पंचांग · गुरुवार, 21 अक्टूबर 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल अष्टमी14:27 तक
- शुक्ल नवमी12:34, 22 अक्टू॰ तक
- उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य13:48 तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र12:38, 22 अक्टू॰ तक
- धृति17:28 तक
- शूल14:50, 22 अक्टू॰ तक
- बव14:27 तक
- बालव01:28, 22 अक्टू॰ तक
- कौलव12:34, 22 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:26बिंब मध्य 06:29
- सूर्यास्त
- 17:45बिंब मध्य 17:41
- चंद्रोदय
- 13:48
- चंद्रास्त
- —
- दिनमान
- 11h 19m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- मकर00:09, 23 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- तुला
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आश्विन
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शरद
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:44 –05:35
- प्रातः संध्या05:10 –06:26
- अभिजित मुहूर्त11:43 –12:28
- विजय मुहूर्त13:59 –14:44
- गोधूलि मुहूर्त17:45 –18:11
- सायाह्न संध्या17:45 –19:02
- निशीथ मुहूर्त23:41 –00:31, 22 अक्टू॰
- अमृत काल07:46 –09:16
- अमृत काल02:44 –04:15, 22 अक्टू॰
- राहु काल13:31 –14:56
- यमगंड06:26 –07:51
- गुलिक काल09:16 –10:41
- दुर्मुहूर्त10:12 –10:58
- दुर्मुहूर्त14:44 –15:30
- वर्ज्य17:36 –19:07
चौघड़िया
- शुभशुभ06:26 – 07:51
- रोगअनिष्ट07:51 – 09:16
- उद्वेगअशुभ09:16 – 10:41
- चरसम10:41 – 12:06
- लाभलाभ12:06 – 13:31
- अमृतश्रेष्ठ13:31 – 14:56
- कालहानि14:56 – 16:21
- शुभशुभ16:21 – 17:45
- अमृतश्रेष्ठ17:45 – 19:21
- चरसम19:21 – 20:56
- रोगअनिष्ट20:56 – 22:31
- कालहानि22:31 – 00:06
- लाभलाभ00:06 – 01:41
- उद्वेगअशुभ01:41 – 03:16
- शुभशुभ03:16 – 04:51
- अमृतश्रेष्ठ04:51 – 06:26
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 06:26–07:22 |
| मंगल | 07:22–08:19 |
| सूर्य | 08:19–09:16 |
| शुक्र | 09:16–10:12 |
| बुध | 10:12–11:09 |
| चन्द्र | 11:09–12:06 |
| शनि | 12:06–13:02 |
| गुरु | 13:02–13:59 |
| मंगल | 13:59–14:56 |
| सूर्य | 14:56–15:52 |
| शुक्र | 15:52–16:49 |
| बुध | 16:49–17:45 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 17:45–18:49 |
| शनि | 18:49–19:52 |
| गुरु | 19:52–20:56 |
| मंगल | 20:56–21:59 |
| सूर्य | 21:59–23:03 |
| शुक्र | 23:03–00:06 |
| बुध | 00:06–01:09 |
| चन्द्र | 01:09–02:13 |
| शनि | 02:13–03:16 |
| गुरु | 03:16–04:20 |
| मंगल | 04:20–05:23 |
| सूर्य | 05:23–06:26 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- उत्तराषाढ़ा 3 पद08:07 तक
- उत्तराषाढ़ा 4 पद13:48 तक
- श्रवण 1 पद19:29 तक
- श्रवण 2 पद01:11, 22 अक्टू॰ तक
- श्रवण 3 पद06:54, 22 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- चित्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- शरद
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 19m
- रात्रिमान
- 12h 41m
- मध्याह्न
- 12:06
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पाताल · 14:27 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 14:27 तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- शुक्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:26 –08:30
- चोर पंचक08:30 –10:49
- शुभ मुहूर्त10:49 –12:53
- रोग पंचक12:53 –13:48
- शुभ मुहूर्त13:48 –14:27
- मृत्यु पंचक14:27 –14:35
- अग्नि पंचक14:35 –16:03
- शुभ मुहूर्त16:03 –17:28
- मृत्यु पंचक17:28 –19:03
- अग्नि पंचक19:03 –20:58
- शुभ मुहूर्त20:58 –23:13
- राज पंचक23:13 –01:33, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त01:33 –03:50, 22 अक्टू॰
- चोर पंचक03:50 –06:07, 22 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त06:07 –06:26, 22 अक्टू॰
उदय लग्न
- तुला06:10 –08:30
- वृश्चिक08:30 –10:49
- धनु10:49 –12:53
- मकर12:53 –14:35
- कुम्भ14:35 –16:03
- मीन16:03 –17:28
- मेष17:28 –19:03
- वृषभ19:03 –20:58
- मिथुन20:58 –23:13
- कर्क23:13 –01:33, 22 अक्टू॰
- सिंह01:33 –03:50, 22 अक्टू॰
- कन्या03:50 –06:07, 22 अक्टू॰
- तुला06:07 –08:26, 22 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 21 अक्टूबर 2004
गुरुवार, 21 अक्टूबर 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:26 और सूर्यास्त 17:45 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 14:27 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 13:48 तक, फिर श्रवण; योग धृति 17:28 तक, फिर शूल; करण बव 14:27 तक, फिर बालव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 13:31–14:56, अभिजित मुहूर्त 11:43–12:28। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2004 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल अष्टमी 14:27 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 06:26, नई दिल्ली)।
21 अक्टूबर 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
उत्तराषाढ़ा 13:48 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 23 अक्टूबर 00:09 तक।
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 13:31–14:56, यमगण्ड 06:26–07:51, गुलिक काल 09:16–10:41।
नई दिल्ली में 21 अक्टूबर 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:26, सूर्यास्त 17:45, चंद्रोदय 13:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
21 अक्टूबर 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:43–12:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:44–05:35। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
21 अक्टूबर 2004 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
दुर्गा अष्टमी, महा नवमी।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9242° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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