पंचांग · शनिवार, 30 अप्रैल 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल तृतीया15:31 तक
- शुक्ल चतुर्थी12:20, 1 मई तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र17:17 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल14:55, 1 मई तक
- शोभन12:47 तक
- अतिगण्ड09:02, 1 मई तक
- गर15:31 तक
- वणिज01:54, 1 मई तक
- विष्टि12:20, 1 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:41बिंब मध्य 05:44
- सूर्यास्त
- 18:56बिंब मध्य 18:52
- चंद्रोदय
- 07:19
- चंद्रास्त
- 22:09
- दिनमान
- 13h 15m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- वृषभ04:05, 1 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:15 –04:58
- प्रातः संध्या04:36 –05:41
- अभिजित मुहूर्त11:52 –12:45
- विजय मुहूर्त14:31 –15:24
- गोधूलि मुहूर्त18:56 –19:18
- सायाह्न संध्या18:56 –20:01
- निशीथ मुहूर्त23:57 –00:40, 1 मई
- अमृत काल14:26 –15:52
- राहु काल09:00 –10:39
- यमगंड13:58 –15:37
- गुलिक काल05:41 –07:20
- दुर्मुहूर्त05:41 –06:34
- दुर्मुहूर्त06:34 –07:27
- वर्ज्य10:08 –11:34
- वर्ज्य22:20 –23:47
- भद्रा01:54 –05:40, 1 मई
चौघड़िया
- कालहानि05:41 – 07:20
- शुभशुभ07:20 – 09:00
- रोगअनिष्ट09:00 – 10:39
- उद्वेगअशुभ10:39 – 12:19
- चरसम12:19 – 13:58
- लाभलाभ13:58 – 15:37
- अमृतश्रेष्ठ15:37 – 17:17
- कालहानि17:17 – 18:56
- लाभलाभ18:56 – 20:17
- उद्वेगअशुभ20:17 – 21:37
- शुभशुभ21:37 – 22:58
- अमृतश्रेष्ठ22:58 – 00:18
- चरसम00:18 – 01:39
- रोगअनिष्ट01:39 – 02:59
- कालहानि02:59 – 04:20
- लाभलाभ04:20 – 05:40
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 05:41–06:47 |
| गुरु | 06:47–07:54 |
| मंगल | 07:54–09:00 |
| सूर्य | 09:00–10:06 |
| शुक्र | 10:06–11:12 |
| बुध | 11:12–12:19 |
| चन्द्र | 12:19–13:25 |
| शनि | 13:25–14:31 |
| गुरु | 14:31–15:37 |
| मंगल | 15:37–16:44 |
| सूर्य | 16:44–17:50 |
| शुक्र | 17:50–18:56 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:56–19:50 |
| चन्द्र | 19:50–20:43 |
| शनि | 20:43–21:37 |
| गुरु | 21:37–22:31 |
| मंगल | 22:31–23:24 |
| सूर्य | 23:24–00:18 |
| शुक्र | 00:18–01:12 |
| बुध | 01:12–02:05 |
| चन्द्र | 02:05–02:59 |
| शनि | 02:59–03:53 |
| गुरु | 03:53–04:46 |
| मंगल | 04:46–05:40 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 2 पद06:32 तक
- रोहिणी 3 पद11:55 तक
- रोहिणी 4 पद17:17 तक
- मृगशिरा 1 पद22:41 तक
- मृगशिरा 2 पद04:05, 1 मई तक
- मृगशिरा 3 पद09:30, 1 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 15m
- रात्रिमान
- 10h 44m
- मध्याह्न
- 12:19
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण · 04:05, 1 मई तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 15:31 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 15:31 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक05:41 –06:32
- शुभ मुहूर्त06:32 –08:27
- रोग पंचक08:27 –10:42
- शुभ मुहूर्त10:42 –13:02
- मृत्यु पंचक13:02 –15:20
- अग्नि पंचक15:20 –15:31
- शुभ मुहूर्त15:31 –17:17
- राज पंचक17:17 –17:36
- शुभ मुहूर्त17:36 –19:55
- चोर पंचक19:55 –22:14
- शुभ मुहूर्त22:14 –00:18, 1 मई
- रोग पंचक00:18 –02:00, 1 मई
- शुभ मुहूर्त02:00 –03:27, 1 मई
- मृत्यु पंचक03:27 –04:52, 1 मई
- रोग पंचक04:52 –05:40, 1 मई
उदय लग्न
- मेष04:56 –06:32
- वृषभ06:32 –08:27
- मिथुन08:27 –10:42
- कर्क10:42 –13:02
- सिंह13:02 –15:20
- कन्या15:20 –17:36
- तुला17:36 –19:55
- वृश्चिक19:55 –22:14
- धनु22:14 –00:18, 1 मई
- मकर00:18 –02:00, 1 मई
- कुम्भ02:00 –03:27, 1 मई
- मीन03:27 –04:52, 1 मई
- मेष04:52 –06:28, 1 मई
पंचांग · नई दिल्ली, 30 अप्रैल 2044
शनिवार, 30 अप्रैल 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:41 और सूर्यास्त 18:56 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 15:31 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र रोहिणी 17:17 तक, फिर मृगशिरा; योग शोभन 12:47 तक, फिर अतिगण्ड; करण गर 15:31 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 09:00–10:39, अभिजित मुहूर्त 11:52–12:45। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 30 अप्रैल 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल तृतीया 15:31 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 05:41, नई दिल्ली)।
30 अप्रैल 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 17:17 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 1 मई 04:05 तक।
नई दिल्ली में 30 अप्रैल 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:00–10:39, यमगण्ड 13:58–15:37, गुलिक काल 05:41–07:20।
नई दिल्ली में 30 अप्रैल 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:56, चंद्रोदय 07:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अप्रैल 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:52–12:45, ब्रह्म मुहूर्त 04:15–04:58। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
30 अप्रैल 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
अक्षय तृतीया।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4764° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP