पंचांग · रविवार, 4 जुलाई 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण द्वितीया09:17 तक
- कृष्ण तृतीया06:09, 5 जुल॰ तक
- श्रवणस्वामी चन्द्र02:44, 5 जुल॰ तक
- धनिष्ठास्वामी मंगल00:55, 6 जुल॰ तक
- वैधृति07:30 तक
- विष्कुम्भ03:50, 5 जुल॰ तक
- प्रीति00:40, 6 जुल॰ तक
- गर09:17 तक
- वणिज19:39 तक
- विष्टि06:09, 5 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:28बिंब मध्य 05:32
- सूर्यास्त
- 19:23बिंब मध्य 19:18
- चंद्रोदय
- 21:31
- चंद्रास्त
- 07:10
- दिनमान
- 13h 55m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- मकर13:45, 5 जुल॰ तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- आषाढ़
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:07 –04:48
- प्रातः संध्या04:28 –05:28
- अभिजित मुहूर्त11:58 –12:53
- विजय मुहूर्त14:45 –15:40
- गोधूलि मुहूर्त19:23 –19:43
- सायाह्न संध्या19:23 –20:23
- निशीथ मुहूर्त00:06 –00:46, 5 जुल॰
- अमृत काल17:22 –18:48
- राहु काल17:39 –19:23
- यमगंड12:26 –14:10
- गुलिक काल15:54 –17:39
- दुर्मुहूर्त17:32 –18:27
- वर्ज्य08:43 –10:10
- भद्रा19:39 –05:28, 5 जुल॰
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ05:28 – 07:12
- चरसम07:12 – 08:57
- लाभलाभ08:57 – 10:41
- अमृतश्रेष्ठ10:41 – 12:26
- कालहानि12:26 – 14:10
- शुभशुभ14:10 – 15:54
- रोगअनिष्ट15:54 – 17:39
- उद्वेगअशुभ17:39 – 19:23
- शुभशुभ19:23 – 20:39
- अमृतश्रेष्ठ20:39 – 21:54
- चरसम21:54 – 23:10
- रोगअनिष्ट23:10 – 00:26
- कालहानि00:26 – 01:41
- लाभलाभ01:41 – 02:57
- उद्वेगअशुभ02:57 – 04:13
- शुभशुभ04:13 – 05:28
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 05:28–06:38 |
| शुक्र | 06:38–07:47 |
| बुध | 07:47–08:57 |
| चन्द्र | 08:57–10:06 |
| शनि | 10:06–11:16 |
| गुरु | 11:16–12:26 |
| मंगल | 12:26–13:35 |
| सूर्य | 13:35–14:45 |
| शुक्र | 14:45–15:54 |
| बुध | 15:54–17:04 |
| चन्द्र | 17:04–18:13 |
| शनि | 18:13–19:23 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 19:23–20:13 |
| मंगल | 20:13–21:04 |
| सूर्य | 21:04–21:54 |
| शुक्र | 21:54–22:45 |
| बुध | 22:45–23:35 |
| चन्द्र | 23:35–00:26 |
| शनि | 00:26–01:16 |
| गुरु | 01:16–02:07 |
| मंगल | 02:07–02:57 |
| सूर्य | 02:57–03:48 |
| शुक्र | 03:48–04:38 |
| बुध | 04:38–05:28 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- श्रवण 1 पद10:29 तक
- श्रवण 2 पद15:52 तक
- श्रवण 3 पद21:17 तक
- श्रवण 4 पद02:44, 5 जुल॰ तक
- धनिष्ठा 1 पद08:13, 5 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 55m
- रात्रिमान
- 10h 5m
- मध्याह्न
- 12:26
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 09:17 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- सभा में · 09:17 तकक्रीड़ा में
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:28 –06:25
- रोग पंचक06:25 –08:45
- शुभ मुहूर्त08:45 –09:17
- मृत्यु पंचक09:17 –11:03
- अग्नि पंचक11:03 –13:19
- शुभ मुहूर्त13:19 –15:38
- राज पंचक15:38 –17:57
- शुभ मुहूर्त17:57 –20:01
- चोर पंचक20:01 –21:44
- शुभ मुहूर्त21:44 –23:11
- रोग पंचक23:11 –00:36, 5 जुल॰
- चोर पंचक00:36 –02:11, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त02:11 –02:44, 5 जुल॰
- रोग पंचक02:44 –04:07, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त04:07 –05:28, 5 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:11 –06:25
- कर्क06:25 –08:45
- सिंह08:45 –11:03
- कन्या11:03 –13:19
- तुला13:19 –15:38
- वृश्चिक15:38 –17:57
- धनु17:57 –20:01
- मकर20:01 –21:44
- कुम्भ21:44 –23:11
- मीन23:11 –00:36, 5 जुल॰
- मेष00:36 –02:11, 5 जुल॰
- वृषभ02:11 –04:07, 5 जुल॰
- मिथुन04:07 –06:21, 5 जुल॰
पंचांग · नई दिल्ली, 4 जुलाई 2004
रविवार, 4 जुलाई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:28 और सूर्यास्त 19:23 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 09:17 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र श्रवण 5 जुलाई 02:44 तक, फिर धनिष्ठा; योग वैधृति 07:30 तक, फिर विष्कुम्भ; करण गर 09:17 तक, फिर वणिज। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 17:39–19:23, अभिजित मुहूर्त 11:58–12:53। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 जुलाई 2004 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण द्वितीया 09:17 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 05:28, नई दिल्ली)।
4 जुलाई 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
श्रवण 5 जुलाई 02:44 तक, फिर धनिष्ठा। चंद्रमा मकर राशि में 5 जुलाई 13:45 तक।
नई दिल्ली में 4 जुलाई 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:39–19:23, यमगण्ड 12:26–14:10, गुलिक काल 15:54–17:39।
नई दिल्ली में 4 जुलाई 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:28, सूर्यास्त 19:23, चंद्रोदय 21:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 जुलाई 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:58–12:53, ब्रह्म मुहूर्त 04:07–04:48। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9200° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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