पंचांग · गुरुवार, 19 अप्रैल 2007नई दिल्ली

वैशाख · शुक्ल द्वितीया · विक्रम संवत 2064अक्षय तृतीया

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:52सूर्योदय18:49सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वितीया
शुक्ल · 09:40 तक
नक्षत्र
भरणी
06:17 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5218:49
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:58 –15:35
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:52दिन18:49
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:49रात05:51
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वितीया
    09:40 तक
  2. शुक्ल तृतीया
    06:25, 20 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. भरणीस्वामी शुक्र
    06:17 तक
  2. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    03:46, 20 अप्रैल तक
  3. रोहिणीस्वामी चन्द्र
    01:45, 21 अप्रैल तक
योग
  1. आयुष्मान्
    19:22 तक
  2. सौभाग्य
    15:46, 20 अप्रैल तक
करण
  1. कौलव
    09:40 तक
  2. तैतिल
    19:59 तक
  3. गर
    06:25, 20 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:52
बिंब मध्य 05:56
सूर्यास्त
18:49
बिंब मध्य 18:45
चंद्रोदय
06:51
चंद्रास्त
21:16
दिनमान
12h 57m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मेष
11:37 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2064
शक संवत
1929

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:24 –05:08
  • प्रातः संध्या04:46 –05:52
  • अभिजित मुहूर्त11:55 –12:47
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:22
  • गोधूलि मुहूर्त18:49 –19:11
  • सायाह्न संध्या18:49 –19:55
  • निशीथ मुहूर्त23:58 –00:42, 20 अप्रैल
  • अमृत काल01:37 –03:03, 20 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:58 –15:35
  • यमगंड05:52 –07:29
  • गुलिक काल09:06 –10:44
  • दुर्मुहूर्त10:11 –11:03
  • दुर्मुहूर्त15:22 –16:14
  • वर्ज्य17:01 –18:27

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:52 – 07:29
  • रोगअनिष्ट07:29 – 09:06
  • उद्वेगअशुभ09:06 – 10:44
  • चरसम10:44 – 12:21
  • लाभलाभ12:21 – 13:58
  • अमृतश्रेष्ठ13:58 – 15:35
  • कालहानि15:35 – 17:12
  • शुभशुभ17:12 – 18:49
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:49 – 20:12
  • चरसम20:12 – 21:35
  • रोगअनिष्ट21:35 – 22:57
  • कालहानि22:57 – 00:20
  • लाभलाभ00:20 – 01:43
  • उद्वेगअशुभ01:43 – 03:06
  • शुभशुभ03:06 – 04:28
  • अमृतश्रेष्ठ04:28 – 05:51

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:52–06:57
मंगल06:57–08:02
सूर्य08:02–09:06
शुक्र09:06–10:11
बुध10:11–11:16
चन्द्र11:16–12:21
शनि12:21–13:25
गुरु13:25–14:30
मंगल14:30–15:35
सूर्य15:35–16:40
शुक्र16:40–17:44
बुध17:44–18:49
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:49–19:44
शनि19:44–20:39
गुरु20:39–21:35
मंगल21:35–22:30
सूर्य22:30–23:25
शुक्र23:25–00:20
बुध00:20–01:15
चन्द्र01:15–02:11
शनि02:11–03:06
गुरु03:06–04:01
मंगल04:01–04:56
सूर्य04:56–05:51

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • भरणी 4 पद06:17 तक
  • कृत्तिका 1 पद11:37 तक
  • कृत्तिका 2 पद16:58 तक
  • कृत्तिका 3 पद22:21 तक
  • कृत्तिका 4 पद03:46, 20 अप्रैल तक
  • रोहिणी 1 पद09:12, 20 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 57m
रात्रिमान
11h 2m
मध्याह्न
12:21

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · 11:37 तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
वृषभ · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
भरणी · 06:17 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · 03:46, 20 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रोहिणी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
पूर्व · 11:37 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 09:40 तकआकाश
शिववास
गौरी के साथ · 09:40 तकसभा में
होमाहुति
सूर्य

पंचक रहित मुहूर्त

  • मृत्यु पंचक05:52 –06:17
  • अग्नि पंचक06:17 –07:17
  • शुभ मुहूर्त07:17 –09:13
  • राज पंचक09:13 –09:40
  • शुभ मुहूर्त09:40 –11:27
  • चोर पंचक11:27 –13:47
  • शुभ मुहूर्त13:47 –16:05
  • रोग पंचक16:05 –18:21
  • शुभ मुहूर्त18:21 –20:40
  • मृत्यु पंचक20:40 –22:59
  • अग्नि पंचक22:59 –01:03, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:03 –02:46, 20 अप्रैल
  • राज पंचक02:46 –03:46, 20 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त03:46 –04:13, 20 अप्रैल
  • चोर पंचक04:13 –05:38, 20 अप्रैल
  • राज पंचक05:38 –05:51, 20 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:42 –07:17
  • वृषभ07:17 –09:13
  • मिथुन09:13 –11:27
  • कर्क11:27 –13:47
  • सिंह13:47 –16:05
  • कन्या16:05 –18:21
  • तुला18:21 –20:40
  • वृश्चिक20:40 –22:59
  • धनु22:59 –01:03, 20 अप्रैल
  • मकर01:03 –02:46, 20 अप्रैल
  • कुम्भ02:46 –04:13, 20 अप्रैल
  • मीन04:13 –05:38, 20 अप्रैल
  • मेष05:38 –07:13, 20 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 19 अप्रैल 2007

गुरुवार, 19 अप्रैल 2007 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:49 पर है। तिथि शुक्ल द्वितीया 09:40 तक, फिर शुक्ल तृतीया; नक्षत्र भरणी 06:17 तक, फिर कृत्तिका; योग आयुष्मान् 19:22 तक, फिर सौभाग्य; करण कौलव 09:40 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 13:58–15:35, अभिजित मुहूर्त 11:55–12:47। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2064, शक संवत 1929।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 19 अप्रैल 2007 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वितीया 09:40 तक, फिर शुक्ल तृतीया (सूर्योदय 05:52, नई दिल्ली)।

19 अप्रैल 2007 को कौन सा नक्षत्र है?

भरणी 06:17 तक, फिर कृत्तिका। चंद्रमा मेष राशि में 11:37 तक।

नई दिल्ली में 19 अप्रैल 2007 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:58–15:35, यमगण्ड 05:52–07:29, गुलिक काल 09:06–10:44।

नई दिल्ली में 19 अप्रैल 2007 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:49, चंद्रोदय 06:51 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 अप्रैल 2007 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:55–12:47, ब्रह्म मुहूर्त 04:24–05:08। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

19 अप्रैल 2007 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

अक्षय तृतीया।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2007आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2007मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9590° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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