पंचांग · बुधवार, 30 मार्च 2044नई दिल्ली

चैत्र · शुक्ल प्रतिपदा · विक्रम संवत 2101चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना)गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:13सूर्योदय18:38सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल प्रतिपदा
शुक्ल · 13:03 तक
नक्षत्र
रेवती
16:49 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1318:38
बुधवार · बुध
राहु काल
12:26 –13:59
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:13दिन18:38
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
गंड मूल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:38रात06:12
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल प्रतिपदा
    13:03 तक
  2. शुक्ल द्वितीया
    10:48, 31 मार्च तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    16:49 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    15:16, 31 मार्च तक
योग
  1. इन्द्र
    17:59 तक
  2. वैधृति
    14:58, 31 मार्च तक
करण
  1. बव
    13:03 तक
  2. बालव
    23:58 तक
  3. कौलव
    10:48, 31 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:13
बिंब मध्य 06:16
सूर्यास्त
18:38
बिंब मध्य 18:34
चंद्रोदय
06:32
चंद्रास्त
19:47
दिनमान
12h 25m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
मीन
16:49 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2101
शक संवत
1966

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:27
  • प्रातः संध्या05:04 –06:13
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:51
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:38 –19:01
  • सायाह्न संध्या18:38 –19:48
  • निशीथ मुहूर्त00:02 –00:48, 31 मार्च
  • अमृत काल14:32 –16:04
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:26 –13:59
  • यमगंड07:46 –09:19
  • गुलिक काल10:53 –12:26
  • दुर्मुहूर्त12:01 –12:51
  • वर्ज्य05:26 –06:57
  • गंड मूल06:13 –16:49
  • गंड मूल16:49 –06:12, 31 मार्च

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ06:13 – 07:46
  • अमृतश्रेष्ठ07:46 – 09:19
  • कालहानि09:19 – 10:53
  • शुभशुभ10:53 – 12:26
  • रोगअनिष्ट12:26 – 13:59
  • उद्वेगअशुभ13:59 – 15:32
  • चरसम15:32 – 17:05
  • लाभलाभ17:05 – 18:38
रात
  • उद्वेगअशुभ18:38 – 20:05
  • शुभशुभ20:05 – 21:32
  • अमृतश्रेष्ठ21:32 – 22:58
  • चरसम22:58 – 00:25
  • रोगअनिष्ट00:25 – 01:52
  • कालहानि01:52 – 03:19
  • लाभलाभ03:19 – 04:45
  • उद्वेगअशुभ04:45 – 06:12

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध06:13–07:15
चन्द्र07:15–08:17
शनि08:17–09:19
गुरु09:19–10:22
मंगल10:22–11:24
सूर्य11:24–12:26
शुक्र12:26–13:28
बुध13:28–14:30
चन्द्र14:30–15:32
शनि15:32–16:34
गुरु16:34–17:36
मंगल17:36–18:38
रात
ग्रहसमय
सूर्य18:38–19:36
शुक्र19:36–20:34
बुध20:34–21:32
चन्द्र21:32–22:30
शनि22:30–23:27
गुरु23:27–00:25
मंगल00:25–01:23
सूर्य01:23–02:21
शुक्र02:21–03:19
बुध03:19–04:16
चन्द्र04:16–05:14
शनि05:14–06:12

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 3 पद11:10 तक
  • रेवती 4 पद16:49 तक
  • अश्विनी 1 पद22:27 तक
  • अश्विनी 2 पद04:04, 31 मार्च तक
  • अश्विनी 3 पद09:41, 31 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 25m
रात्रिमान
11h 34m
मध्याह्न
12:26

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 16:49 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 16:49 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 16:49 तकपूर्व
अग्निवास
पाताल · 13:03 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 13:03 तकगौरी के साथ
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • रोग पंचक06:13 –06:58
  • चोर पंचक06:58 –08:33
  • शुभ मुहूर्त08:33 –10:29
  • रोग पंचक10:29 –12:44
  • शुभ मुहूर्त12:44 –13:03
  • मृत्यु पंचक13:03 –15:04
  • अग्नि पंचक15:04 –16:49
  • शुभ मुहूर्त16:49 –17:22
  • राज पंचक17:22 –19:38
  • शुभ मुहूर्त19:38 –21:57
  • चोर पंचक21:57 –00:16, 31 मार्च
  • शुभ मुहूर्त00:16 –02:20, 31 मार्च
  • रोग पंचक02:20 –04:02, 31 मार्च
  • शुभ मुहूर्त04:02 –05:29, 31 मार्च
  • मृत्यु पंचक05:29 –06:12, 31 मार्च

उदय लग्न

  • मीन05:33 –06:58
  • मेष06:58 –08:33
  • वृषभ08:33 –10:29
  • मिथुन10:29 –12:44
  • कर्क12:44 –15:04
  • सिंह15:04 –17:22
  • कन्या17:22 –19:38
  • तुला19:38 –21:57
  • वृश्चिक21:57 –00:16, 31 मार्च
  • धनु00:16 –02:20, 31 मार्च
  • मकर02:20 –04:02, 31 मार्च
  • कुम्भ04:02 –05:29, 31 मार्च
  • मीन05:29 –06:54, 31 मार्च

पंचांग · नई दिल्ली, 30 मार्च 2044

बुधवार, 30 मार्च 2044 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:13 और सूर्यास्त 18:38 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 13:03 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र रेवती 16:49 तक, फिर अश्विनी; योग इन्द्र 17:59 तक, फिर वैधृति; करण बव 13:03 तक, फिर बालव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:26–13:59, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:51। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2101, शक संवत 1966।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 30 मार्च 2044 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल प्रतिपदा 13:03 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 06:13, नई दिल्ली)।

30 मार्च 2044 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 16:49 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 16:49 तक।

नई दिल्ली में 30 मार्च 2044 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:26–13:59, यमगण्ड 07:46–09:19, गुलिक काल 10:53–12:26।

नई दिल्ली में 30 मार्च 2044 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:13, सूर्यास्त 18:38, चंद्रोदय 06:32 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

30 मार्च 2044 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:51, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

30 मार्च 2044 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना), गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मार्च 2044आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2044मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.4752° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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