पंचांग · गुरुवार, 6 अक्टूबर 2044नई दिल्ली

आश्विन · शुक्ल चतुर्दशी · विक्रम संवत 2101शरद पूर्णिमापूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:17सूर्योदय18:01सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल चतुर्दशी
शुक्ल · 06:38 तक
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
00:11, 7 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1718:01
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:37 –15:05
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:17दिन18:01
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:01रात06:18
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल चतुर्दशी
    06:38 तक
  2. पूर्णिमा
    06:00, 7 अक्टू॰ तक
  3. कृष्ण प्रतिपदा
    04:50, 8 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    00:11, 7 अक्टू॰ तक
  2. रेवतीस्वामी बुध
    23:50, 7 अक्टू॰ तक
योग
  1. वृद्धि
    07:55 तक
  2. ध्रुव
    06:17, 7 अक्टू॰ तक
  3. व्याघात
    04:13, 8 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    06:38 तक
  2. विष्टि
    18:23 तक
  3. बव
    06:00, 7 अक्टू॰ तक
  4. बालव
    17:28, 7 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:17
बिंब मध्य 06:20
सूर्यास्त
18:01
बिंब मध्य 17:57
चंद्रोदय
17:30
चंद्रास्त
05:23
दिनमान
11h 44m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
23:50, 7 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:39 –05:28
  • प्रातः संध्या05:03 –06:17
  • अभिजित मुहूर्त11:45 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:06 –14:53
  • गोधूलि मुहूर्त18:01 –18:25
  • सायाह्न संध्या18:01 –19:15
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:34, 7 अक्टू॰
  • अमृत काल19:21 –20:58
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:37 –15:05
  • यमगंड06:17 –07:45
  • गुलिक काल09:13 –10:41
  • दुर्मुहूर्त10:12 –10:59
  • दुर्मुहूर्त14:53 –15:40
  • वर्ज्य09:41 –11:17
  • गंड मूल00:11 –06:18, 7 अक्टू॰
  • भद्रा06:38 –18:23

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:17 – 07:45
  • रोगअनिष्ट07:45 – 09:13
  • उद्वेगअशुभ09:13 – 10:41
  • चरसम10:41 – 12:09
  • लाभलाभ12:09 – 13:37
  • अमृतश्रेष्ठ13:37 – 15:05
  • कालहानि15:05 – 16:33
  • शुभशुभ16:33 – 18:01
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:01 – 19:33
  • चरसम19:33 – 21:05
  • रोगअनिष्ट21:05 – 22:37
  • कालहानि22:37 – 00:09
  • लाभलाभ00:09 – 01:41
  • उद्वेगअशुभ01:41 – 03:13
  • शुभशुभ03:13 – 04:45
  • अमृतश्रेष्ठ04:45 – 06:18

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:17–07:16
मंगल07:16–08:14
सूर्य08:14–09:13
शुक्र09:13–10:12
बुध10:12–11:10
चन्द्र11:10–12:09
शनि12:09–13:08
गुरु13:08–14:06
मंगल14:06–15:05
सूर्य15:05–16:04
शुक्र16:04–17:02
बुध17:02–18:01
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:01–19:02
शनि19:02–20:04
गुरु20:04–21:05
मंगल21:05–22:06
सूर्य22:06–23:08
शुक्र23:08–00:09
बुध00:09–01:11
चन्द्र01:11–02:12
शनि02:12–03:13
गुरु03:13–04:15
मंगल04:15–05:16
सूर्य05:16–06:18

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तरभाद्रपद 2 पद12:10 तक
  • उत्तरभाद्रपद 3 पद18:12 तक
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद00:11, 7 अक्टू॰ तक
  • रेवती 1 पद06:09, 7 अक्टू॰ तक
  • रेवती 2 पद12:04, 7 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 44m
रात्रिमान
12h 17m
मध्याह्न
12:09

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तरभाद्रपद · 00:11, 7 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:38 तकआकाश · 06:00, 7 अक्टू॰ तकपाताल
शिववास
भोजन में · 06:38 तकश्मशान में · 06:00, 7 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:17 –06:38
  • शुभ मुहूर्त06:38 –07:11
  • रोग पंचक07:11 –09:30
  • शुभ मुहूर्त09:30 –11:49
  • मृत्यु पंचक11:49 –13:53
  • अग्नि पंचक13:53 –15:35
  • शुभ मुहूर्त15:35 –17:02
  • राज पंचक17:02 –18:27
  • अग्नि पंचक18:27 –20:03
  • शुभ मुहूर्त20:03 –21:58
  • राज पंचक21:58 –00:11, 7 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:11 –00:13, 7 अक्टू॰
  • चोर पंचक00:13 –02:33, 7 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:33 –04:51, 7 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:51 –06:00, 7 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:00 –06:18, 7 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:55 –07:11
  • तुला07:11 –09:30
  • वृश्चिक09:30 –11:49
  • धनु11:49 –13:53
  • मकर13:53 –15:35
  • कुम्भ15:35 –17:02
  • मीन17:02 –18:27
  • मेष18:27 –20:03
  • वृषभ20:03 –21:58
  • मिथुन21:58 –00:13, 7 अक्टू॰
  • कर्क00:13 –02:33, 7 अक्टू॰
  • सिंह02:33 –04:51, 7 अक्टू॰
  • कन्या04:51 –07:07, 7 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 6 अक्टूबर 2044

गुरुवार, 6 अक्टूबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:17 और सूर्यास्त 18:01 पर है। तिथि शुक्ल चतुर्दशी 06:38 तक, फिर पूर्णिमा; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 7 अक्टूबर 00:11 तक, फिर रेवती; योग वृद्धि 07:55 तक, फिर ध्रुव; करण वणिज 06:38 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:37–15:05, अभिजित मुहूर्त 11:45–12:32। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 6 अक्टूबर 2044 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल चतुर्दशी 06:38 तक, फिर पूर्णिमा (सूर्योदय 06:17, नई दिल्ली)।

6 अक्टूबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तरभाद्रपद 7 अक्टूबर 00:11 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 7 अक्टूबर 23:50 तक।

नई दिल्ली में 6 अक्टूबर 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:37–15:05, यमगण्ड 06:17–07:45, गुलिक काल 09:13–10:41।

नई दिल्ली में 6 अक्टूबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:17, सूर्यास्त 18:01, चंद्रोदय 17:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

6 अक्टूबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:45–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:39–05:28। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

6 अक्टूबर 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शरद पूर्णिमा, पूर्णिमा।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4824° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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