पंचांग · शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2002नई दिल्ली

भाद्रपद · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2059शुक्र प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:15सूर्योदय18:04सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 00:23, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
मघा
08:07 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1518:04
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:41 –12:10
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:15दिन18:04
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
गुलिक काल
वर्ज्य
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:04रात06:16
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    00:23, 5 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    20:40, 5 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. मघास्वामी केतु
    08:07 तक
  2. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    05:27, 5 अक्टू॰ तक
  3. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    02:28, 6 अक्टू॰ तक
योग
  1. शुभ
    17:58 तक
  2. शुक्ल
    13:50, 5 अक्टू॰ तक
करण
  1. गर
    14:07 तक
  2. वणिज
    00:23, 5 अक्टू॰ तक
  3. विष्टि
    10:34, 5 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:15
बिंब मध्य 06:19
सूर्यास्त
18:04
बिंब मध्य 18:00
चंद्रोदय
03:31
चंद्रास्त
16:58
दिनमान
11h 49m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
सिंह
10:44, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2059
शक संवत
1924

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:38 –05:27
  • प्रातः संध्या05:02 –06:15
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:08 –14:55
  • गोधूलि मुहूर्त18:04 –18:29
  • सायाह्न संध्या18:04 –19:17
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:34, 5 अक्टू॰
  • अमृत काल05:56 –07:24
  • अमृत काल23:46 –01:11, 5 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:41 –12:10
  • यमगंड15:07 –16:36
  • गुलिक काल07:44 –09:13
  • दुर्मुहूर्त08:37 –09:24
  • दुर्मुहूर्त12:33 –13:21
  • वर्ज्य15:14 –16:39
  • गंड मूल06:15 –08:07
  • भद्रा00:23 –06:16, 5 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:15 – 07:44
  • लाभलाभ07:44 – 09:13
  • अमृतश्रेष्ठ09:13 – 10:41
  • कालहानि10:41 – 12:10
  • शुभशुभ12:10 – 13:38
  • रोगअनिष्ट13:38 – 15:07
  • उद्वेगअशुभ15:07 – 16:36
  • चरसम16:36 – 18:04
रात
  • रोगअनिष्ट18:04 – 19:36
  • कालहानि19:36 – 21:07
  • लाभलाभ21:07 – 22:39
  • उद्वेगअशुभ22:39 – 00:10
  • शुभशुभ00:10 – 01:42
  • अमृतश्रेष्ठ01:42 – 03:13
  • चरसम03:13 – 04:44
  • रोगअनिष्ट04:44 – 06:16

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:15–07:14
बुध07:14–08:14
चन्द्र08:14–09:13
शनि09:13–10:12
गुरु10:12–11:11
मंगल11:11–12:10
सूर्य12:10–13:09
शुक्र13:09–14:08
बुध14:08–15:07
चन्द्र15:07–16:06
शनि16:06–17:05
गुरु17:05–18:04
रात
ग्रहसमय
मंगल18:04–19:05
सूर्य19:05–20:06
शुक्र20:06–21:07
बुध21:07–22:08
चन्द्र22:08–23:09
शनि23:09–00:10
गुरु00:10–01:11
मंगल01:11–02:12
सूर्य02:12–03:13
शुक्र03:13–04:14
बुध04:14–05:15
चन्द्र05:15–06:16

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मघा 4 पद08:07 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद13:30 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद18:50 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद00:09, 5 अक्टू॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 4 पद05:27, 5 अक्टू॰ तक
  • उत्तर फाल्गुनी 1 पद10:44, 5 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 3 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 49m
रात्रिमान
12h 12m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मघा · 08:07 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्व फाल्गुनी · 05:27, 5 अक्टू॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तर फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:23, 5 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 00:23, 5 अक्टू॰ तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:15 –07:19
  • चोर पंचक07:19 –08:07
  • शुभ मुहूर्त08:07 –09:39
  • रोग पंचक09:39 –11:57
  • शुभ मुहूर्त11:57 –14:02
  • मृत्यु पंचक14:02 –15:44
  • अग्नि पंचक15:44 –17:12
  • शुभ मुहूर्त17:12 –18:37
  • मृत्यु पंचक18:37 –20:12
  • अग्नि पंचक20:12 –22:07
  • शुभ मुहूर्त22:07 –00:21, 5 अक्टू॰
  • राज पंचक00:21 –00:23, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:23 –02:42, 5 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:42 –04:59, 5 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त04:59 –05:27, 5 अक्टू॰
  • रोग पंचक05:27 –06:16, 5 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:03 –07:19
  • तुला07:19 –09:39
  • वृश्चिक09:39 –11:57
  • धनु11:57 –14:02
  • मकर14:02 –15:44
  • कुम्भ15:44 –17:12
  • मीन17:12 –18:37
  • मेष18:37 –20:12
  • वृषभ20:12 –22:07
  • मिथुन22:07 –00:21, 5 अक्टू॰
  • कर्क00:21 –02:42, 5 अक्टू॰
  • सिंह02:42 –04:59, 5 अक्टू॰
  • कन्या04:59 –07:15, 5 अक्टू॰

पंचांग · नई दिल्ली, 4 अक्टूबर 2002

शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2002 को नई दिल्ली में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:04 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 5 अक्टूबर 00:23 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र मघा 08:07 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग शुभ 17:58 तक, फिर शुक्ल; करण गर 14:07 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 10:41–12:10, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2059, शक संवत 1924।

इस दिन के बारे में प्रश्न

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2002 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 5 अक्टूबर 00:23 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 06:15, नई दिल्ली)।

4 अक्टूबर 2002 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा 08:07 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 5 अक्टूबर 10:44 तक।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2002 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:41–12:10, यमगण्ड 15:07–16:36, गुलिक काल 07:44–09:13।

नई दिल्ली में 4 अक्टूबर 2002 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:04, चंद्रोदय 03:31 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 अक्टूबर 2002 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:38–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

4 अक्टूबर 2002 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शुक्र प्रदोष।

नई दिल्ली हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2002आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2002मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 23.8956° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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