पंचांग · शनिवार, 30 अक्टूबर 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया10:53 तक
- कृष्ण तृतीया12:43, 31 अक्टू॰ तक
- कृत्तिकास्वामी सूर्य16:23 तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र18:48, 31 अक्टू॰ तक
- वरीयान्04:21, 31 अक्टू॰ तक
- परिघ04:54, 1 नव॰ तक
- गर10:53 तक
- वणिज23:45 तक
- विष्टि12:43, 31 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:32बिंब मध्य 06:35
- सूर्यास्त
- 17:38बिंब मध्य 17:33
- चंद्रोदय
- 18:59
- चंद्रास्त
- 08:26
- दिनमान
- 11h 6m
- वार
- शनिवार · शनि
- चंद्र राशि
- वृषभ08:09, 1 नव॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- कार्तिक
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:49 –05:40
- प्रातः संध्या05:14 –06:32
- अभिजित मुहूर्त11:42 –12:27
- विजय मुहूर्त13:56 –14:40
- गोधूलि मुहूर्त17:38 –18:03
- सायाह्न संध्या17:38 –18:55
- निशीथ मुहूर्त23:39 –00:31, 31 अक्टू॰
- अमृत काल13:46 –15:31
- राहु काल09:18 –10:41
- यमगंड13:28 –14:51
- गुलिक काल06:32 –07:55
- दुर्मुहूर्त06:32 –07:16
- दुर्मुहूर्त07:16 –08:01
- भद्रा23:45 –06:32, 31 अक्टू॰
चौघड़िया
- कालहानि06:32 – 07:55
- शुभशुभ07:55 – 09:18
- रोगअनिष्ट09:18 – 10:41
- उद्वेगअशुभ10:41 – 12:05
- चरसम12:05 – 13:28
- लाभलाभ13:28 – 14:51
- अमृतश्रेष्ठ14:51 – 16:14
- कालहानि16:14 – 17:38
- लाभलाभ17:38 – 19:14
- उद्वेगअशुभ19:14 – 20:51
- शुभशुभ20:51 – 22:28
- अमृतश्रेष्ठ22:28 – 00:05
- चरसम00:05 – 01:42
- रोगअनिष्ट01:42 – 03:19
- कालहानि03:19 – 04:56
- लाभलाभ04:56 – 06:32
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 06:32–07:27 |
| गुरु | 07:27–08:23 |
| मंगल | 08:23–09:18 |
| सूर्य | 09:18–10:14 |
| शुक्र | 10:14–11:09 |
| बुध | 11:09–12:05 |
| चन्द्र | 12:05–13:00 |
| शनि | 13:00–13:56 |
| गुरु | 13:56–14:51 |
| मंगल | 14:51–15:47 |
| सूर्य | 15:47–16:42 |
| शुक्र | 16:42–17:38 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 17:38–18:42 |
| चन्द्र | 18:42–19:47 |
| शनि | 19:47–20:51 |
| गुरु | 20:51–21:56 |
| मंगल | 21:56–23:00 |
| सूर्य | 23:00–00:05 |
| शुक्र | 00:05–01:10 |
| बुध | 01:10–02:14 |
| चन्द्र | 02:14–03:19 |
| शनि | 03:19–04:23 |
| गुरु | 04:23–05:28 |
| मंगल | 05:28–06:32 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- कृत्तिका 3 पद09:50 तक
- कृत्तिका 4 पद16:23 तक
- रोहिणी 1 पद22:57 तक
- रोहिणी 2 पद05:33, 31 अक्टू॰ तक
- रोहिणी 3 पद12:10, 31 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- स्वाती 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- हेमंत
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 6m
- रात्रिमान
- 12h 54m
- मध्याह्न
- 12:05
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पूर्व
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- आकाश · 10:53 तकपाताल
- शिववास
- सभा में · 10:53 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:32 –07:55
- रोग पंचक07:55 –10:13
- शुभ मुहूर्त10:13 –10:53
- मृत्यु पंचक10:53 –12:17
- अग्नि पंचक12:17 –14:00
- शुभ मुहूर्त14:00 –15:27
- राज पंचक15:27 –16:23
- शुभ मुहूर्त16:23 –18:27
- राज पंचक18:27 –20:23
- शुभ मुहूर्त20:23 –22:37
- चोर पंचक22:37 –00:58, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:58 –03:15, 31 अक्टू॰
- रोग पंचक03:15 –05:31, 31 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त05:31 –06:32, 31 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला05:35 –07:55
- वृश्चिक07:55 –10:13
- धनु10:13 –12:17
- मकर12:17 –14:00
- कुम्भ14:00 –15:27
- मीन15:27 –16:52
- मेष16:52 –18:27
- वृषभ18:27 –20:23
- मिथुन20:23 –22:37
- कर्क22:37 –00:58, 31 अक्टू॰
- सिंह00:58 –03:15, 31 अक्टू॰
- कन्या03:15 –05:31, 31 अक्टू॰
- तुला05:31 –07:51, 31 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 30 अक्टूबर 2004
शनिवार, 30 अक्टूबर 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 17:38 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 10:53 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र कृत्तिका 16:23 तक, फिर रोहिणी; योग वरीयान् 31 अक्टूबर 04:21 तक, फिर परिघ; करण गर 10:53 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 09:18–10:41, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2004 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 10:53 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:32, नई दिल्ली)।
30 अक्टूबर 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
कृत्तिका 16:23 तक, फिर रोहिणी। चंद्रमा वृषभ राशि में 1 नवंबर 08:09 तक।
नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 09:18–10:41, यमगण्ड 13:28–14:51, गुलिक काल 06:32–07:55।
नई दिल्ली में 30 अक्टूबर 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 17:38, चंद्रोदय 18:59 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
30 अक्टूबर 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:42–12:27, ब्रह्म मुहूर्त 04:49–05:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9245° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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