्णिमा।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर दिसंबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4847° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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