पंचांग · सोमवार, 3 अप्रैल 2028कोलकाता

चैत्र · शुक्ल अष्टमी · विक्रम संवत 2085राम नवमी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:27सूर्योदय17:53सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल अष्टमी
शुक्ल · 12:00 तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
01:00, 4 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:2717:53
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:00 –08:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:27दिन17:53
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
06:0008:0010:0012:0014:0016:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:53रात05:26
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
निशीथ मुहूर्त
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

लोड हो रहा है… · हर मिनट अपडेट

पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल अष्टमी
    12:00 तक
  2. शुक्ल नवमी
    10:07, 4 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    01:00, 4 अप्रैल तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    23:34, 4 अप्रैल तक
योग
  1. अतिगण्ड
    19:09 तक
  2. सुकर्मा
    16:22, 4 अप्रैल तक
करण
  1. बव
    12:00 तक
  2. बालव
    23:07 तक
  3. कौलव
    10:07, 4 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:27
बिंब मध्य 05:30
सूर्यास्त
17:53
बिंब मध्य 17:49
चंद्रोदय
11:34
चंद्रास्त
00:31
दिनमान
12h 26m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
मिथुन
19:17 तक
सूर्य राशि
मीन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
चैत्र
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त03:54 –04:41
  • प्रातः संध्या04:18 –05:27
  • अभिजित मुहूर्त11:15 –12:05
  • विजय मुहूर्त13:44 –14:34
  • गोधूलि मुहूर्त17:53 –18:16
  • सायाह्न संध्या17:53 –19:02
  • निशीथ मुहूर्त23:16 –00:03, 4 अप्रैल
  • अमृत काल22:42 –00:14, 4 अप्रैल
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:00 –08:33
  • यमगंड10:07 –11:40
  • गुलिक काल13:13 –14:46
  • दुर्मुहूर्त12:05 –12:54
  • दुर्मुहूर्त14:34 –15:24
  • वर्ज्य13:28 –15:00

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ05:27 – 07:00
  • कालहानि07:00 – 08:33
  • शुभशुभ08:33 – 10:07
  • रोगअनिष्ट10:07 – 11:40
  • उद्वेगअशुभ11:40 – 13:13
  • चरसम13:13 – 14:46
  • लाभलाभ14:46 – 16:20
  • अमृतश्रेष्ठ16:20 – 17:53
रात
  • चरसम17:53 – 19:19
  • रोगअनिष्ट19:19 – 20:46
  • कालहानि20:46 – 22:13
  • लाभलाभ22:13 – 23:39
  • उद्वेगअशुभ23:39 – 01:06
  • शुभशुभ01:06 – 02:33
  • अमृतश्रेष्ठ02:33 – 03:59
  • चरसम03:59 – 05:26

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र05:27–06:29
शनि06:29–07:31
गुरु07:31–08:33
मंगल08:33–09:36
सूर्य09:36–10:38
शुक्र10:38–11:40
बुध11:40–12:42
चन्द्र12:42–13:44
शनि13:44–14:46
गुरु14:46–15:48
मंगल15:48–16:51
सूर्य16:51–17:53
रात
ग्रहसमय
शुक्र17:53–18:50
बुध18:50–19:48
चन्द्र19:48–20:46
शनि20:46–21:44
गुरु21:44–22:42
मंगल22:42–23:39
सूर्य23:39–00:37
शुक्र00:37–01:35
बुध01:35–02:33
चन्द्र02:33–03:31
शनि03:31–04:28
गुरु04:28–05:26

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद07:45 तक
  • पुनर्वसु 2 पद13:32 तक
  • पुनर्वसु 3 पद19:17 तक
  • पुनर्वसु 4 पद01:00, 4 अप्रैल तक
  • पुष्य 1 पद06:41, 4 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
रेवती 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 26m
रात्रिमान
11h 33m
मध्याह्न
11:40

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 19:17 तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 01:00, 4 अप्रैल तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 19:17 तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 12:00 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 12:00 तकगौरी के साथ
होमाहुति
शुक्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक05:27 –06:03
  • शुभ मुहूर्त06:03 –07:43
  • मृत्यु पंचक07:43 –09:42
  • अग्नि पंचक09:42 –11:55
  • शुभ मुहूर्त11:55 –12:00
  • राज पंचक12:00 –14:11
  • शुभ मुहूर्त14:11 –16:22
  • चोर पंचक16:22 –18:32
  • शुभ मुहूर्त18:32 –20:46
  • रोग पंचक20:46 –23:02
  • शुभ मुहूर्त23:02 –01:00, 4 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक01:00 –01:07, 4 अप्रैल
  • अग्नि पंचक01:07 –02:54, 4 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:54 –04:28, 4 अप्रैल
  • राज पंचक04:28 –05:26, 4 अप्रैल

उदय लग्न

  • मीन04:32 –06:03
  • मेष06:03 –07:43
  • वृषभ07:43 –09:42
  • मिथुन09:42 –11:55
  • कर्क11:55 –14:11
  • सिंह14:11 –16:22
  • कन्या16:22 –18:32
  • तुला18:32 –20:46
  • वृश्चिक20:46 –23:02
  • धनु23:02 –01:07, 4 अप्रैल
  • मकर01:07 –02:54, 4 अप्रैल
  • कुम्भ02:54 –04:28, 4 अप्रैल
  • मीन04:28 –05:59, 4 अप्रैल

पंचांग · कोलकाता, 3 अप्रैल 2028

सोमवार, 3 अप्रैल 2028 को कोलकाता में सूर्योदय 05:27 और सूर्यास्त 17:53 पर है। तिथि शुक्ल अष्टमी 12:00 तक, फिर शुक्ल नवमी; नक्षत्र पुनर्वसु 4 अप्रैल 01:00 तक, फिर पुष्य; योग अतिगण्ड 19:09 तक, फिर सुकर्मा; करण बव 12:00 तक, फिर बालव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 07:00–08:33, अभिजित मुहूर्त 11:15–12:05। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोलकाता में 3 अप्रैल 2028 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल अष्टमी 12:00 तक, फिर शुक्ल नवमी (सूर्योदय 05:27, कोलकाता)।

3 अप्रैल 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 4 अप्रैल 01:00 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 19:17 तक।

कोलकाता में 3 अप्रैल 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:00–08:33, यमगण्ड 10:07–11:40, गुलिक काल 13:13–14:46।

कोलकाता में 3 अप्रैल 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:27, सूर्यास्त 17:53, चंद्रोदय 11:34 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

3 अप्रैल 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:15–12:05, ब्रह्म मुहूर्त 03:54–04:41। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

3 अप्रैल 2028 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

राम नवमी।

कोलकाता हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2518° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP