पंचांग · सोमवार, 15 मार्च 2004नई दिल्ली

फाल्गुन · कृष्ण नवमी · विक्रम संवत 2060

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:31सूर्योदय18:30सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण नवमी
कृष्ण · 11:30 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
00:29, 16 मार्च तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3118:30
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
08:01 –09:31
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:31दिन18:30
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:30रात06:30
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण नवमी
    11:30 तक
  2. कृष्ण दशमी
    09:38, 16 मार्च तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    00:29, 16 मार्च तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    23:25, 16 मार्च तक
योग
  1. वरीयान्
    03:14, 16 मार्च तक
  2. परिघ
    00:39, 17 मार्च तक
करण
  1. गर
    11:30 तक
  2. वणिज
    22:33 तक
  3. विष्टि
    09:38, 16 मार्च तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:31
बिंब मध्य 06:34
सूर्यास्त
18:30
बिंब मध्य 18:25
चंद्रोदय
02:31
चंद्रास्त
12:44
दिनमान
11h 59m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
धनु
06:12, 16 मार्च तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
फाल्गुन
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शिशिर
विक्रम संवत
2060
शक संवत
1925

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:55 –05:43
  • प्रातः संध्या05:19 –06:31
  • अभिजित मुहूर्त12:06 –12:54
  • विजय मुहूर्त14:30 –15:18
  • गोधूलि मुहूर्त18:30 –18:54
  • सायाह्न संध्या18:30 –19:42
  • निशीथ मुहूर्त00:06 –00:54, 16 मार्च
  • अमृत काल19:56 –21:27
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:01 –09:31
  • यमगंड11:00 –12:30
  • गुलिक काल14:00 –15:30
  • दुर्मुहूर्त12:54 –13:42
  • दुर्मुहूर्त15:18 –16:06
  • वर्ज्य10:49 –12:20
  • भद्रा22:33 –06:30, 16 मार्च

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:31 – 08:01
  • कालहानि08:01 – 09:31
  • शुभशुभ09:31 – 11:00
  • रोगअनिष्ट11:00 – 12:30
  • उद्वेगअशुभ12:30 – 14:00
  • चरसम14:00 – 15:30
  • लाभलाभ15:30 – 17:00
  • अमृतश्रेष्ठ17:00 – 18:30
रात
  • चरसम18:30 – 20:00
  • रोगअनिष्ट20:00 – 21:30
  • कालहानि21:30 – 23:00
  • लाभलाभ23:00 – 00:30
  • उद्वेगअशुभ00:30 – 02:00
  • शुभशुभ02:00 – 03:30
  • अमृतश्रेष्ठ03:30 – 05:00
  • चरसम05:00 – 06:30

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:31–07:31
शनि07:31–08:31
गुरु08:31–09:31
मंगल09:31–10:30
सूर्य10:30–11:30
शुक्र11:30–12:30
बुध12:30–13:30
चन्द्र13:30–14:30
शनि14:30–15:30
गुरु15:30–16:30
मंगल16:30–17:30
सूर्य17:30–18:30
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:30–19:30
बुध19:30–20:30
चन्द्र20:30–21:30
शनि21:30–22:30
गुरु22:30–23:30
मंगल23:30–00:30
सूर्य00:30–01:30
शुक्र01:30–02:30
बुध02:30–03:30
चन्द्र03:30–04:30
शनि04:30–05:30
गुरु05:30–06:30

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 1 पद07:23 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 2 पद13:05 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद18:47 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद00:29, 16 मार्च तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद06:12, 16 मार्च तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद11:56, 16 मार्च तक
सूर्य नक्षत्र
पूर्वभाद्रपद 4 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
शिशिर
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
11h 59m
रात्रिमान
12h 0m
मध्याह्न
12:30

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 06:12, 16 मार्च तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 00:29, 16 मार्च तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व · 06:12, 16 मार्च तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 11:30 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 11:30 तकक्रीड़ा में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:31 –06:32
  • राज पंचक06:32 –07:57
  • अग्नि पंचक07:57 –09:32
  • शुभ मुहूर्त09:32 –11:27
  • राज पंचक11:27 –11:30
  • शुभ मुहूर्त11:30 –13:42
  • चोर पंचक13:42 –16:02
  • शुभ मुहूर्त16:02 –18:19
  • रोग पंचक18:19 –20:35
  • शुभ मुहूर्त20:35 –22:55
  • मृत्यु पंचक22:55 –00:29, 16 मार्च
  • अग्नि पंचक00:29 –01:14, 16 मार्च
  • शुभ मुहूर्त01:14 –03:18, 16 मार्च
  • राज पंचक03:18 –05:00, 16 मार्च
  • शुभ मुहूर्त05:00 –06:28, 16 मार्च
  • चोर पंचक06:28 –06:30, 16 मार्च

उदय लग्न

  • कुम्भ05:04 –06:32
  • मीन06:32 –07:57
  • मेष07:57 –09:32
  • वृषभ09:32 –11:27
  • मिथुन11:27 –13:42
  • कर्क13:42 –16:02
  • सिंह16:02 –18:19
  • कन्या18:19 –20:35
  • तुला20:35 –22:55
  • वृश्चिक22:55 –01:14, 16 मार्च
  • धनु01:14 –03:18, 16 मार्च
  • मकर03:18 –05:00, 16 मार्च
  • कुम्भ05:00 –06:28, 16 मार्च
  • मीन06:28 –07:53, 16 मार्च

पंचांग · नई दिल्ली, 15 मार्च 2004

सोमवार, 15 मार्च 2004 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:31 और सूर्यास्त 18:30 पर है। तिथि कृष्ण नवमी 11:30 तक, फिर कृष्ण दशमी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 16 मार्च 00:29 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग वरीयान् 16 मार्च 03:14 तक, फिर परिघ; करण गर 11:30 तक, फिर वणिज। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 08:01–09:31, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:54। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2060, शक संवत 1925।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 15 मार्च 2004 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण नवमी 11:30 तक, फिर कृष्ण दशमी (सूर्योदय 06:31, नई दिल्ली)।

15 मार्च 2004 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 16 मार्च 00:29 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 16 मार्च 06:12 तक।

नई दिल्ली में 15 मार्च 2004 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:01–09:31, यमगण्ड 11:00–12:30, गुलिक काल 14:00–15:30।

नई दिल्ली में 15 मार्च 2004 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 18:30, चंद्रोदय 02:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

15 मार्च 2004 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:06–12:54, ब्रह्म मुहूर्त 04:55–05:43। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर मार्च 2004आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2004मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.9158° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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