पंचांग · शनिवार, 3 अक्टूबर 2037नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण नवमी02:35, 4 अक्टू॰ तक
- कृष्ण दशमी00:46, 5 अक्टू॰ तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु00:22, 4 अक्टू॰ तक
- पुष्यस्वामी शनि23:19, 4 अक्टू॰ तक
- परिघ13:40 तक
- शिव11:24, 4 अक्टू॰ तक
- तैतिल15:14 तक
- गर02:35, 4 अक्टू॰ तक
- वणिज13:46, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:05बिंब मध्य 18:00
- चंद्रोदय
- —
- चंद्रास्त
- 13:54
- दिनमान
- 11h 50m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- मिथुन18:31 तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2094
- शक संवत
- 1959
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
- प्रातः संध्या05:02 –06:15
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:34
- विजय मुहूर्त14:08 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:29
- सायाह्न संध्या18:05 –19:18
- निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 4 अक्टू॰
- अमृत काल22:00 –23:34
- राहु काल09:13 –10:41
- यमगंड13:39 –15:07
- गुलिक काल06:15 –07:44
- दुर्मुहूर्त06:15 –07:02
- दुर्मुहूर्त07:02 –07:50
- वर्ज्य12:32 –14:06
चौघड़िया
- कालहानि06:15 – 07:44
- शुभशुभ07:44 – 09:13
- रोगअनिष्ट09:13 – 10:41
- उद्वेगअशुभ10:41 – 12:10
- चरसम12:10 – 13:39
- लाभलाभ13:39 – 15:07
- अमृतश्रेष्ठ15:07 – 16:36
- कालहानि16:36 – 18:05
- लाभलाभ18:05 – 19:36
- उद्वेगअशुभ19:36 – 21:07
- शुभशुभ21:07 – 22:39
- अमृतश्रेष्ठ22:39 – 00:10
- चरसम00:10 – 01:42
- रोगअनिष्ट01:42 – 03:13
- कालहानि03:13 – 04:44
- लाभलाभ04:44 – 06:16
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:15–07:14 |
| गुरु | 07:14–08:13 |
| मंगल | 08:13–09:13 |
| सूर्य | 09:13–10:12 |
| शुक्र | 10:12–11:11 |
| बुध | 11:11–12:10 |
| चन्द्र | 12:10–13:09 |
| शनि | 13:09–14:08 |
| गुरु | 14:08–15:07 |
| मंगल | 15:07–16:06 |
| सूर्य | 16:06–17:06 |
| शुक्र | 17:06–18:05 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 18:05–19:06 |
| चन्द्र | 19:06–20:07 |
| शनि | 20:07–21:07 |
| गुरु | 21:07–22:08 |
| मंगल | 22:08–23:09 |
| सूर्य | 23:09–00:10 |
| शुक्र | 00:10–01:11 |
| बुध | 01:11–02:12 |
| चन्द्र | 02:12–03:13 |
| शनि | 03:13–04:14 |
| गुरु | 04:14–05:15 |
| मंगल | 05:15–06:16 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 1 पद06:41 तक
- पुनर्वसु 2 पद12:37 तक
- पुनर्वसु 3 पद18:31 तक
- पुनर्वसु 4 पद00:22, 4 अक्टू॰ तक
- पुष्य 1 पद06:10, 4 अक्टू॰ तक
- पुष्य 2 पद11:56, 4 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 50m
- रात्रिमान
- 12h 11m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- पश्चिम · 18:31 तकउत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:35, 4 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- सभा में · 02:35, 4 अक्टू॰ तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- राहु
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:15 –07:23
- शुभ मुहूर्त07:23 –09:43
- मृत्यु पंचक09:43 –12:01
- अग्नि पंचक12:01 –14:05
- शुभ मुहूर्त14:05 –15:47
- राज पंचक15:47 –17:15
- शुभ मुहूर्त17:15 –20:15
- राज पंचक20:15 –22:11
- शुभ मुहूर्त22:11 –00:22, 4 अक्टू॰
- चोर पंचक00:22 –00:26, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:26 –02:35, 4 अक्टू॰
- रोग पंचक02:35 –02:46, 4 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:46 –05:03, 4 अक्टू॰
- मृत्यु पंचक05:03 –06:16, 4 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:07 –07:23
- तुला07:23 –09:43
- वृश्चिक09:43 –12:01
- धनु12:01 –14:05
- मकर14:05 –15:47
- कुम्भ15:47 –17:15
- मीन17:15 –18:40
- मेष18:40 –20:15
- वृषभ20:15 –22:11
- मिथुन22:11 –00:26, 4 अक्टू॰
- कर्क00:26 –02:46, 4 अक्टू॰
- सिंह02:46 –05:03, 4 अक्टू॰
- कन्या05:03 –07:19, 4 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2037
शनिवार, 3 अक्टूबर 2037 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 4 अक्टूबर 02:35 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र पुनर्वसु 4 अक्टूबर 00:22 तक, फिर पुष्य; योग परिघ 13:40 तक, फिर शिव; करण तैतिल 15:14 तक, फिर गर। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 09:13–10:41, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2094, शक संवत 1959।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2037 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण नवमी 4 अक्टूबर 02:35 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।
3 अक्टूबर 2037 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 4 अक्टूबर 00:22 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 18:31 तक।
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2037 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:13–10:41, यमगण्ड 13:39–15:07, गुलिक काल 06:15–07:44।
नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2037 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:05 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अक्टूबर 2037 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2037आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2037मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3845° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP