पंचांग · शुक्रवार, 17 जुलाई 2026कोच्चि

आषाढ़ · शुक्ल तृतीया · विक्रम संवत 2083

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:12सूर्योदय18:50सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल तृतीया
शुक्ल · 06:28 तक
नक्षत्र
मघा
18:34 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1218:50
शुक्रवार · शुक्र
राहु काल
10:56 –12:31
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:12दिन18:50
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
गंड मूल
वर्ज्य
राहु काल
दुर्मुहूर्त
यमगंड
भद्रा
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:50रात06:12
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
भद्रा
वर्ज्य
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल तृतीया
    06:28 तक
  2. शुक्ल चतुर्थी
    04:43, 18 जुल॰ तक
  3. शुक्ल पंचमी
    03:43, 19 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. मघास्वामी केतु
    18:34 तक
  2. पूर्व फाल्गुनीस्वामी शुक्र
    18:00, 18 जुल॰ तक
योग
  1. व्यतीपात
    22:45 तक
  2. वरीयान्
    20:45, 18 जुल॰ तक
करण
  1. गर
    06:28 तक
  2. वणिज
    17:30 तक
  3. विष्टि
    04:43, 18 जुल॰ तक
  4. बव
    16:07, 18 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:12
बिंब मध्य 06:15
सूर्यास्त
18:50
बिंब मध्य 18:46
चंद्रोदय
08:53
चंद्रास्त
21:29
दिनमान
12h 38m
वार
शुक्रवार · शुक्र
चंद्र राशि
सिंह
23:58, 18 जुल॰ तक
सूर्य राशि
कर्क

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आषाढ़
पूर्णिमांत मास
आषाढ़
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2083
शक संवत
1948

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:41 –05:26
  • प्रातः संध्या05:04 –06:12
  • अभिजित मुहूर्त12:06 –12:56
  • विजय मुहूर्त14:37 –15:28
  • गोधूलि मुहूर्त18:50 –19:13
  • सायाह्न संध्या18:50 –19:58
  • निशीथ मुहूर्त00:08 –00:54, 18 जुल॰
  • अमृत काल16:18 –17:49
इन समयों से बचें
  • राहु काल10:56 –12:31
  • यमगंड15:41 –17:15
  • गुलिक काल07:47 –09:21
  • दुर्मुहूर्त08:44 –09:34
  • दुर्मुहूर्त12:56 –13:47
  • वर्ज्य07:13 –08:44
  • वर्ज्य02:23 –03:56, 18 जुल॰
  • गंड मूल06:12 –18:34
  • भद्रा17:30 –04:43, 18 जुल॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • चरसम06:12 – 07:47
  • लाभलाभ07:47 – 09:21
  • अमृतश्रेष्ठ09:21 – 10:56
  • कालहानि10:56 – 12:31
  • शुभशुभ12:31 – 14:06
  • रोगअनिष्ट14:06 – 15:41
  • उद्वेगअशुभ15:41 – 17:15
  • चरसम17:15 – 18:50
रात
  • रोगअनिष्ट18:50 – 20:16
  • कालहानि20:16 – 21:41
  • लाभलाभ21:41 – 23:06
  • उद्वेगअशुभ23:06 – 00:31
  • शुभशुभ00:31 – 01:56
  • अमृतश्रेष्ठ01:56 – 03:22
  • चरसम03:22 – 04:47
  • रोगअनिष्ट04:47 – 06:12

होरा

दिन
ग्रहसमय
शुक्र06:12–07:15
बुध07:15–08:18
चन्द्र08:18–09:21
शनि09:21–10:25
गुरु10:25–11:28
मंगल11:28–12:31
सूर्य12:31–13:34
शुक्र13:34–14:37
बुध14:37–15:41
चन्द्र15:41–16:44
शनि16:44–17:47
गुरु17:47–18:50
रात
ग्रहसमय
मंगल18:50–19:47
सूर्य19:47–20:44
शुक्र20:44–21:41
बुध21:41–22:38
चन्द्र22:38–23:34
शनि23:34–00:31
गुरु00:31–01:28
मंगल01:28–02:25
सूर्य02:25–03:22
शुक्र03:22–04:18
बुध04:18–05:15
चन्द्र05:15–06:12

