पंचांग · शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024लंदन

आश्विन · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2081दुर्गा अष्टमीमहा नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
07:18सूर्योदय18:15सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 07:37 तक
नक्षत्र
उत्तराषाढ़ा
00:55, 12 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
07:1818:15
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
11:25 –12:47
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
07:18दिन18:15
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:15रात07:20
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
वर्ज्य
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    07:37 तक
  2. शुक्ल नवमी
    06:29, 12 अक्टू॰ तक
  3. शुक्ल दशमी
    04:39, 13 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    00:55, 12 अक्टू॰ तक
  2. श्रवणस्वामी चन्द्र
    23:57, 12 अक्टू॰ तक
योग
  1. सुकर्मा
    22:16 तक
  2. धृति
    19:51, 12 अक्टू॰ तक
करण
  1. बव
    07:37 तक
  2. बालव
    19:08 तक
  3. कौलव
    06:29, 12 अक्टू॰ तक
  4. तैतिल
    17:39, 12 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
07:18
बिंब मध्य 07:23
सूर्यास्त
18:15
बिंब मध्य 18:09
चंद्रोदय
16:12
चंद्रास्त
23:48
दिनमान
10h 57m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
मकर
11:14, 13 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त05:34 –06:26
  • प्रातः संध्या06:00 –07:18
  • अभिजित मुहूर्त12:25 –13:09
  • विजय मुहूर्त14:36 –15:20
  • गोधूलि मुहूर्त18:15 –18:41
  • सायाह्न संध्या18:15 –19:33
  • निशीथ मुहूर्त00:21 –01:14, 12 अक्टू॰
  • अमृत काल18:35 –20:10
इन समयों से बचें
  • राहु काल11:25 –12:47
  • यमगंड15:31 –16:53
  • गुलिक काल08:40 –10:03
  • दुर्मुहूर्त09:30 –10:13
  • दुर्मुहूर्त13:09 –13:52
  • वर्ज्य09:06 –10:41
  • वर्ज्य04:45 –06:17, 12 अक्टू॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम07:18 – 08:40
  • लाभलाभ08:40 – 10:03
  • अमृतश्रेष्ठ10:03 – 11:25
  • कालहानि11:25 – 12:47
  • शुभशुभ12:47 – 14:09
  • रोगअनिष्ट14:09 – 15:31
  • उद्वेगअशुभ15:31 – 16:53
  • चरसम16:53 – 18:15
रात
  • रोगअनिष्ट18:15 – 19:53
  • कालहानि19:53 – 21:31
  • लाभलाभ21:31 – 23:09
  • उद्वेगअशुभ23:09 – 00:48
  • शुभशुभ00:48 – 02:26
  • अमृतश्रेष्ठ02:26 – 04:04
  • चरसम04:04 – 05:42
  • रोगअनिष्ट05:42 – 07:20

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र07:18–08:13
बुध08:13–09:08
चन्द्र09:08–10:03
शनि10:03–10:57
गुरु10:57–11:52
मंगल11:52–12:47
सूर्य12:47–13:41
शुक्र13:41–14:36
बुध14:36–15:31
चन्द्र15:31–16:26
शनि16:26–17:20
गुरु17:20–18:15
रात
ग्रहसमय
मंगल18:15–19:20
सूर्य19:20–20:26
शुक्र20:26–21:31
बुध21:31–22:37
चन्द्र22:37–23:42
शनि23:42–00:48
गुरु00:48–01:53
मंगल01:53–02:58
सूर्य02:58–04:04
शुक्र04:04–05:09
बुध05:09–06:15
चन्द्र06:15–07:20

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद13:08 तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद19:03 तक
  • उत्तराषाढ़ा 4 पद00:55, 12 अक्टू॰ तक
  • श्रवण 1 पद06:44, 12 अक्टू॰ तक
  • श्रवण 2 पद12:31, 12 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 1 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
10h 57m
रात्रिमान
13h 5m
मध्याह्न
12:47

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तराषाढ़ा · 00:55, 12 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
श्रवण · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 07:37 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 06:29, 12 अक्टू॰ तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 07:37 तकगौरी के साथ · 06:29, 12 अक्टू॰ तकसभा में
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त07:18 –07:37
  • चोर पंचक07:37 –07:56
  • शुभ मुहूर्त07:56 –10:47
  • रोग पंचक10:47 –13:24
  • शुभ मुहूर्त13:24 –15:19
  • मृत्यु पंचक15:19 –16:33
  • अग्नि पंचक16:33 –17:27
  • शुभ मुहूर्त17:27 –18:19
  • मृत्यु पंचक18:19 –19:23
  • अग्नि पंचक19:23 –21:00
  • शुभ मुहूर्त21:00 –23:23
  • राज पंचक23:23 –00:55, 12 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त00:55 –02:12, 12 अक्टू॰
  • चोर पंचक02:12 –05:02, 12 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त05:02 –06:29, 12 अक्टू॰
  • रोग पंचक06:29 –07:20, 12 अक्टू॰

उदय लग्न

  • कन्या05:06 –07:56
  • तुला07:56 –10:47
  • वृश्चिक10:47 –13:24
  • धनु13:24 –15:19
  • मकर15:19 –16:33
  • कुम्भ16:33 –17:27
  • मीन17:27 –18:19
  • मेष18:19 –19:23
  • वृषभ19:23 –21:00
  • मिथुन21:00 –23:23
  • कर्क23:23 –02:12, 12 अक्टू॰
  • सिंह02:12 –05:02, 12 अक्टू॰
  • कन्या05:02 –07:52, 12 अक्टू॰

पंचांग · लंदन, 11 अक्टूबर 2024

शुक्रवार, 11 अक्टूबर 2024 को लंदन में सूर्योदय 07:18 और सूर्यास्त 18:15 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 07:37 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र उत्तराषाढ़ा 12 अक्टूबर 00:55 तक, फिर श्रवण; योग सुकर्मा 22:16 तक, फिर धृति; करण बव 07:37 तक, फिर बालव। चंद्रमा मकर राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 11:25–12:47, अभिजित मुहूर्त 12:25–13:09। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

लंदन में 11 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 07:37 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 07:18, लंदन)।

11 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तराषाढ़ा 12 अक्टूबर 00:55 तक, फिर श्रवण। चंद्रमा मकर राशि में 13 अक्टूबर 11:14 तक।

लंदन में 11 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 11:25–12:47, यमगण्ड 15:31–16:53, गुलिक काल 08:40–10:03।

लंदन में 11 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 07:18, सूर्यास्त 18:15, चंद्रोदय 16:12 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

11 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:25–13:09, ब्रह्म मुहूर्त 05:34–06:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

11 अक्टूबर 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

दुर्गा अष्टमी, महा नवमी।

लंदन हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2032° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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