पंचांग · मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044नई दिल्ली

आश्विन · कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2101धनतेरसभौम प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:24सूर्योदय17:48सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वादशी
कृष्ण · 07:28 तक
नक्षत्र
पूर्व फाल्गुनी
10:38 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:2417:48
मंगलवार · मंगल
राहु काल
14:57 –16:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:24दिन17:48
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:48रात06:25
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
भद्रा
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वादशी
    07:28 तक
  2. कृष्ण त्रयोदशी
    06:19, 19 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण चतुर्दशी
    05:31, 20 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    10:38 तक
  2. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    10:14, 19 अक्टू॰ तक
योग
  1. ब्रह्मा
    19:58 तक
  2. इन्द्र
    18:03, 19 अक्टू॰ तक
करण
  1. तैतिल
    07:28 तक
  2. गर
    18:51 तक
  3. वणिज
    06:19, 19 अक्टू॰ तक
  4. विष्टि
    17:53, 19 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:24
बिंब मध्य 06:27
सूर्यास्त
17:48
बिंब मध्य 17:44
चंद्रोदय
03:35
चंद्रास्त
16:09
दिनमान
11h 24m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
सिंह
16:31 तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:34
  • प्रातः संध्या05:08 –06:24
  • अभिजित मुहूर्त11:43 –12:29
  • विजय मुहूर्त14:00 –14:46
  • गोधूलि मुहूर्त17:48 –18:13
  • सायाह्न संध्या17:48 –19:04
  • निशीथ मुहूर्त23:41 –00:32, 19 अक्टू॰
  • अमृत काल03:09 –04:44, 19 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:57 –16:23
  • यमगंड09:15 –10:41
  • गुलिक काल12:06 –13:32
  • दुर्मुहूर्त08:41 –09:26
  • दुर्मुहूर्त22:51 –23:41
  • वर्ज्य17:43 –19:17
  • भद्रा06:19 –06:25, 19 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट06:24 – 07:49
  • उद्वेगअशुभ07:49 – 09:15
  • चरसम09:15 – 10:41
  • लाभलाभ10:41 – 12:06
  • अमृतश्रेष्ठ12:06 – 13:32
  • कालहानि13:32 – 14:57
  • शुभशुभ14:57 – 16:23
  • रोगअनिष्ट16:23 – 17:48
रात
  • कालहानि17:48 – 19:23
  • लाभलाभ19:23 – 20:57
  • उद्वेगअशुभ20:57 – 22:32
  • शुभशुभ22:32 – 00:06
  • अमृतश्रेष्ठ00:06 – 01:41
  • चरसम01:41 – 03:15
  • रोगअनिष्ट03:15 – 04:50
  • कालहानि04:50 – 06:25

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल06:24–07:21
सूर्य07:21–08:18
शुक्र08:18–09:15
बुध09:15–10:12
चन्द्र10:12–11:09
शनि11:09–12:06
गुरु12:06–13:03
मंगल13:03–14:00
सूर्य14:00–14:57
शुक्र14:57–15:54
बुध15:54–16:51
चन्द्र16:51–17:48
रात
ग्रहसमय
शनि17:48–18:51
गुरु18:51–19:54
मंगल19:54–20:57
सूर्य20:57–22:00
शुक्र22:00–23:03
बुध23:03–00:06
चन्द्र00:06–01:09
शनि01:09–02:12
गुरु02:12–03:15
मंगल03:15–04:19
सूर्य04:19–05:22
शुक्र05:22–06:25

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद10:38 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद16:31 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 2 पद22:24 तक
  • उत्तर फाल्गुनी 3 पद04:18, 19 अक्टू॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद10:14, 19 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 24m
रात्रिमान
12h 37m
मध्याह्न
12:06

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · 16:31 तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्व फाल्गुनी · 10:38 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
पूर्व · 16:31 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:19, 19 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
नंदी पर · 07:28 तकभोजन में · 06:19, 19 अक्टू॰ तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:24 –06:24
  • शुभ मुहूर्त06:24 –07:28
  • राज पंचक07:28 –08:43
  • शुभ मुहूर्त08:43 –10:38
  • चोर पंचक10:38 –11:02
  • शुभ मुहूर्त11:02 –13:05
  • रोग पंचक13:05 –14:48
  • शुभ मुहूर्त14:48 –16:15
  • मृत्यु पंचक16:15 –17:40
  • रोग पंचक17:40 –19:15
  • शुभ मुहूर्त19:15 –21:11
  • मृत्यु पंचक21:11 –23:26
  • अग्नि पंचक23:26 –01:46, 19 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:46 –04:03, 19 अक्टू॰
  • राज पंचक04:03 –06:19, 19 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:19 –06:20, 19 अक्टू॰
  • चोर पंचक06:20 –06:25, 19 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:07 –06:24
  • तुला06:24 –08:43
  • वृश्चिक08:43 –11:02
  • धनु11:02 –13:05
  • मकर13:05 –14:48
  • कुम्भ14:48 –16:15
  • मीन16:15 –17:40
  • मेष17:40 –19:15
  • वृषभ19:15 –21:11
  • मिथुन21:11 –23:26
  • कर्क23:26 –01:46, 19 अक्टू॰
  • सिंह01:46 –04:03, 19 अक्टू॰
  • कन्या04:03 –06:20, 19 अक्टू॰
  • तुला06:20 –08:39, 19 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 18 अक्टूबर 2044

मंगलवार, 18 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:24 और सूर्यास्त 17:48 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 07:28 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र पूर्व फाल्गुनी 10:38 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी; योग ब्रह्मा 19:58 तक, फिर इन्द्र; करण तैतिल 07:28 तक, फिर गर। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 14:57–16:23, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:29। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 18 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वादशी 07:28 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 06:24, नई दिल्ली)।

18 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्व फाल्गुनी 10:38 तक, फिर उत्तर फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 16:31 तक।

नई दिल्ली में 18 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:57–16:23, यमगण्ड 09:15–10:41, गुलिक काल 12:06–13:32।

नई दिल्ली में 18 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:24, सूर्यास्त 17:48, चंद्रोदय 03:35 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:43–12:29, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:34। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

18 अक्टूबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

धनतेरस, भौम प्रदोष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4829° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP