पंचांग · गुरुवार, 4 अगस्त 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी17:56 तक
- शुक्ल द्वादशी20:21, 5 अग॰ तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध17:20 तक
- मूलस्वामी केतु20:19, 5 अग॰ तक
- इन्द्र14:20 तक
- वैधृति15:17, 5 अग॰ तक
- विष्टि17:56 तक
- बव07:08, 5 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:45बिंब मध्य 05:48
- सूर्यास्त
- 19:10बिंब मध्य 19:05
- चंद्रोदय
- 16:07
- चंद्रास्त
- 01:20
- दिनमान
- 13h 25m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृश्चिक17:20 तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:20 –05:02
- प्रातः संध्या04:41 –05:45
- अभिजित मुहूर्त12:00 –12:54
- विजय मुहूर्त14:41 –15:35
- गोधूलि मुहूर्त19:10 –19:31
- सायाह्न संध्या19:10 –20:13
- निशीथ मुहूर्त00:06 –00:49, 5 अग॰
- अमृत काल07:28 –09:16
- राहु काल14:08 –15:48
- यमगंड05:45 –07:25
- गुलिक काल09:06 –10:46
- दुर्मुहूर्त10:13 –11:07
- दुर्मुहूर्त15:35 –16:29
- गंड मूल05:45 –17:20
- गंड मूल17:20 –05:45, 5 अग॰
- भद्रा05:45 –17:56
चौघड़िया
- शुभशुभ05:45 – 07:25
- रोगअनिष्ट07:25 – 09:06
- उद्वेगअशुभ09:06 – 10:46
- चरसम10:46 – 12:27
- लाभलाभ12:27 – 14:08
- अमृतश्रेष्ठ14:08 – 15:48
- कालहानि15:48 – 17:29
- शुभशुभ17:29 – 19:10
- अमृतश्रेष्ठ19:10 – 20:29
- चरसम20:29 – 21:48
- रोगअनिष्ट21:48 – 23:08
- कालहानि23:08 – 00:27
- लाभलाभ00:27 – 01:47
- उद्वेगअशुभ01:47 – 03:06
- शुभशुभ03:06 – 04:26
- अमृतश्रेष्ठ04:26 – 05:45
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:45–06:52 |
| मंगल | 06:52–07:59 |
| सूर्य | 07:59–09:06 |
| शुक्र | 09:06–10:13 |
| बुध | 10:13–11:20 |
| चन्द्र | 11:20–12:27 |
| शनि | 12:27–13:34 |
| गुरु | 13:34–14:41 |
| मंगल | 14:41–15:48 |
| सूर्य | 15:48–16:55 |
| शुक्र | 16:55–18:03 |
| बुध | 18:03–19:10 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 19:10–20:03 |
| शनि | 20:03–20:56 |
| गुरु | 20:56–21:48 |
| मंगल | 21:48–22:41 |
| सूर्य | 22:41–23:34 |
| शुक्र | 23:34–00:27 |
| बुध | 00:27–01:20 |
| चन्द्र | 01:20–02:13 |
| शनि | 02:13–03:06 |
| गुरु | 03:06–03:59 |
| मंगल | 03:59–04:52 |
| सूर्य | 04:52–05:45 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- ज्येष्ठा 3 पद10:36 तक
- ज्येष्ठा 4 पद17:20 तक
- मूल 1 पद00:05, 5 अग॰ तक
- मूल 2 पद06:49, 5 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्लेषा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 13h 25m
- रात्रिमान
- 10h 35m
- मध्याह्न
- 12:27
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- उत्तर · 17:20 तकपूर्व
- अग्निवास
- आकाश · 17:56 तकपाताल
- शिववास
- क्रीड़ा में · 17:56 तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक05:45 –06:45
- शुभ मुहूर्त06:45 –09:02
- राज पंचक09:02 –11:19
- शुभ मुहूर्त11:19 –13:38
- चोर पंचक13:38 –15:56
- शुभ मुहूर्त15:56 –17:20
- रोग पंचक17:20 –17:56
- शुभ मुहूर्त17:56 –18:00
- मृत्यु पंचक18:00 –19:42
- अग्नि पंचक19:42 –21:10
- शुभ मुहूर्त21:10 –22:35
- मृत्यु पंचक22:35 –00:10, 5 अग॰
- अग्नि पंचक00:10 –02:06, 5 अग॰
- शुभ मुहूर्त02:06 –04:21, 5 अग॰
- राज पंचक04:21 –05:45, 5 अग॰
उदय लग्न
- कर्क04:25 –06:45
- सिंह06:45 –09:02
- कन्या09:02 –11:19
- तुला11:19 –13:38
- वृश्चिक13:38 –15:56
- धनु15:56 –18:00
- मकर18:00 –19:42
- कुम्भ19:42 –21:10
- मीन21:10 –22:35
- मेष22:35 –00:10, 5 अग॰
- वृषभ00:10 –02:06, 5 अग॰
- मिथुन02:06 –04:21, 5 अग॰
- कर्क04:21 –06:41, 5 अग॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 अगस्त 2044
गुरुवार, 4 अगस्त 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:45 और सूर्यास्त 19:10 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 17:56 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र ज्येष्ठा 17:20 तक, फिर मूल; योग इन्द्र 14:20 तक, फिर वैधृति; करण विष्टि 17:56 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 14:08–15:48, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:54। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 अगस्त 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 17:56 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 05:45, नई दिल्ली)।
4 अगस्त 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
ज्येष्ठा 17:20 तक, फिर मूल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 17:20 तक।
नई दिल्ली में 4 अगस्त 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:08–15:48, यमगण्ड 05:45–07:25, गुलिक काल 09:06–10:46।
नई दिल्ली में 4 अगस्त 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:45, सूर्यास्त 19:10, चंद्रोदय 16:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अगस्त 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:00–12:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:20–05:02। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अगस्त 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
पुत्रदा एकादशी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4800° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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