पंचांग · बुधवार, 2 अक्टूबर 2030लखनऊ

आश्विन · शुक्ल षष्ठी · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:59सूर्योदय17:52सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल षष्ठी
शुक्ल · 00:33, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
अनुराधा
06:36 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5917:52
बुधवार · बुध
राहु काल
11:55 –13:25
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:59दिन17:52
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गंड मूल
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
वर्ज्य
राहु काल
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:52रात06:00
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
गंड मूल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल षष्ठी
    00:33, 3 अक्टू॰ तक
  2. शुक्ल सप्तमी
    22:24, 3 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. अनुराधास्वामी शनि
    06:36 तक
  2. ज्येष्ठास्वामी बुध
    05:02, 3 अक्टू॰ तक
  3. मूलस्वामी केतु
    03:41, 4 अक्टू॰ तक
योग
  1. आयुष्मान्
    20:18 तक
  2. सौभाग्य
    17:23, 3 अक्टू॰ तक
करण
  1. कौलव
    13:42 तक
  2. तैतिल
    00:33, 3 अक्टू॰ तक
  3. गर
    11:27, 3 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:59
बिंब मध्य 06:02
सूर्यास्त
17:52
बिंब मध्य 17:48
चंद्रोदय
10:58
चंद्रास्त
21:49
दिनमान
11h 53m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
वृश्चिक
05:02, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:22 –05:11
  • प्रातः संध्या04:46 –05:59
  • अभिजित मुहूर्त11:32 –12:19
  • विजय मुहूर्त13:54 –14:42
  • गोधूलि मुहूर्त17:52 –18:16
  • सायाह्न संध्या17:52 –19:05
  • निशीथ मुहूर्त23:31 –00:20, 3 अक्टू॰
  • अमृत काल20:48 –22:18
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:55 –13:25
  • यमगंड07:28 –08:57
  • गुलिक काल10:26 –11:55
  • दुर्मुहूर्त11:32 –12:19
  • वर्ज्य11:50 –13:20
  • गंड मूल06:36 –05:02, 3 अक्टू॰
  • गंड मूल05:02 –06:00, 3 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ05:59 – 07:28
  • अमृतश्रेष्ठ07:28 – 08:57
  • कालहानि08:57 – 10:26
  • शुभशुभ10:26 – 11:55
  • रोगअनिष्ट11:55 – 13:25
  • उद्वेगअशुभ13:25 – 14:54
  • चरसम14:54 – 16:23
  • लाभलाभ16:23 – 17:52
रात
  • उद्वेगअशुभ17:52 – 19:23
  • शुभशुभ19:23 – 20:54
  • अमृतश्रेष्ठ20:54 – 22:25
  • चरसम22:25 – 23:56
  • रोगअनिष्ट23:56 – 01:27
  • कालहानि01:27 – 02:58
  • लाभलाभ02:58 – 04:29
  • उद्वेगअशुभ04:29 – 06:00

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध05:59–06:58
चन्द्र06:58–07:58
शनि07:58–08:57
गुरु08:57–09:57
मंगल09:57–10:56
सूर्य10:56–11:55
शुक्र11:55–12:55
बुध12:55–13:54
चन्द्र13:54–14:54
शनि14:54–15:53
गुरु15:53–16:52
मंगल16:52–17:52
रात
ग्रहसमय
सूर्य17:52–18:52
शुक्र18:52–19:53
बुध19:53–20:54
चन्द्र20:54–21:54
शनि21:54–22:55
गुरु22:55–23:56
मंगल23:56–00:56
सूर्य00:56–01:57
शुक्र01:57–02:58
बुध02:58–03:58
चन्द्र03:58–04:59
शनि04:59–06:00

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अनुराधा 4 पद06:36 तक
  • ज्येष्ठा 1 पद12:11 तक
  • ज्येष्ठा 2 पद17:47 तक
  • ज्येष्ठा 3 पद23:24 तक
  • ज्येष्ठा 4 पद05:02, 3 अक्टू॰ तक
  • मूल 1 पद10:40, 3 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
हस्त 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 53m
रात्रिमान
12h 8m
मध्याह्न
11:55

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · 05:02, 3 अक्टू॰ तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
धनु · अगले सूर्योदय तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अनुराधा · 06:36 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · 05:02, 3 अक्टू॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
मूल · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर · 05:02, 3 अक्टू॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:33, 3 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 00:33, 3 अक्टू॰ तकभोजन में
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:59 –06:36
  • शुभ मुहूर्त06:36 –07:12
  • रोग पंचक07:12 –09:29
  • शुभ मुहूर्त09:29 –11:47
  • मृत्यु पंचक11:47 –13:51
  • अग्नि पंचक13:51 –15:35
  • शुभ मुहूर्त15:35 –17:04
  • राज पंचक17:04 –18:31
  • अग्नि पंचक18:31 –20:08
  • शुभ मुहूर्त20:08 –22:05
  • राज पंचक22:05 –00:19, 3 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:19 –00:33, 3 अक्टू॰
  • चोर पंचक00:33 –02:38, 3 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त02:38 –04:53, 3 अक्टू॰
  • रोग पंचक04:53 –05:02, 3 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:02 –06:00, 3 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या04:57 –07:12
  • तुला07:12 –09:29
  • वृश्चिक09:29 –11:47
  • धनु11:47 –13:51
  • मकर13:51 –15:35
  • कुम्भ15:35 –17:04
  • मीन17:04 –18:31
  • मेष18:31 –20:08
  • वृषभ20:08 –22:05
  • मिथुन22:05 –00:19, 3 अक्टू॰
  • कर्क00:19 –02:38, 3 अक्टू॰
  • सिंह02:38 –04:53, 3 अक्टू॰
  • कन्या04:53 –07:08, 3 अक्टू॰

पंचांग · लखनऊ, 2 अक्टूबर 2030

बुधवार, 2 अक्टूबर 2030 को लखनऊ में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 17:52 पर है। तिथि शुक्ल षष्ठी 3 अक्टूबर 00:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी; नक्षत्र अनुराधा 06:36 तक, फिर ज्येष्ठा; योग आयुष्मान् 20:18 तक, फिर सौभाग्य; करण कौलव 13:42 तक, फिर तैतिल। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 11:55–13:25, अभिजित मुहूर्त 11:32–12:19। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लखनऊ में 2 अक्टूबर 2030 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल षष्ठी 3 अक्टूबर 00:33 तक, फिर शुक्ल सप्तमी (सूर्योदय 05:59, लखनऊ)।

2 अक्टूबर 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

अनुराधा 06:36 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 3 अक्टूबर 05:02 तक।

लखनऊ में 2 अक्टूबर 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:55–13:25, यमगण्ड 07:28–08:57, गुलिक काल 10:26–11:55।

लखनऊ में 2 अक्टूबर 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 17:52, चंद्रोदय 10:58 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

2 अक्टूबर 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:32–12:19, ब्रह्म मुहूर्त 04:22–05:11। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

लखनऊ हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2867° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP