पंचांग · रविवार, 18 सितंबर 2044नई दिल्ली

भाद्रपद · कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2101

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:08सूर्योदय18:22सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वादशी
कृष्ण · 22:42 तक
नक्षत्र
पुष्य
07:09 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0818:22
रविवार · सूर्य
राहु काल
16:50 –18:22
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:08दिन18:22
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:22रात06:08
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वादशी
    22:42 तक
  2. कृष्ण त्रयोदशी
    20:23, 19 सित॰ तक
नक्षत्र
  1. पुष्यस्वामी शनि
    07:09 तक
  2. अश्लेषास्वामी बुध
    05:30, 19 सित॰ तक
  3. मघास्वामी केतु
    04:01, 20 सित॰ तक
योग
  1. शिव
    20:46 तक
  2. सिद्ध
    17:45, 19 सित॰ तक
करण
  1. कौलव
    11:54 तक
  2. तैतिल
    22:42 तक
  3. गर
    09:31, 19 सित॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:08
बिंब मध्य 06:11
सूर्यास्त
18:22
बिंब मध्य 18:18
चंद्रोदय
02:30
चंद्रास्त
16:28
दिनमान
12h 14m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
कर्क
05:30, 19 सित॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:34 –05:21
  • प्रातः संध्या04:57 –06:08
  • अभिजित मुहूर्त11:50 –12:39
  • विजय मुहूर्त14:17 –15:06
  • गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:46
  • सायाह्न संध्या18:22 –19:33
  • निशीथ मुहूर्त23:52 –00:39, 19 सित॰
  • अमृत काल04:01 –05:30, 19 सित॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल16:50 –18:22
  • यमगंड12:15 –13:47
  • गुलिक काल15:19 –16:50
  • दुर्मुहूर्त16:44 –17:33
  • वर्ज्य19:04 –20:33
  • गंड मूल07:09 –05:30, 19 सित॰
  • गंड मूल05:30 –06:08, 19 सित॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:08 – 07:40
  • चरसम07:40 – 09:11
  • लाभलाभ09:11 – 10:43
  • अमृतश्रेष्ठ10:43 – 12:15
  • कालहानि12:15 – 13:47
  • शुभशुभ13:47 – 15:19
  • रोगअनिष्ट15:19 – 16:50
  • उद्वेगअशुभ16:50 – 18:22
रात
  • शुभशुभ18:22 – 19:50
  • अमृतश्रेष्ठ19:50 – 21:19
  • चरसम21:19 – 22:47
  • रोगअनिष्ट22:47 – 00:15
  • कालहानि00:15 – 01:43
  • लाभलाभ01:43 – 03:12
  • उद्वेगअशुभ03:12 – 04:40
  • शुभशुभ04:40 – 06:08

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:08–07:09
शुक्र07:09–08:10
बुध08:10–09:11
चन्द्र09:11–10:13
शनि10:13–11:14
गुरु11:14–12:15
मंगल12:15–13:16
सूर्य13:16–14:17
शुक्र14:17–15:19
बुध15:19–16:20
चन्द्र16:20–17:21
शनि17:21–18:22
रात
ग्रहसमय
गुरु18:22–19:21
मंगल19:21–20:20
सूर्य20:20–21:19
शुक्र21:19–22:17
बुध22:17–23:16
चन्द्र23:16–00:15
शनि00:15–01:14
गुरु01:14–02:13
मंगल02:13–03:12
सूर्य03:12–04:11
शुक्र04:11–05:09
बुध05:09–06:08

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुष्य 4 पद07:09 तक
  • अश्लेषा 1 पद12:43 तक
  • अश्लेषा 2 पद18:19 तक
  • अश्लेषा 3 पद23:54 तक
  • अश्लेषा 4 पद05:30, 19 सित॰ तक
  • मघा 1 पद11:07, 19 सित॰ तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 14m
रात्रिमान
11h 46m
मध्याह्न
12:15

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कर्क · 05:30, 19 सित॰ तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुष्य · 07:09 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
अश्लेषा · 05:30, 19 सित॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मघा · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
उत्तर · 05:30, 19 सित॰ तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 22:42 तकपाताल
शिववास
नंदी पर · 22:42 तकभोजन में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक06:08 –07:09
  • शुभ मुहूर्त07:09 –08:22
  • रोग पंचक08:22 –10:41
  • शुभ मुहूर्त10:41 –13:00
  • मृत्यु पंचक13:00 –15:03
  • अग्नि पंचक15:03 –16:45
  • शुभ मुहूर्त16:45 –18:13
  • राज पंचक18:13 –19:38
  • अग्नि पंचक19:38 –21:13
  • शुभ मुहूर्त21:13 –22:42
  • राज पंचक22:42 –23:09
  • शुभ मुहूर्त23:09 –01:24, 19 सित॰
  • चोर पंचक01:24 –03:44, 19 सित॰
  • शुभ मुहूर्त03:44 –05:30, 19 सित॰
  • रोग पंचक05:30 –06:01, 19 सित॰
  • शुभ मुहूर्त06:01 –06:08, 19 सित॰

उदय लग्न

  • कन्या06:05 –08:22
  • तुला08:22 –10:41
  • वृश्चिक10:41 –13:00
  • धनु13:00 –15:03
  • मकर15:03 –16:45
  • कुम्भ16:45 –18:13
  • मीन18:13 –19:38
  • मेष19:38 –21:13
  • वृषभ21:13 –23:09
  • मिथुन23:09 –01:24, 19 सित॰
  • कर्क01:24 –03:44, 19 सित॰
  • सिंह03:44 –06:01, 19 सित॰
  • कन्या06:01 –08:18, 19 सित॰

पंचांग · नई दिल्ली, 18 सितंबर 2044

रविवार, 18 सितंबर 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:08 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 22:42 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र पुष्य 07:09 तक, फिर अश्लेषा; योग शिव 20:46 तक, फिर सिद्ध; करण कौलव 11:54 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 16:50–18:22, अभिजित मुहूर्त 11:50–12:39। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 18 सितंबर 2044 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वादशी 22:42 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 06:08, नई दिल्ली)।

18 सितंबर 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

पुष्य 07:09 तक, फिर अश्लेषा। चंद्रमा कर्क राशि में 19 सितंबर 05:30 तक।

नई दिल्ली में 18 सितंबर 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 16:50–18:22, यमगण्ड 12:15–13:47, गुलिक काल 15:19–16:50।

नई दिल्ली में 18 सितंबर 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:08, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 02:30 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

18 सितंबर 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:50–12:39, ब्रह्म मुहूर्त 04:34–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4817° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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