पंचांग · सोमवार, 4 अक्टूबर 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण षष्ठी00:00, 5 अक्टू॰ तक
- कृष्ण सप्तमी02:27, 6 अक्टू॰ तक
- रोहिणीस्वामी चन्द्र10:43 तक
- मृगशिरास्वामी मंगल13:35, 5 अक्टू॰ तक
- व्यतीपात21:45 तक
- वरीयान्22:37, 5 अक्टू॰ तक
- गर10:51 तक
- वणिज00:00, 5 अक्टू॰ तक
- विष्टि13:13, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:16बिंब मध्य 06:19
- सूर्यास्त
- 18:04बिंब मध्य 17:59
- चंद्रोदय
- 21:48
- चंद्रास्त
- 11:36
- दिनमान
- 11h 48m
- वार
- सोमवार · चन्द्र
- चंद्र राशि
- वृषभ00:08, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य राशि
- कन्या
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- भाद्रपद
- पूर्णिमांत मास
- आश्विन
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
- प्रातः संध्या05:03 –06:16
- अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
- विजय मुहूर्त14:08 –14:55
- गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:28
- सायाह्न संध्या18:04 –19:17
- निशीथ मुहूर्त23:45 –00:34, 5 अक्टू॰
- अमृत काल07:10 –08:56
- अमृत काल03:44 –05:32, 5 अक्टू॰
- राहु काल07:44 –09:13
- यमगंड10:41 –12:10
- गुलिक काल13:38 –15:07
- दुर्मुहूर्त12:33 –13:20
- दुर्मुहूर्त14:55 –15:42
- वर्ज्य16:59 –18:47
- भद्रा00:00 –06:16, 5 अक्टू॰
चौघड़िया
- अमृतश्रेष्ठ06:16 – 07:44
- कालहानि07:44 – 09:13
- शुभशुभ09:13 – 10:41
- रोगअनिष्ट10:41 – 12:10
- उद्वेगअशुभ12:10 – 13:38
- चरसम13:38 – 15:07
- लाभलाभ15:07 – 16:35
- अमृतश्रेष्ठ16:35 – 18:04
- चरसम18:04 – 19:35
- रोगअनिष्ट19:35 – 21:07
- कालहानि21:07 – 22:38
- लाभलाभ22:38 – 00:10
- उद्वेगअशुभ00:10 – 01:41
- शुभशुभ01:41 – 03:13
- अमृतश्रेष्ठ03:13 – 04:45
- चरसम04:45 – 06:16
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 06:16–07:15 |
| शनि | 07:15–08:14 |
| गुरु | 08:14–09:13 |
| मंगल | 09:13–10:12 |
| सूर्य | 10:12–11:11 |
| शुक्र | 11:11–12:10 |
| बुध | 12:10–13:09 |
| चन्द्र | 13:09–14:08 |
| शनि | 14:08–15:07 |
| गुरु | 15:07–16:06 |
| मंगल | 16:06–17:05 |
| सूर्य | 17:05–18:04 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 18:04–19:05 |
| बुध | 19:05–20:06 |
| चन्द्र | 20:06–21:07 |
| शनि | 21:07–22:08 |
| गुरु | 22:08–23:09 |
| मंगल | 23:09–00:10 |
| सूर्य | 00:10–01:11 |
| शुक्र | 01:11–02:12 |
| बुध | 02:12–03:13 |
| चन्द्र | 03:13–04:14 |
| शनि | 04:14–05:15 |
| गुरु | 05:15–06:16 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रोहिणी 4 पद10:43 तक
- मृगशिरा 1 पद17:25 तक
- मृगशिरा 2 पद00:08, 5 अक्टू॰ तक
- मृगशिरा 3 पद06:51, 5 अक्टू॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- हस्त 3 पद
- ऋतु (दृक्)
- शरद
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 11h 48m
- रात्रिमान
- 12h 12m
- मध्याह्न
- 12:10
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
- चंद्र वास
- दक्षिण · 00:08, 5 अक्टू॰ तकपश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:00, 5 अक्टू॰ तकआकाश
- शिववास
- भोजन में · 00:00, 5 अक्टू॰ तकश्मशान में
- होमाहुति
- गुरु
पंचक रहित मुहूर्त
- चोर पंचक06:16 –07:17
- शुभ मुहूर्त07:17 –09:37
- रोग पंचक09:37 –10:43
- शुभ मुहूर्त10:43 –11:55
- मृत्यु पंचक11:55 –14:00
- अग्नि पंचक14:00 –15:42
- शुभ मुहूर्त15:42 –17:10
- राज पंचक17:10 –18:35
- अग्नि पंचक18:35 –20:10
- शुभ मुहूर्त20:10 –22:05
- राज पंचक22:05 –00:00, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त00:00 –00:20, 5 अक्टू॰
- चोर पंचक00:20 –02:40, 5 अक्टू॰
- शुभ मुहूर्त02:40 –04:57, 5 अक्टू॰
- रोग पंचक04:57 –06:16, 5 अक्टू॰
उदय लग्न
- कन्या05:01 –07:17
- तुला07:17 –09:37
- वृश्चिक09:37 –11:55
- धनु11:55 –14:00
- मकर14:00 –15:42
- कुम्भ15:42 –17:10
- मीन17:10 –18:35
- मेष18:35 –20:10
- वृषभ20:10 –22:05
- मिथुन22:05 –00:20, 5 अक्टू॰
- कर्क00:20 –02:40, 5 अक्टू॰
- सिंह02:40 –04:57, 5 अक्टू॰
- कन्या04:57 –07:13, 5 अक्टू॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2004
सोमवार, 4 अक्टूबर 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:16 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि कृष्ण षष्ठी 5 अक्टूबर 00:00 तक, फिर कृष्ण सप्तमी; नक्षत्र रोहिणी 10:43 तक, फिर मृगशिरा; योग व्यतीपात 21:45 तक, फिर वरीयान्; करण गर 10:51 तक, फिर वणिज। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 07:44–09:13, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2004 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण षष्ठी 5 अक्टूबर 00:00 तक, फिर कृष्ण सप्तमी (सूर्योदय 06:16, नई दिल्ली)।
4 अक्टूबर 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
रोहिणी 10:43 तक, फिर मृगशिरा। चंद्रमा वृषभ राशि में 5 अक्टूबर 00:08 तक।
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 07:44–09:13, यमगण्ड 10:41–12:10, गुलिक काल 13:38–15:07।
नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:16, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 21:48 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अक्टूबर 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9235° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP