पंचांग · मंगलवार, 4 मई 2004नई दिल्ली
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- पूर्णिमा02:03, 5 मई तक
- कृष्ण प्रतिपदा22:40, 5 मई तक
- स्वातीस्वामी राहु00:47, 5 मई तक
- विशाखास्वामी गुरु22:13, 5 मई तक
- सिद्धि13:32 तक
- व्यतीपात09:46, 5 मई तक
- विष्टि15:39 तक
- बव02:03, 5 मई तक
- बालव12:23, 5 मई तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:38बिंब मध्य 05:41
- सूर्यास्त
- 18:58बिंब मध्य 18:54
- चंद्रोदय
- 18:34
- चंद्रास्त
- 05:06
- दिनमान
- 13h 20m
- वार
- मंगलवार · मंगल
- चंद्र राशि
- तुला16:53, 5 मई तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- वैशाख
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2061
- शक संवत
- 1926
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:13 –04:55
- प्रातः संध्या04:34 –05:38
- अभिजित मुहूर्त11:51 –12:45
- विजय मुहूर्त14:32 –15:25
- गोधूलि मुहूर्त18:58 –19:20
- सायाह्न संध्या18:58 –20:02
- निशीथ मुहूर्त23:56 –00:39, 5 मई
- अमृत काल16:50 –18:17
- राहु काल15:38 –17:18
- यमगंड08:58 –10:38
- गुलिक काल12:18 –13:58
- दुर्मुहूर्त08:18 –09:11
- दुर्मुहूर्त23:14 –23:56
- वर्ज्य08:09 –09:36
- भद्रा05:38 –15:39
चौघड़िया
- रोगअनिष्ट05:38 – 07:18
- उद्वेगअशुभ07:18 – 08:58
- चरसम08:58 – 10:38
- लाभलाभ10:38 – 12:18
- अमृतश्रेष्ठ12:18 – 13:58
- कालहानि13:58 – 15:38
- शुभशुभ15:38 – 17:18
- रोगअनिष्ट17:18 – 18:58
- कालहानि18:58 – 20:18
- लाभलाभ20:18 – 21:38
- उद्वेगअशुभ21:38 – 22:58
- शुभशुभ22:58 – 00:18
- अमृतश्रेष्ठ00:18 – 01:38
- चरसम01:38 – 02:57
- रोगअनिष्ट02:57 – 04:17
- कालहानि04:17 – 05:37
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 05:38–06:45 |
| सूर्य | 06:45–07:51 |
| शुक्र | 07:51–08:58 |
| बुध | 08:58–10:05 |
| चन्द्र | 10:05–11:11 |
| शनि | 11:11–12:18 |
| गुरु | 12:18–13:25 |
| मंगल | 13:25–14:32 |
| सूर्य | 14:32–15:38 |
| शुक्र | 15:38–16:45 |
| बुध | 16:45–17:52 |
| चन्द्र | 17:52–18:58 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शनि | 18:58–19:52 |
| गुरु | 19:52–20:45 |
| मंगल | 20:45–21:38 |
| सूर्य | 21:38–22:31 |
| शुक्र | 22:31–23:24 |
| बुध | 23:24–00:18 |
| चन्द्र | 00:18–01:11 |
| शनि | 01:11–02:04 |
| गुरु | 02:04–02:57 |
| मंगल | 02:57–03:51 |
| सूर्य | 03:51–04:44 |
| शुक्र | 04:44–05:37 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- स्वाती 1 पद08:33 तक
- स्वाती 2 पद13:59 तक
- स्वाती 3 पद19:24 तक
- स्वाती 4 पद00:47, 5 मई तक
- विशाखा 1 पद06:10, 5 मई तक
- सूर्य नक्षत्र
- भरणी 2 पद
- ऋतु (दृक्)
- ग्रीष्म
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 20m
- रात्रिमान
- 10h 39m
- मध्याह्न
- 12:18
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- पश्चिम
- चंद्र वास
- पश्चिम
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 02:03, 5 मई तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 02:03, 5 मई तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- चन्द्र
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:38 –06:15
- रोग पंचक06:15 –08:10
- शुभ मुहूर्त08:10 –10:25
- मृत्यु पंचक10:25 –12:45
- अग्नि पंचक12:45 –15:03
- शुभ मुहूर्त15:03 –17:19
- राज पंचक17:19 –19:38
- शुभ मुहूर्त19:38 –21:57
- चोर पंचक21:57 –00:01, 5 मई
- शुभ मुहूर्त00:01 –00:47, 5 मई
- रोग पंचक00:47 –01:44, 5 मई
- शुभ मुहूर्त01:44 –02:03, 5 मई
- मृत्यु पंचक02:03 –03:11, 5 मई
- अग्नि पंचक03:11 –04:36, 5 मई
- शुभ मुहूर्त04:36 –05:37, 5 मई
उदय लग्न
- मेष04:40 –06:15
- वृषभ06:15 –08:10
- मिथुन08:10 –10:25
- कर्क10:25 –12:45
- सिंह12:45 –15:03
- कन्या15:03 –17:19
- तुला17:19 –19:38
- वृश्चिक19:38 –21:57
- धनु21:57 –00:01, 5 मई
- मकर00:01 –01:44, 5 मई
- कुम्भ01:44 –03:11, 5 मई
- मीन03:11 –04:36, 5 मई
- मेष04:36 –06:11, 5 मई
पंचांग · नई दिल्ली, 4 मई 2004
मंगलवार, 4 मई 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 18:58 पर है। तिथि पूर्णिमा 5 मई 02:03 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र स्वाती 5 मई 00:47 तक, फिर विशाखा; योग सिद्धि 13:32 तक, फिर व्यतीपात; करण विष्टि 15:39 तक, फिर बव। चंद्रमा तुला राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 15:38–17:18, अभिजित मुहूर्त 11:51–12:45। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।
इस दिन के बारे में प्रश्न
नई दिल्ली में 4 मई 2004 को कौन सी तिथि है?
पूर्णिमा 5 मई 02:03 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 05:38, नई दिल्ली)।
4 मई 2004 को कौन सा नक्षत्र है?
स्वाती 5 मई 00:47 तक, फिर विशाखा। चंद्रमा तुला राशि में 5 मई 16:53 तक।
नई दिल्ली में 4 मई 2004 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 15:38–17:18, यमगण्ड 08:58–10:38, गुलिक काल 12:18–13:58।
नई दिल्ली में 4 मई 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 18:58, चंद्रोदय 18:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 मई 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:51–12:45, ब्रह्म मुहूर्त 04:13–04:55। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 मई 2004 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
बुद्ध पूर्णिमा, पूर्णिमा।
नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मई 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9177° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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