पंचांग · सोमवार, 13 नवंबर 2028कोच्चि

कार्तिक · कृष्ण एकादशी · विक्रम संवत 2085

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:19सूर्योदय18:00सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण एकादशी
कृष्ण · 06:42 तक
नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी
08:27 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1918:00
सोमवार · चन्द्र
राहु काल
07:46 –09:14
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:19दिन18:00
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
गुलिक काल
वर्ज्य
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:00रात06:19
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण एकादशी
    06:42 तक
  2. कृष्ण द्वादशी
    03:41, 14 नव॰ तक
  3. कृष्ण त्रयोदशी
    00:35, 15 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. उत्तर फाल्गुनीस्वामी सूर्य
    08:27 तक
  2. हस्तस्वामी चन्द्र
    06:10, 14 नव॰ तक
  3. चित्रास्वामी मंगल
    03:49, 15 नव॰ तक
योग
  1. विष्कुम्भ
    18:07 तक
  2. प्रीति
    14:24, 14 नव॰ तक
करण
  1. बालव
    06:42 तक
  2. कौलव
    17:13 तक
  3. तैतिल
    03:41, 14 नव॰ तक
  4. गर
    14:08, 14 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:19
बिंब मध्य 06:22
सूर्यास्त
18:00
बिंब मध्य 17:56
चंद्रोदय
02:53
चंद्रास्त
15:09
दिनमान
11h 41m
वार
सोमवार · चन्द्र
चंद्र राशि
कन्या
16:59, 14 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
मार्गशीर्ष
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2085
शक संवत
1950

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:29
  • प्रातः संध्या05:05 –06:19
  • अभिजित मुहूर्त11:46 –12:33
  • विजय मुहूर्त14:06 –14:53
  • गोधूलि मुहूर्त18:00 –18:24
  • सायाह्न संध्या18:00 –19:14
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:34, 14 नव॰
  • अमृत काल00:44 –02:11, 14 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल07:46 –09:14
  • यमगंड10:42 –12:09
  • गुलिक काल13:37 –15:04
  • दुर्मुहूर्त12:33 –13:19
  • दुर्मुहूर्त14:53 –15:40
  • वर्ज्य16:03 –17:30

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • अमृतश्रेष्ठ06:19 – 07:46
  • कालहानि07:46 – 09:14
  • शुभशुभ09:14 – 10:42
  • रोगअनिष्ट10:42 – 12:09
  • उद्वेगअशुभ12:09 – 13:37
  • चरसम13:37 – 15:04
  • लाभलाभ15:04 – 16:32
  • अमृतश्रेष्ठ16:32 – 18:00
रात
  • चरसम18:00 – 19:32
  • रोगअनिष्ट19:32 – 21:05
  • कालहानि21:05 – 22:37
  • लाभलाभ22:37 – 00:09
  • उद्वेगअशुभ00:09 – 01:42
  • शुभशुभ01:42 – 03:14
  • अमृतश्रेष्ठ03:14 – 04:47
  • चरसम04:47 – 06:19

होरा

दिन
ग्रहसमय
चन्द्र06:19–07:17
शनि07:17–08:16
गुरु08:16–09:14
मंगल09:14–10:12
सूर्य10:12–11:11
शुक्र11:11–12:09
बुध12:09–13:08
चन्द्र13:08–14:06
शनि14:06–15:04
गुरु15:04–16:03
मंगल16:03–17:01
सूर्य17:01–18:00
रात
ग्रहसमय
शुक्र18:00–19:01
बुध19:01–20:03
चन्द्र20:03–21:05
शनि21:05–22:06
गुरु22:06–23:08
मंगल23:08–00:09
सूर्य00:09–01:11
शुक्र01:11–02:13
बुध02:13–03:14
चन्द्र03:14–04:16
शनि04:16–05:17
गुरु05:17–06:19

