पंचांग · मंगलवार, 3 अक्टूबर 2034नई दिल्ली

भाद्रपद · कृष्ण षष्ठी · विक्रम संवत 2091

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:05सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण षष्ठी
कृष्ण · 14:39 तक
नक्षत्र
रोहिणी
07:01 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:05
मंगलवार · मंगल
राहु काल
15:08 –16:36
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:05
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
भद्रा
यमगंड
वर्ज्य
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:05रात06:16
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
दुर्मुहूर्त
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण षष्ठी
    14:39 तक
  2. कृष्ण सप्तमी
    12:29, 4 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    07:01 तक
  2. मृगशिरास्वामी मंगल
    05:27, 4 अक्टू॰ तक
  3. आर्द्रास्वामी राहु
    04:20, 5 अक्टू॰ तक
योग
  1. व्यतीपात
    19:10 तक
  2. वरीयान्
    16:21, 4 अक्टू॰ तक
करण
  1. वणिज
    14:39 तक
  2. विष्टि
    01:30, 4 अक्टू॰ तक
  3. बव
    12:29, 4 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:18
सूर्यास्त
18:05
बिंब मध्य 18:01
चंद्रोदय
22:37
चंद्रास्त
11:32
दिनमान
11h 50m
वार
मंगलवार · मंगल
चंद्र राशि
वृषभ
18:11 तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2091
शक संवत
1956

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:26
  • प्रातः संध्या05:02 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:34
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:56
  • गोधूलि मुहूर्त18:05 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:05 –19:18
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:35, 4 अक्टू॰
  • अमृत काल21:13 –22:43
इन समयों से बचें
  • राहु काल15:08 –16:36
  • यमगंड09:13 –10:41
  • गुलिक काल12:10 –13:39
  • दुर्मुहूर्त08:37 –09:24
  • दुर्मुहूर्त22:57 –23:46
  • वर्ज्य12:15 –13:45
  • भद्रा14:39 –01:30, 4 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • रोगअनिष्ट06:15 – 07:44
  • उद्वेगअशुभ07:44 – 09:13
  • चरसम09:13 – 10:41
  • लाभलाभ10:41 – 12:10
  • अमृतश्रेष्ठ12:10 – 13:39
  • कालहानि13:39 – 15:08
  • शुभशुभ15:08 – 16:36
  • रोगअनिष्ट16:36 – 18:05
रात
  • कालहानि18:05 – 19:36
  • लाभलाभ19:36 – 21:08
  • उद्वेगअशुभ21:08 – 22:39
  • शुभशुभ22:39 – 00:10
  • अमृतश्रेष्ठ00:10 – 01:42
  • चरसम01:42 – 03:13
  • रोगअनिष्ट03:13 – 04:44
  • कालहानि04:44 – 06:16

होरा

दिन
ग्रहसमय
मंगल06:15–07:14
सूर्य07:14–08:13
शुक्र08:13–09:13
बुध09:13–10:12
चन्द्र10:12–11:11
शनि11:11–12:10
गुरु12:10–13:09
मंगल13:09–14:08
सूर्य14:08–15:08
शुक्र15:08–16:07
बुध16:07–17:06
चन्द्र17:06–18:05
रात
ग्रहसमय
शनि18:05–19:06
गुरु19:06–20:07
मंगल20:07–21:08
सूर्य21:08–22:09
शुक्र22:09–23:09
बुध23:09–00:10
चन्द्र00:10–01:11
शनि01:11–02:12
गुरु02:12–03:13
मंगल03:13–04:14
सूर्य04:14–05:15
शुक्र05:15–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रोहिणी 4 पद07:01 तक
  • मृगशिरा 1 पद12:35 तक
  • मृगशिरा 2 पद18:11 तक
  • मृगशिरा 3 पद23:48 तक
  • मृगशिरा 4 पद05:27, 4 अक्टू॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद11:08, 4 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 50m
रात्रिमान
12h 11m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 18:11 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रोहिणी · 07:01 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मृगशिरा · 05:27, 4 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पश्चिम
चंद्र वास
दक्षिण · 18:11 तकपश्चिम
अग्निवास
आकाश · 14:39 तकपाताल
शिववास
भोजन में · 14:39 तकश्मशान में
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:15 –07:01
  • रोग पंचक07:01 –07:24
  • शुभ मुहूर्त07:24 –09:44
  • मृत्यु पंचक09:44 –12:02
  • अग्नि पंचक12:02 –14:06
  • शुभ मुहूर्त14:06 –14:39
  • राज पंचक14:39 –15:48
  • शुभ मुहूर्त15:48 –17:16
  • चोर पंचक17:16 –18:41
  • राज पंचक18:41 –20:16
  • शुभ मुहूर्त20:16 –22:12
  • चोर पंचक22:12 –00:26, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:26 –02:47, 4 अक्टू॰
  • रोग पंचक02:47 –05:04, 4 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:04 –05:27, 4 अक्टू॰
  • मृत्यु पंचक05:27 –06:16, 4 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:08 –07:24
  • तुला07:24 –09:44
  • वृश्चिक09:44 –12:02
  • धनु12:02 –14:06
  • मकर14:06 –15:48
  • कुम्भ15:48 –17:16
  • मीन17:16 –18:41
  • मेष18:41 –20:16
  • वृषभ20:16 –22:12
  • मिथुन22:12 –00:26, 4 अक्टू॰
  • कर्क00:26 –02:47, 4 अक्टू॰
  • सिंह02:47 –05:04, 4 अक्टू॰
  • कन्या05:04 –07:20, 4 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 3 अक्टूबर 2034

मंगलवार, 3 अक्टूबर 2034 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:05 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 14:39 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 07:01 तक, फिर मृगशिरा; योग व्यतीपात 19:10 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 14:39 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 15:08–16:36, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2091, शक संवत 1956।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2034 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण षष्ठी 14:39 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।

3 अक्टूबर 2034 को कौन सा नक्षत्र है?

रोहिणी 07:01 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 18:11 तक।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2034 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 15:08–16:36, यमगण्ड 09:13–10:41, गुलिक काल 12:10–13:39।

नई दिल्ली में 3 अक्टूबर 2034 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:05, चंद्रोदय 22:37 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अक्टूबर 2034 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2034आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2034मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.3426° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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