पंचांग · मंगलवार, 5 अप्रैल 2044नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी20:14 तक
- शुक्ल नवमी18:27, 6 अप्रैल तक
- आर्द्रास्वामी राहु06:38 तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु05:24, 6 अप्रैल तक
- पुष्यस्वामी शनि04:28, 7 अप्रैल तक
- अतिगण्ड20:16 तक
- सुकर्मा17:42, 6 अप्रैल तक
- विष्टि09:15 तक
- बव20:14 तक
- बालव07:19, 6 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:06बिंब मध्य 06:10
- सूर्यास्त
- 18:42बिंब मध्य 18:37
- चंद्रोदय
- 11:38
- चंद्रास्त
- 01:23
- दिनमान
- 12h 36m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- मिथुन23:41 तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2101
- शक संवत
- 1966
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:35 –05:21
- प्रातः संध्या04:58 –06:06
- अभिजित मुहूर्त11:59 –12:49
- विजय मुहूर्त14:30 –15:20
- गोधूलि मुहूर्त18:42 –19:04
- सायाह्न संध्या18:42 –19:50
- निशीथ मुहूर्त00:01 –00:46, 6 अप्रैल
- अमृत काल03:07 –04:38, 6 अप्रैल
- राहु काल15:33 –17:07
- यमगंड09:15 –10:50
- गुलिक काल12:24 –13:58
- दुर्मुहूर्त08:37 –09:28
- दुर्मुहूर्त23:15 –00:01, 6 अप्रैल
- वर्ज्य18:01 –19:32
- भद्रा06:06 –09:15
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट06:06 – 07:41
- उद्वेगअशुभ07:41 – 09:15
- चरसम09:15 – 10:50
- लाभलाभ10:50 – 12:24
- अमृतश्रेष्ठ12:24 – 13:58
- कालहानि13:58 – 15:33
- शुभशुभ15:33 – 17:07
- रोगअनिष्ट17:07 – 18:42
- कालहानि18:42 – 20:07
- लाभलाभ20:07 – 21:33
- उद्वेगअशुभ21:33 – 22:58
- शुभशुभ22:58 – 00:23
- अमृतश्रेष्ठ00:23 – 01:49
- चरसम01:49 – 03:14
- रोगअनिष्ट03:14 – 04:40
- कालहानि04:40 – 06:05
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 06:06–07:09 |
| सूर्य | 07:09–08:12 |
| शुक्र | 08:12–09:15 |
| बुध | 09:15–10:18 |
| चन्द्र | 10:18–11:21 |
| शनि | 11:21–12:24 |
| गुरु | 12:24–13:27 |
| मंगल | 13:27–14:30 |
| सूर्य | 14:30–15:33 |
| शुक्र | 15:33–16:36 |
| बुध | 16:36–17:39 |
| चन्द्र | 17:39–18:42 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:42–19:39 |
| गुरु | 19:39–20:36 |
| मंगल | 20:36–21:33 |
| सूर्य | 21:33–22:29 |
| शुक्र | 22:29–23:26 |
| बुध | 23:26–00:23 |
| चन्द्र | 00:23–01:20 |
| शनि | 01:20–02:17 |
| गुरु | 02:17–03:14 |
| मंगल | 03:14–04:11 |
| सूर्य | 04:11–05:08 |
| शुक्र | 05:08–06:05 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- आर्द्रा 4 पद06:38 तक
- पुनर्वसु 1 पद12:18 तक
- पुनर्वसु 2 पद17:59 तक
- पुनर्वसु 3 पद23:41 तक
- पुनर्वसु 4 पद05:24, 6 अप्रैल तक
- पुष्य 1 पद11:08, 6 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 36m
- रात्रिमान
- 11h 23m
- मध्याह्न
- 12:24
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम · 23:41 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 20:14 तकआकाश
- शिववास
- श्मशान में · 20:14 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- अग्नि पंचक06:06 –06:34
- शुभ मुहूर्त06:34 –06:38
- मृत्यु पंचक06:38 –08:10
- अग्नि पंचक08:10 –10:06
- शुभ मुहूर्त10:06 –12:20
- राज पंचक12:20 –14:41
- शुभ मुहूर्त14:41 –16:58
- चोर पंचक16:58 –19:14
- शुभ मुहूर्त19:14 –20:14
- रोग पंचक20:14 –21:34
- शुभ मुहूर्त21:34 –23:52
- मृत्यु पंचक23:52 –01:56, 6 अप्रैल
- अग्नि पंचक01:56 –03:38, 6 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त03:38 –05:06, 6 अप्रैल
- राज पंचक05:06 –05:24, 6 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त05:24 –06:05, 6 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:09 –06:34
- मेष06:34 –08:10
- वृषभ08:10 –10:06
- मिथुन10:06 –12:20
- कर्क12:20 –14:41
- सिंह14:41 –16:58
- कन्या16:58 –19:14
- तुला19:14 –21:34
- वृश्चिक21:34 –23:52
- धनु23:52 –01:56, 6 अप्रैल
- मकर01:56 –03:38, 6 अप्रैल
- कुम्भ03:38 –05:06, 6 अप्रैल
- मीन05:06 –06:31, 6 अप्रैल
पंचांग · नई दिल्ली, 5 अप्रैल 2044
मंगलवार, 5 अप्रैल 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:06 और सूर्यास्त 18:42 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 20:14 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र आर्द्रा 06:38 तक, फिर पुनर्वसु; योग अतिगण्ड 20:16 तक, फिर सुकर्मा; करण विष्टि 09:15 तक, फिर बव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 15:33–17:07, अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 5 अप्रैल 2044 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 20:14 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:06, नई दिल्ली)।
5 अप्रैल 2044 को कौन सा नक्षत्र है?
आर्द्रा 06:38 तक, फिर पुनर्वसु। चंद्रमा मिथुन राशि में 23:41 तक।
नई दिल्ली में 5 अप्रैल 2044 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:33–17:07, यमगण्ड 09:15–10:50, गुलिक काल 12:24–13:58।
नई दिल्ली में 5 अप्रैल 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:06, सूर्यास्त 18:42, चंद्रोदय 11:38 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
5 अप्रैल 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:59–12:49, ब्रह्म मुहूर्त 04:35–05:21। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4754° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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