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तर फाल्गुनी 4 पद08:27 तक
  • हस्त 1 पद13:54 तक
  • हस्त 2 पद19:20 तक
  • हस्त 3 पद00:45, 14 नव॰ तक
  • हस्त 4 पद06:10, 14 नव॰ तक
  • चित्रा 1 पद11:34, 14 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
विशाखा 3 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 41m
रात्रिमान
12h 19m
मध्याह्न
12:09

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
कन्या · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्ककन्यावृश्चिकधनुमीन
कुम्भ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तर फाल्गुनी · 08:27 तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
हस्त · 06:10, 14 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिराआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्रास्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठाशतभिषाउत्तरभाद्रपद
चित्रा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
वायव्य (उत्तर-पश्चिम)
चंद्र वास
दक्षिण
अग्निवास
आकाश · 06:42 तकपाताल · 03:41, 14 नव॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
कैलाश पर · 06:42 तकनंदी पर · 03:41, 14 नव॰ तकभोजन में
होमाहुति
राहु

पंचक रहित मुहूर्त

  • अग्नि पंचक06:19 –06:35
  • शुभ मुहूर्त06:35 –06:42
  • राज पंचक06:42 –08:27
  • शुभ मुहूर्त08:27 –08:46
  • चोर पंचक08:46 –10:53
  • शुभ मुहूर्त10:53 –12:49
  • रोग पंचक12:49 –14:33
  • शुभ मुहूर्त14:33 –18:06
  • रोग पंचक18:06 –20:09
  • शुभ मुहूर्त20:09 –22:20
  • मृत्यु पंचक22:20 –00:27, 14 नव॰
  • अग्नि पंचक00:27 –02:28, 14 नव॰
  • शुभ मुहूर्त02:28 –03:41, 14 नव॰
  • राज पंचक03:41 –04:27, 14 नव॰
  • शुभ मुहूर्त04:27 –06:10, 14 नव॰
  • चोर पंचक06:10 –06:19, 14 नव॰

उदय लग्न

  • तुला04:31 –06:35
  • वृश्चिक06:35 –08:46
  • धनु08:46 –10:53
  • मकर10:53 –12:49
  • कुम्भ12:49 –14:33
  • मीन14:33 –16:15
  • मेष16:15 –18:06
  • वृषभ18:06 –20:09
  • मिथुन20:09 –22:20
  • कर्क22:20 –00:27, 14 नव॰
  • सिंह00:27 –02:28, 14 नव॰
  • कन्या02:28 –04:27, 14 नव॰
  • तुला04:27 –06:31, 14 नव॰

पंचांग · कोच्चि, 13 नवंबर 2028

सोमवार, 13 नवंबर 2028 को कोच्चि में सूर्योदय 06:19 और सूर्यास्त 18:00 पर है। तिथि कृष्ण एकादशी 06:42 तक, फिर कृष्ण द्वादशी; नक्षत्र उत्तर फाल्गुनी 08:27 तक, फिर हस्त; योग विष्कुम्भ 18:07 तक, फिर प्रीति; करण बालव 06:42 तक, फिर कौलव। चंद्रमा कन्या राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 07:46–09:14, अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33। मास मार्गशीर्ष (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2085, शक संवत 1950।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोच्चि में 13 नवंबर 2028 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण एकादशी 06:42 तक, फिर कृष्ण द्वादशी (सूर्योदय 06:19, कोच्चि)।

13 नवंबर 2028 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तर फाल्गुनी 08:27 तक, फिर हस्त। चंद्रमा कन्या राशि में 14 नवंबर 16:59 तक।

कोच्चि में 13 नवंबर 2028 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 07:46–09:14, यमगण्ड 10:42–12:09, गुलिक काल 13:37–15:04।

कोच्चि में 13 नवंबर 2028 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:19, सूर्यास्त 18:00, चंद्रोदय 02:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

13 नवंबर 2028 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:46–12:33, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:29। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोच्चि हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2028आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2028मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2604° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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