पंचांग · रविवार, 11 अप्रैल 2004नई दिल्ली

चैत्र · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2061

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:00सूर्योदय18:45सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 22:15 तक
नक्षत्र
मूल
07:13 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0018:45
रविवार · सूर्य
राहु काल
17:09 –18:45
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:00दिन18:45
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
गंड मूल
वर्ज्य
भद्रा
दुर्मुहूर्त
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:45रात05:59
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    22:15 तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    20:22, 12 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. मूलस्वामी केतु
    07:13 तक
  2. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    05:51, 12 अप्रैल तक
  3. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    04:49, 13 अप्रैल तक
योग
  1. परिघ
    11:01 तक
  2. शिव
    08:13, 12 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    11:19 तक
  2. बव
    22:15 तक
  3. बालव
    09:16, 12 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:00
बिंब मध्य 06:03
सूर्यास्त
18:45
बिंब मध्य 18:40
चंद्रोदय
00:24
चंद्रास्त
10:37
दिनमान
12h 45m
वार
रविवार · सूर्य
चंद्र राशि
धनु
11:34, 12 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2061
शक संवत
1926

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:30 –05:15
  • प्रातः संध्या04:52 –06:00
  • अभिजित मुहूर्त11:57 –12:48
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:21
  • गोधूलि मुहूर्त18:45 –19:07
  • सायाह्न संध्या18:45 –19:52
  • निशीथ मुहूर्त23:59 –00:44, 12 अप्रैल
  • अमृत काल01:20 –02:50, 12 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल17:09 –18:45
  • यमगंड12:22 –13:58
  • गुलिक काल15:34 –17:09
  • दुर्मुहूर्त17:03 –17:54
  • वर्ज्य05:44 –07:13
  • वर्ज्य16:16 –17:47
  • गंड मूल06:00 –07:13
  • भद्रा06:00 –11:19

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • उद्वेगअशुभ06:00 – 07:36
  • चरसम07:36 – 09:11
  • लाभलाभ09:11 – 10:47
  • अमृतश्रेष्ठ10:47 – 12:22
  • कालहानि12:22 – 13:58
  • शुभशुभ13:58 – 15:34
  • रोगअनिष्ट15:34 – 17:09
  • उद्वेगअशुभ17:09 – 18:45
रात
  • शुभशुभ18:45 – 20:09
  • अमृतश्रेष्ठ20:09 – 21:33
  • चरसम21:33 – 22:58
  • रोगअनिष्ट22:58 – 00:22
  • कालहानि00:22 – 01:46
  • लाभलाभ01:46 – 03:10
  • उद्वेगअशुभ03:10 – 04:35
  • शुभशुभ04:35 – 05:59

होरा

दिन
ग्रहसमय
सूर्य06:00–07:04
शुक्र07:04–08:07
बुध08:07–09:11
चन्द्र09:11–10:15
शनि10:15–11:19
गुरु11:19–12:22
मंगल12:22–13:26
सूर्य13:26–14:30
शुक्र14:30–15:34
बुध15:34–16:37
चन्द्र16:37–17:41
शनि17:41–18:45
रात
ग्रहसमय
गुरु18:45–19:41
मंगल19:41–20:37
सूर्य20:37–21:33
शुक्र21:33–22:29
बुध22:29–23:26
चन्द्र23:26–00:22
शनि00:22–01:18
गुरु01:18–02:14
मंगल02:14–03:10
सूर्य03:10–04:07
शुक्र04:07–05:03
बुध05:03–05:59

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मूल 4 पद07:13 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद12:51 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद18:30 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद00:10, 12 अप्रैल तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद05:51, 12 अप्रैल तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद11:34, 12 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 45m
रात्रिमान
11h 14m
मध्याह्न
12:22

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मूल · 07:13 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्वाषाढ़ा · 05:51, 12 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
उत्तर
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 22:15 तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 22:15 तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:00 –07:13
  • रोग पंचक07:13 –07:46
  • शुभ मुहूर्त07:46 –09:41
  • मृत्यु पंचक09:41 –11:55
  • अग्नि पंचक11:55 –14:16
  • शुभ मुहूर्त14:16 –16:33
  • राज पंचक16:33 –18:49
  • शुभ मुहूर्त18:49 –21:09
  • चोर पंचक21:09 –22:15
  • शुभ मुहूर्त22:15 –23:27
  • रोग पंचक23:27 –01:32, 12 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:32 –03:14, 12 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:14 –04:42, 12 अप्रैल
  • अग्नि पंचक04:42 –05:51, 12 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:51 –05:59, 12 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:46 –06:10
  • मेष06:10 –07:46
  • वृषभ07:46 –09:41
  • मिथुन09:41 –11:55
  • कर्क11:55 –14:16
  • सिंह14:16 –16:33
  • कन्या16:33 –18:49
  • तुला18:49 –21:09
  • वृश्चिक21:09 –23:27
  • धनु23:27 –01:32, 12 अप्रैल
  • मकर01:32 –03:14, 12 अप्रैल
  • कुम्भ03:14 –04:42, 12 अप्रैल
  • मीन04:42 –06:07, 12 अप्रैल

पंचांग · नई दिल्ली, 11 अप्रैल 2004

रविवार, 11 अप्रैल 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:00 और सूर्यास्त 18:45 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 22:15 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र मूल 07:13 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा; योग परिघ 11:01 तक, फिर शिव; करण विष्टि 11:19 तक, फिर बव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 17:09–18:45, अभिजित मुहूर्त 11:57–12:48। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2061, शक संवत 1926।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 11 अप्रैल 2004 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 22:15 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:00, नई दिल्ली)।

11 अप्रैल 2004 को कौन सा नक्षत्र है?

मूल 07:13 तक, फिर पूर्वाषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 12 अप्रैल 11:34 तक।

नई दिल्ली में 11 अप्रैल 2004 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 17:09–18:45, यमगण्ड 12:22–13:58, गुलिक काल 15:34–17:09।

नई दिल्ली में 11 अप्रैल 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:00, सूर्यास्त 18:45, चंद्रोदय 00:24 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

11 अप्रैल 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:57–12:48, ब्रह्म मुहूर्त 04:30–05:15। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9168° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP