पंचांग · रविवार, 9 अक्टूबर 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया01:18, 10 अक्टू॰ तक
- कृष्ण चतुर्थी23:11, 10 अक्टू॰ तक
- भरणीस्वामी शुक्र21:53 तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य20:30, 10 अक्टू॰ तक
- वज्र23:09 तक
- सिद्धि20:17, 10 अक्टू॰ तक
- वणिज14:18 तक
- विष्टि01:18, 10 अक्टू॰ तक
- बव12:16, 10 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:19बिंब मध्य 06:22
- सूर्यास्त
- 17:58बिंब मध्य 17:53
- चंद्रोदय
- 19:17
- चंद्रास्त
- 08:31
- दिनमान
- 11h 39m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मेष03:33, 10 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:29
- प्रातः संध्या05:05 –06:19
- अभिजित मुहूर्त11:45 –12:31
- विजय मुहूर्त14:05 –14:51
- गोधूलि मुहूर्त17:58 –18:22
- सायाह्न संध्या17:58 –19:12
- निशीथ मुहूर्त23:44 –00:33, 10 अक्टू॰
- अमृत काल17:18 –18:50
- राहु काल16:30 –17:58
- यमगंड12:08 –13:35
- गुलिक काल15:03 –16:30
- दुर्मुहूर्त16:24 –17:11
- वर्ज्य08:10 –09:41
- भद्रा14:18 –01:18, 10 अक्टू॰
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:19 – 07:46
- चरसम07:46 – 09:13
- लाभलाभ09:13 – 10:41
- अमृतश्रेष्ठ10:41 – 12:08
- कालहानि12:08 – 13:35
- शुभशुभ13:35 – 15:03
- रोगअनिष्ट15:03 – 16:30
- उद्वेगअशुभ16:30 – 17:58
- शुभशुभ17:58 – 19:30
- अमृतश्रेष्ठ19:30 – 21:03
- चरसम21:03 – 22:36
- रोगअनिष्ट22:36 – 00:08
- कालहानि00:08 – 01:41
- लाभलाभ01:41 – 03:14
- उद्वेगअशुभ03:14 – 04:46
- शुभशुभ04:46 – 06:19
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:19–07:17 |
| शुक्र | 07:17–08:15 |
| बुध | 08:15–09:13 |
| चन्द्र | 09:13–10:12 |
| शनि | 10:12–11:10 |
| गुरु | 11:10–12:08 |
| मंगल | 12:08–13:06 |
| सूर्य | 13:06–14:05 |
| शुक्र | 14:05–15:03 |
| बुध | 15:03–16:01 |
| चन्द्र | 16:01–16:59 |
| शनि | 16:59–17:58 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 17:58–18:59 |
| मंगल | 18:59–20:01 |
| सूर्य | 20:01–21:03 |
| शुक्र | 21:03–22:05 |
| बुध | 22:05–23:07 |
| चन्द्र | 23:07–00:08 |
| शनि | 00:08–01:10 |
| गुरु | 01:10–02:12 |
| मंगल | 02:12–03:14 |
| सूर्य | 03:14–04:16 |
| शुक्र | 04:16–05:17 |
| बुध | 05:17–06:19 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- भरणी 2 पद10:29 तक
- भरणी 3 पद16:11 तक
- भरणी 4 पद21:53 तक
- कृत्तिका 1 पद03:33, 10 अक्टू॰ तक
- कृत्तिका 2 पद09:13, 10 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 39m
- रात्रिमान
- 12h 21m
- मध्याह्न
- 12:08
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- पूर्व · 03:33, 10 अक्टू॰ तकदक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:18, 10 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- क्रीड़ा में · 01:18, 10 अक्टू॰ तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:19 –06:59
- मृत्यु पंचक06:59 –09:19
- अग्नि पंचक09:19 –11:37
- शुभ मुहूर्त11:37 –13:41
- राज पंचक13:41 –15:23
- शुभ मुहूर्त15:23 –16:50
- चोर पंचक16:50 –18:15
- राज पंचक18:15 –19:51
- शुभ मुहूर्त19:51 –21:47
- चोर पंचक21:47 –21:53
- शुभ मुहूर्त21:53 –00:01, 10 अक्टू॰
- रोग पंचक00:01 –01:18, 10 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:18 –02:22, 10 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक02:22 –04:39, 10 अक्टू॰
- अग्नि पंचक04:39 –06:19, 10 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या04:43 –06:59
- तुला06:59 –09:19
- वृश्चिक09:19 –11:37
- धनु11:37 –13:41
- मकर13:41 –15:23
- कुम्भ15:23 –16:50
- मीन16:50 –18:15
- मेष18:15 –19:51
- वृषभ19:51 –21:47
- मिथुन21:47 –00:01, 10 अक्टू॰
- कर्क00:01 –02:22, 10 अक्टू॰
- सिंह02:22 –04:39, 10 अक्टू॰
- कन्या04:39 –06:55, 10 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 9 अक्टूबर 2044
रविवार, 9 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 17:58 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 10 अक्टूबर 01:18 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र भरणी 21:53 तक, फिर कृत्तिका; योग वज्र 23:09 तक, फिर सिद्धि; करण वणिज 14:18 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:30–17:58, अभिजित मुहूर्त 11:45–12:31। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 9 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 10 अक्टूबर 01:18 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:19, नई दिल्ली)।
9 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
भरणी 21:53 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 10 अक्टूबर 03:33 तक।
नई दिल्ली में 9 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 16:30–17:58, यमगण्ड 12:08–13:35, गुलिक काल 15:03–16:30।
नई दिल्ली में 9 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 17:58, चंद्रोदय 19:17 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
9 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:45–12:31, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4826° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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