पंचांग · शुक्रवार, 1 अप्रैल 2044नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2101

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:11सूर्योदय18:39सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 08:19 तक
नक्षत्र
भरणी
13:30 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1118:39
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:52 –12:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:11दिन18:39
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:39रात06:10
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    08:19 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    05:44, 2 अप्रैल तक
  3. शुक्ल पंचमी
    03:08, 3 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    13:30 तक
  2. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    11:39, 2 अप्रैल तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    11:47 तक
  2. प्रीति
    08:31, 2 अप्रैल तक
करण
  1. गर
    08:19 तक
  2. वणिज
    19:02 तक
  3. विष्टि
    05:44, 2 अप्रैल तक
  4. बव
    16:25, 2 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:11
बिंब मध्य 06:14
सूर्यास्त
18:39
बिंब मध्य 18:35
चंद्रोदय
07:47
चंद्रास्त
22:05
दिनमान
12h 28m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मेष
19:02 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:39 –05:25
  • प्रातः संध्या05:02 –06:11
  • अभिजित मुहूर्त12:00 –12:50
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:39 –19:02
  • सायाह्न संध्या18:39 –19:48
  • निशीथ मुहूर्त00:02 –00:48, 2 अप्रैल
  • अमृत काल09:03 –10:32
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:52 –12:25
  • यमगंड15:32 –17:06
  • गुलिक काल07:44 –09:18
  • दुर्मुहूर्त08:41 –09:30
  • दुर्मुहूर्त12:50 –13:40
  • वर्ज्य00:34 –02:03, 2 अप्रैल
  • भद्रा19:02 –05:44, 2 अप्रैल

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:11 – 07:44
  • लाभलाभ07:44 – 09:18
  • अमृतश्रेष्ठ09:18 – 10:52
  • कालहानि10:52 – 12:25
  • शुभशुभ12:25 – 13:59
  • रोगअनिष्ट13:59 – 15:32
  • उद्वेगअशुभ15:32 – 17:06
  • चरसम17:06 – 18:39
रात
  • रोगअनिष्ट18:39 – 20:06
  • कालहानि20:06 – 21:32
  • लाभलाभ21:32 – 22:58
  • उद्वेगअशुभ22:58 – 00:25
  • शुभशुभ00:25 – 01:51
  • अमृतश्रेष्ठ01:51 – 03:17
  • चरसम03:17 – 04:43
  • रोगअनिष्ट04:43 – 06:10

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:11–07:13
बुध07:13–08:16
चन्द्र08:16–09:18
शनि09:18–10:20
गुरु10:20–11:23
मंगल11:23–12:25
सूर्य12:25–13:28
शुक्र13:28–14:30
बुध14:30–15:32
चन्द्र15:32–16:35
शनि16:35–17:37
गुरु17:37–18:39
रात
ग्रहसमय
मंगल18:39–19:37
सूर्य19:37–20:34
शुक्र20:34–21:32
बुध21:32–22:30
चन्द्र22:30–23:27
शनि23:27–00:25
गुरु00:25–01:22
मंगल01:22–02:20
सूर्य02:20–03:17
शुक्र03:17–04:15
बुध04:15–05:12
चन्द्र05:12–06:10

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 3 पद07:57 तक
  • भरणी 4 पद13:30 तक
  • कृत्तिका 1 पद19:02 तक
  • कृत्तिका 2 पद00:34, 2 अप्रैल तक
  • कृत्तिका 3 पद06:06, 2 अप्रैल तक
  • कृत्तिका 4 पद11:39, 2 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 28m
रात्रिमान
11h 31m
मध्याह्न
12:25

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · 19:02 तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · 13:30 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व · 19:02 तकदक्षिण
अग्निवास
पाताल · 08:19 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 05:44, 2 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 08:19 तकक्रीड़ा में · 05:44, 2 अप्रैल तककैलाश पर
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:11 –08:19
  • राज पंचक08:19 –08:26
  • शुभ मुहूर्त08:26 –10:21
  • चोर पंचक10:21 –12:36
  • शुभ मुहूर्त12:36 –13:30
  • रोग पंचक13:30 –14:56
  • शुभ मुहूर्त14:56 –17:14
  • मृत्यु पंचक17:14 –19:30
  • अग्नि पंचक19:30 –21:49
  • शुभ मुहूर्त21:49 –00:08, 2 अप्रैल
  • राज पंचक00:08 –02:12, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:12 –03:54, 2 अप्रैल
  • चोर पंचक03:54 –05:21, 2 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:21 –05:44, 2 अप्रैल
  • रोग पंचक05:44 –06:10, 2 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन05:25 –06:50
  • मेष06:50 –08:26
  • वृषभ08:26 –10:21
  • मिथुन10:21 –12:36
  • कर्क12:36 –14:56
  • सिंह14:56 –17:14
  • कन्या17:14 –19:30
  • तुला19:30 –21:49
  • वृश्चिक21:49 –00:08, 2 अप्रैल
  • धनु00:08 –02:12, 2 अप्रैल
  • मकर02:12 –03:54, 2 अप्रैल
  • कुम्भ03:54 –05:21, 2 अप्रैल
  • मीन05:21 –06:46, 2 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 1 अप्रैल 2044

शुक्रवार, 1 अप्रैल 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:11 और सूर्यास्त 18:39 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 08:19 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र भरणी 13:30 तक, फिर कृत्तिका; योग विष्कुम्भ 11:47 तक, फिर प्रीति; करण गर 08:19 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 10:52–12:25, अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 1 अप्रैल 2044 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 08:19 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:11, नई दिल्ली)।

1 अप्रैल 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 13:30 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 19:02 तक।

नई दिल्ली में 1 अप्रैल 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:52–12:25, यमगण्ड 15:32–17:06, गुलिक काल 07:44–09:18।

नई दिल्ली में 1 अप्रैल 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:11, सूर्यास्त 18:39, चंद्रोदय 07:47 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

1 अप्रैल 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:00–12:50, ब्रह्म मुहूर्त 04:39–05:25। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4752° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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