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मघा 2 पद07:08 तक
  • मघा 3 पद12:50 तक
  • मघा 4 पद18:34 तक
  • पूर्व फाल्गुनी 1 पद00:21, 18 जुल॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 2 पद06:11, 18 जुल॰ तक
  • पूर्व फाल्गुनी 3 पद12:04, 18 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
पुनर्वसु 4 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 38m
रात्रिमान
11h 22m
मध्याह्न
12:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
सिंह · अगले सूर्योदय तक
मिथुनसिंहतुलावृश्चिककुम्भमीन
मकर राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मघा · 18:34 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
पूर्व फाल्गुनी · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पश्चिमइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
आग्नेय (दक्षिण-पूर्व)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पाताल · 06:28 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:43, 18 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 06:28 तकक्रीड़ा में · 04:43, 18 जुल॰ तककैलाश पर
होमाहुति
बुध

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:12 –06:14
  • शुभ मुहूर्त06:14 –06:28
  • चोर पंचक06:28 –08:21
  • शुभ मुहूर्त08:21 –10:22
  • रोग पंचक10:22 –12:20
  • शुभ मुहूर्त12:20 –14:25
  • मृत्यु पंचक14:25 –16:35
  • अग्नि पंचक16:35 –18:34
  • शुभ मुहूर्त18:34 –18:43
  • राज पंचक18:43 –20:38
  • शुभ मुहूर्त20:38 –22:23
  • चोर पंचक22:23 –00:05, 18 जुल॰
  • राज पंचक00:05 –01:55, 18 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त01:55 –03:59, 18 जुल॰
  • चोर पंचक03:59 –04:43, 18 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त04:43 –06:10, 18 जुल॰
  • रोग पंचक06:10 –06:12, 18 जुल॰

उदय लग्न

  • मिथुन04:03 –06:14
  • कर्क06:14 –08:21
  • सिंह08:21 –10:22
  • कन्या10:22 –12:20
  • तुला12:20 –14:25
  • वृश्चिक14:25 –16:35
  • धनु16:35 –18:43
  • मकर18:43 –20:38
  • कुम्भ20:38 –22:23
  • मीन22:23 –00:05, 18 जुल॰
  • मेष00:05 –01:55, 18 जुल॰
  • वृषभ01:55 –03:59, 18 जुल॰
  • मिथुन03:59 –06:10, 18 जुल॰
  • कर्क06:10 –08:17, 18 जुल॰

पंचांग · कोच्चि, 17 जुलाई 2026

शुक्रवार, 17 जुलाई 2026 को कोच्चि में सूर्योदय 06:12 और सूर्यास्त 18:50 पर है। तिथि शुक्ल तृतीया 06:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी; नक्षत्र मघा 18:34 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी; योग व्यतीपात 22:45 तक, फिर वरीयान्; करण गर 06:28 तक, फिर वणिज। चंद्रमा सिंह राशि में, सूर्य कर्क राशि में। राहुकाल 10:56–12:31, अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / आषाढ़ (अमांत), विक्रम संवत 2083, शक संवत 1948।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कोच्चि में 17 जुलाई 2026 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल तृतीया 06:28 तक, फिर शुक्ल चतुर्थी (सूर्योदय 06:12, कोच्चि)।

17 जुलाई 2026 को कौन सा नक्षत्र है?

मघा 18:34 तक, फिर पूर्व फाल्गुनी। चंद्रमा सिंह राशि में 18 जुलाई 23:58 तक।

कोच्चि में 17 जुलाई 2026 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 10:56–12:31, यमगण्ड 15:41–17:15, गुलिक काल 07:47–09:21।

कोच्चि में 17 जुलाई 2026 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:12, सूर्यास्त 18:50, चंद्रोदय 08:53 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 जुलाई 2026 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:06–12:56, ब्रह्म मुहूर्त 04:41–05:26। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कोच्चि हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2026आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2026मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2278° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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