पंचांग · शुक्रवार, 15 मार्च 2030कोच्चि
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल एकादशी06:17, 16 मार्च तक
- शुक्ल द्वादशी05:36, 17 मार्च तक
- पुनर्वसुस्वामी गुरु12:01 तक
- पुष्यस्वामी शनि12:35, 16 मार्च तक
- शोभन17:02 तक
- अतिगण्ड15:44, 16 मार्च तक
- वणिज18:18 तक
- विष्टि06:17, 16 मार्च तक
- बव18:03, 16 मार्च तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:32बिंब मध्य 06:35
- सूर्यास्त
- 18:36बिंब मध्य 18:32
- चंद्रोदय
- 14:42
- चंद्रास्त
- 02:44
- दिनमान
- 12h 4m
- वार
- शुक्रवार · शुक्र
- चंद्र राशि
- कर्क12:21, 17 मार्च तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- फाल्गुन
- पूर्णिमांत मास
- फाल्गुन
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- शिशिर
- विक्रम संवत
- 2086
- शक संवत
- 1951
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:57 –05:44
- प्रातः संध्या05:20 –06:32
- अभिजित मुहूर्त12:10 –12:58
- विजय मुहूर्त14:35 –15:23
- गोधूलि मुहूर्त18:36 –19:00
- सायाह्न संध्या18:36 –19:47
- निशीथ मुहूर्त00:10 –00:58, 16 मार्च
- अमृत काल09:29 –11:10
- अमृत काल06:02 –07:40, 16 मार्च
- राहु काल11:03 –12:34
- यमगंड15:35 –17:05
- गुलिक काल08:03 –09:33
- दुर्मुहूर्त08:57 –09:45
- दुर्मुहूर्त12:58 –13:46
- वर्ज्य20:12 –21:51
- भद्रा18:18 –06:17, 16 मार्च
चौघड़िया
- चरसम06:32 – 08:03
- लाभलाभ08:03 – 09:33
- अमृतश्रेष्ठ09:33 – 11:03
- कालहानि11:03 – 12:34
- शुभशुभ12:34 – 14:04
- रोगअनिष्ट14:04 – 15:35
- उद्वेगअशुभ15:35 – 17:05
- चरसम17:05 – 18:36
- रोगअनिष्ट18:36 – 20:05
- कालहानि20:05 – 21:35
- लाभलाभ21:35 – 23:04
- उद्वेगअशुभ23:04 – 00:34
- शुभशुभ00:34 – 02:03
- अमृतश्रेष्ठ02:03 – 03:33
- चरसम03:33 – 05:02
- रोगअनिष्ट05:02 – 06:32
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| शुक्र | 06:32–07:32 |
| बुध | 07:32–08:33 |
| चन्द्र | 08:33–09:33 |
| शनि | 09:33–10:33 |
| गुरु | 10:33–11:34 |
| मंगल | 11:34–12:34 |
| सूर्य | 12:34–13:34 |
| शुक्र | 13:34–14:35 |
| बुध | 14:35–15:35 |
| चन्द्र | 15:35–16:35 |
| शनि | 16:35–17:36 |
| गुरु | 17:36–18:36 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| मंगल | 18:36–19:35 |
| सूर्य | 19:35–20:35 |
| शुक्र | 20:35–21:35 |
| बुध | 21:35–22:34 |
| चन्द्र | 22:34–23:34 |
| शनि | 23:34–00:34 |
| गुरु | 00:34–01:33 |
| मंगल | 01:33–02:33 |
| सूर्य | 02:33–03:33 |
| शुक्र | 03:33–04:32 |
| बुध | 04:32–05:32 |
| चन्द्र | 05:32–06:32 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- पुनर्वसु 4 पद12:01 तक
- पुष्य 1 पद18:14 तक
- पुष्य 2 पद00:24, 16 मार्च तक
- पुष्य 3 पद06:31, 16 मार्च तक
- पुष्य 4 पद12:35, 16 मार्च तक
- सूर्य नक्षत्र
- पूर्वभाद्रपद 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- शिशिर
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 4m
- रात्रिमान
- 11h 56m
- मध्याह्न
- 12:34
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पाताल · 06:17, 16 मार्च तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 06:17, 16 मार्च तककैलाश पर
- होमाहुति
- शनि
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक06:32 –06:34
- शुभ मुहूर्त06:34 –10:07
- रोग पंचक10:07 –12:01
- शुभ मुहूर्त12:01 –12:11
- मृत्यु पंचक12:11 –14:22
- अग्नि पंचक14:22 –16:29
- शुभ मुहूर्त16:29 –18:29
- राज पंचक18:29 –20:28
- शुभ मुहूर्त20:28 –22:32
- चोर पंचक22:32 –00:43, 16 मार्च
- शुभ मुहूर्त00:43 –02:51, 16 मार्च
- रोग पंचक02:51 –04:46, 16 मार्च
- शुभ मुहूर्त04:46 –06:17, 16 मार्च
- मृत्यु पंचक06:17 –06:30, 16 मार्च
- अग्नि पंचक06:30 –06:32, 16 मार्च
उदय लग्न
- कुम्भ04:50 –06:34
- मीन06:34 –08:17
- मेष08:17 –10:07
- वृषभ10:07 –12:11
- मिथुन12:11 –14:22
- कर्क14:22 –16:29
- सिंह16:29 –18:29
- कन्या18:29 –20:28
- तुला20:28 –22:32
- वृश्चिक22:32 –00:43, 16 मार्च
- धनु00:43 –02:51, 16 मार्च
- मकर02:51 –04:46, 16 मार्च
- कुम्भ04:46 –06:30, 16 मार्च
- मीन06:30 –08:13, 16 मार्च
पंचांग · कोच्चि, 15 मार्च 2030
शुक्रवार, 15 मार्च 2030 को कोच्चि में सूर्योदय 06:32 और सूर्यास्त 18:36 पर है। तिथि शुक्ल एकादशी 16 मार्च 06:17 तक, फिर शुक्ल द्वादशी; नक्षत्र पुनर्वसु 12:01 तक, फिर पुष्य; योग शोभन 17:02 तक, फिर अतिगण्ड; करण वणिज 18:18 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा कर्क राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 11:03–12:34, अभिजित मुहूर्त 12:10–12:58। मास फाल्गुन (पूर्णिमांत) / फाल्गुन (अमांत), विक्रम संवत 2086, शक संवत 1951।
इस दिन के बारे में प्रश्न
कोच्चि में 15 मार्च 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल एकादशी 16 मार्च 06:17 तक, फिर शुक्ल द्वादशी (सूर्योदय 06:32, कोच्चि)।
15 मार्च 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
पुनर्वसु 12:01 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा कर्क राशि में 17 मार्च 12:21 तक।
कोच्चि में 15 मार्च 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 11:03–12:34, यमगण्ड 15:35–17:05, गुलिक काल 08:03–09:33।
कोच्चि में 15 मार्च 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:32, सूर्यास्त 18:36, चंद्रोदय 14:42 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
15 मार्च 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:10–12:58, ब्रह्म मुहूर्त 04:57–05:44। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
15 मार्च 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
आमलकी एकादशी।
कोच्चि हिन्दू कैलेंडर मार्च 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2790° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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