पंचांग · गुरुवार, 14 मई 2026लंदन

वैशाख · कृष्ण द्वादशी · विक्रम संवत 2083गुरु प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:10सूर्योदय20:44सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वादशी
कृष्ण · 06:51 तक
नक्षत्र
रेवती
18:03 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:1020:44
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:54 –16:51
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:10दिन20:44
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
गंड मूल
गंड मूल
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
06:0008:0010:0012:0014:0016:0018:0020:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
20:44रात05:09
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
भद्रा
23:0001:0003:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वादशी
    06:51 तक
  2. कृष्ण त्रयोदशी
    04:01, 15 मई तक
  3. कृष्ण चतुर्दशी
    00:41, 16 मई तक
नक्षत्र
  1. रेवतीस्वामी बुध
    18:03 तक
  2. अश्विनीस्वामी केतु
    15:44, 15 मई तक
योग
  1. प्रीति
    13:23 तक
  2. आयुष्मान्
    09:51, 15 मई तक
करण
  1. तैतिल
    06:51 तक
  2. गर
    17:30 तक
  3. वणिज
    04:01, 15 मई तक
  4. विष्टि
    14:24, 15 मई तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:10
बिंब मध्य 05:16
सूर्यास्त
20:44
बिंब मध्य 20:38
चंद्रोदय
03:39
चंद्रास्त
18:00
दिनमान
15h 34m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
18:03 तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
वैशाख
पूर्णिमांत मास
ज्येष्ठ
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:03 –04:36
  • प्रातः संध्या04:20 –05:10
  • अभिजित मुहूर्त12:26 –13:28
  • विजय मुहूर्त15:33 –16:35
  • गोधूलि मुहूर्त20:44 –21:01
  • सायाह्न संध्या20:44 –21:35
  • निशीथ मुहूर्त00:40 –01:13, 15 मई
  • अमृत काल15:50 –17:19
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:54 –16:51
  • यमगंड05:10 –07:07
  • गुलिक काल09:04 –11:01
  • दुर्मुहूर्त10:22 –11:24
  • दुर्मुहूर्त16:35 –17:38
  • वर्ज्य06:55 –08:24
  • गंड मूल05:10 –18:03
  • गंड मूल18:03 –05:09, 15 मई
  • भद्रा04:01 –05:09, 15 मई

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:10 – 07:07
  • रोगअनिष्ट07:07 – 09:04
  • उद्वेगअशुभ09:04 – 11:01
  • चरसम11:01 – 12:57
  • लाभलाभ12:57 – 14:54
  • अमृतश्रेष्ठ14:54 – 16:51
  • कालहानि16:51 – 18:48
  • शुभशुभ18:48 – 20:44
रात
  • अमृतश्रेष्ठ20:44 – 21:47
  • चरसम21:47 – 22:50
  • रोगअनिष्ट22:50 – 23:54
  • कालहानि23:54 – 00:57
  • लाभलाभ00:57 – 02:00
  • उद्वेगअशुभ02:00 – 03:03
  • शुभशुभ03:03 – 04:06
  • अमृतश्रेष्ठ04:06 – 05:09

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:10–06:28
मंगल06:28–07:46
सूर्य07:46–09:04
शुक्र09:04–10:22
बुध10:22–11:39
चन्द्र11:39–12:57
शनि12:57–14:15
गुरु14:15–15:33
मंगल15:33–16:51
सूर्य16:51–18:09
शुक्र18:09–19:27
बुध19:27–20:44
रात
ग्रहसमय
चन्द्र20:44–21:26
शनि21:26–22:08
गुरु22:08–22:50
मंगल22:50–23:33
सूर्य23:33–00:15
शुक्र00:15–00:57
बुध00:57–01:39
चन्द्र01:39–02:21
शनि02:21–03:03
गुरु03:03–03:45
मंगल03:45–04:27
सूर्य04:27–05:09

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • रेवती 2 पद07:00 तक
  • रेवती 3 पद12:33 तक
  • रेवती 4 पद18:03 तक
  • अश्विनी 1 पद23:32 तक
  • अश्विनी 2 पद04:58, 15 मई तक
  • अश्विनी 3 पद10:22, 15 मई तक
सूर्य नक्षत्र
कृत्तिका 1 पद
ऋतु (दृक्)
ग्रीष्म
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
15h 34m
रात्रिमान
8h 25m
मध्याह्न
12:57

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 18:03 तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
रेवती · 18:03 तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 18:03 तकपूर्व
अग्निवास
आकाश · 06:51 तकपाताल · 04:01, 15 मई तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
नंदी पर · 06:51 तकभोजन में · 04:01, 15 मई तकश्मशान में
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:10 –05:18
  • शुभ मुहूर्त05:18 –06:51
  • रोग पंचक06:51 –06:56
  • शुभ मुहूर्त06:56 –09:19
  • मृत्यु पंचक09:19 –12:07
  • अग्नि पंचक12:07 –14:58
  • शुभ मुहूर्त14:58 –17:48
  • राज पंचक17:48 –18:03
  • शुभ मुहूर्त18:03 –20:39
  • चोर पंचक20:39 –23:15
  • शुभ मुहूर्त23:15 –01:11, 15 मई
  • रोग पंचक01:11 –02:25, 15 मई
  • शुभ मुहूर्त02:25 –03:19, 15 मई
  • मृत्यु पंचक03:19 –04:01, 15 मई
  • अग्नि पंचक04:01 –04:10, 15 मई
  • शुभ मुहूर्त04:10 –05:09, 15 मई

उदय लग्न

  • मेष04:14 –05:18
  • वृषभ05:18 –06:56
  • मिथुन06:56 –09:19
  • कर्क09:19 –12:07
  • सिंह12:07 –14:58
  • कन्या14:58 –17:48
  • तुला17:48 –20:39
  • वृश्चिक20:39 –23:15
  • धनु23:15 –01:11, 15 मई
  • मकर01:11 –02:25, 15 मई
  • कुम्भ02:25 –03:19, 15 मई
  • मीन03:19 –04:10, 15 मई
  • मेष04:10 –05:14, 15 मई

पंचांग · लंदन, 14 मई 2026

गुरुवार, 14 मई 2026 को लंदन में सूर्योदय 05:10 और सूर्यास्त 20:44 पर है। तिथि कृष्ण द्वादशी 06:51 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी; नक्षत्र रेवती 18:03 तक, फिर अश्विनी; योग प्रीति 13:23 तक, फिर आयुष्मान्; करण तैतिल 06:51 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 14:54–16:51, अभिजित मुहूर्त 12:26–13:28। मास ज्येष्ठ (पूर्णिमांत) / वैशाख (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 14 मई 2026 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वादशी 06:51 तक, फिर कृष्ण त्रयोदशी (सूर्योदय 05:10, लंदन)।

14 मई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

रेवती 18:03 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 18:03 तक।

लंदन में 14 मई 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:54–16:51, यमगण्ड 05:10–07:07, गुलिक काल 09:04–11:01।

लंदन में 14 मई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:10, सूर्यास्त 20:44, चंद्रोदय 03:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

14 मई 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:26–13:28, ब्रह्म मुहूर्त 04:03–04:36। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

14 मई 2026 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

गुरु प्रदोष।

लंदन हिन्दू कैलेंडर मई 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2254° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP