पंचांग · रविवार, 4 अगस्त 2030कोच्चि
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल पंचमी14:26 तक
- शुक्ल षष्ठी12:56, 5 अग॰ तक
- हस्तस्वामी चन्द्र00:11, 5 अग॰ तक
- चित्रास्वामी मंगल23:19, 5 अग॰ तक
- सिद्ध21:45 तक
- साध्य19:25, 5 अग॰ तक
- बालव14:26 तक
- कौलव01:43, 5 अग॰ तक
- तैतिल12:56, 5 अग॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:15बिंब मध्य 06:18
- सूर्यास्त
- 18:47बिंब मध्य 18:43
- चंद्रोदय
- 10:07
- चंद्रास्त
- 22:18
- दिनमान
- 12h 32m
- वार
- रविवार · सूर्य
- चंद्र राशि
- कन्या11:47, 5 अग॰ तक
- सूर्य राशि
- कर्क
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- श्रावण
- पूर्णिमांत मास
- श्रावण
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वर्षा
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:43 –05:29
- प्रातः संध्या05:06 –06:15
- अभिजित मुहूर्त12:06 –12:56
- विजय मुहूर्त14:36 –15:26
- गोधूलि मुहूर्त18:47 –19:10
- सायाह्न संध्या18:47 –19:56
- निशीथ मुहूर्त00:08 –00:54, 5 अग॰
- अमृत काल18:19 –19:53
- राहु काल17:13 –18:47
- यमगंड12:31 –14:05
- गुलिक काल15:39 –17:13
- दुर्मुहूर्त17:07 –17:57
- वर्ज्य08:57 –10:31
चौघड़िया
- उद्वेगअशुभ06:15 – 07:49
- चरसम07:49 – 09:23
- लाभलाभ09:23 – 10:57
- अमृतश्रेष्ठ10:57 – 12:31
- कालहानि12:31 – 14:05
- शुभशुभ14:05 – 15:39
- रोगअनिष्ट15:39 – 17:13
- उद्वेगअशुभ17:13 – 18:47
- शुभशुभ18:47 – 20:13
- अमृतश्रेष्ठ20:13 – 21:39
- चरसम21:39 – 23:05
- रोगअनिष्ट23:05 – 00:31
- कालहानि00:31 – 01:57
- लाभलाभ01:57 – 03:23
- उद्वेगअशुभ03:23 – 04:49
- शुभशुभ04:49 – 06:15
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 06:15–07:18 |
| शुक्र | 07:18–08:20 |
| बुध | 08:20–09:23 |
| चन्द्र | 09:23–10:26 |
| शनि | 10:26–11:28 |
| गुरु | 11:28–12:31 |
| मंगल | 12:31–13:34 |
| सूर्य | 13:34–14:36 |
| शुक्र | 14:36–15:39 |
| बुध | 15:39–16:42 |
| चन्द्र | 16:42–17:44 |
| शनि | 17:44–18:47 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 18:47–19:44 |
| मंगल | 19:44–20:42 |
| सूर्य | 20:42–21:39 |
| शुक्र | 21:39–22:36 |
| बुध | 22:36–23:34 |
| चन्द्र | 23:34–00:31 |
| शनि | 00:31–01:28 |
| गुरु | 01:28–02:26 |
| मंगल | 02:26–03:23 |
| सूर्य | 03:23–04:20 |
| शुक्र | 04:20–05:18 |
| बुध | 05:18–06:15 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- हस्त 1 पद06:38 तक
- हस्त 2 पद12:30 तक
- हस्त 3 पद18:21 तक
- हस्त 4 पद00:11, 5 अग॰ तक
- चित्रा 1 पद05:59, 5 अग॰ तक
- चित्रा 2 पद11:47, 5 अग॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्लेषा 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- वर्षा
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- दक्षिणायन
- दिनमान
- 12h 32m
- रात्रिमान
- 11h 28m
- मध्याह्न
- 12:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- उत्तर
- चंद्र वास
- दक्षिण
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 14:26 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- कैलाश पर · 14:26 तकनंदी पर
- होमाहुति
- बुध
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त06:15 –07:11
- चोर पंचक07:11 –09:11
- शुभ मुहूर्त09:11 –11:10
- रोग पंचक11:10 –13:14
- शुभ मुहूर्त13:14 –14:26
- मृत्यु पंचक14:26 –15:25
- अग्नि पंचक15:25 –17:32
- शुभ मुहूर्त17:32 –19:28
- राज पंचक19:28 –21:12
- शुभ मुहूर्त21:12 –00:11, 5 अग॰
- राज पंचक00:11 –00:45, 5 अग॰
- शुभ मुहूर्त00:45 –02:48, 5 अग॰
- चोर पंचक02:48 –04:59, 5 अग॰
- शुभ मुहूर्त04:59 –06:15, 5 अग॰
उदय लग्न
- कर्क05:03 –07:11
- सिंह07:11 –09:11
- कन्या09:11 –11:10
- तुला11:10 –13:14
- वृश्चिक13:14 –15:25
- धनु15:25 –17:32
- मकर17:32 –19:28
- कुम्भ19:28 –21:12
- मीन21:12 –22:54
- मेष22:54 –00:45, 5 अग॰
- वृषभ00:45 –02:48, 5 अग॰
- मिथुन02:48 –04:59, 5 अग॰
- कर्क04:59 –07:07, 5 अग॰
पंचांग · कोच्चि, 4 अगस्त 2030
रविवार, 4 अगस्त 2030 को कोच्चि में सूर्योदय 06:15 और सूर्यास्त 18:47 पर है। तिथि शुक्ल पंचमी 14:26 तक, फिर शुक्ल षष्ठी; नक्षत्र हस्त 5 अगस्त 00:11 तक, फिर चित्रा; योग सिद्ध 21:45 तक, फिर साध्य; करण बालव 14:26 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 17:13–18:47, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
कोच्चि में 4 अगस्त 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल पंचमी 14:26 तक, फिर शुक्ल षष्ठी (सूर्योदय 06:15, कोच्चि)।
4 अगस्त 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
हस्त 5 अगस्त 00:11 तक, फिर चित्रा। चंद्रमा कन्या राशि में 5 अगस्त 11:47 तक।
कोच्चि में 4 अगस्त 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 17:13–18:47, यमगण्ड 12:31–14:05, गुलिक काल 15:39–17:13।
कोच्चि में 4 अगस्त 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:15, सूर्यास्त 18:47, चंद्रोदय 10:07 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 अगस्त 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:43–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
4 अगस्त 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
नाग पंचमी।
कोच्चि हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2844° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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