पंचांग · बुधवार, 3 अप्रैल 2030काठमांडू
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- शुक्ल प्रतिपदा05:33, 4 अप्रैल तक
- शुक्ल द्वितीया07:42, 5 अप्रैल तक
- रेवतीस्वामी बुध01:37, 4 अप्रैल तक
- अश्विनीस्वामी केतु04:14, 5 अप्रैल तक
- इन्द्र19:50 तक
- वैधृति20:21, 4 अप्रैल तक
- किंस्तुघ्न16:37 तक
- बव05:33, 4 अप्रैल तक
- बालव18:35, 4 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:52बिंब मध्य 05:56
- सूर्यास्त
- 18:22बिंब मध्य 18:18
- चंद्रोदय
- 05:42
- चंद्रास्त
- 18:52
- दिनमान
- 12h 30m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- मीन01:37, 4 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मीन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- चैत्र
- पक्ष
- शुक्ल
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2087
- शक संवत
- 1952
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:20 –05:06
- प्रातः संध्या04:43 –05:52
- अभिजित मुहूर्त11:42 –12:32
- विजय मुहूर्त14:12 –15:02
- गोधूलि मुहूर्त18:22 –18:45
- सायाह्न संध्या18:22 –19:31
- निशीथ मुहूर्त23:44 –00:30, 4 अप्रैल
- अमृत काल22:59 –00:44, 4 अप्रैल
- राहु काल12:07 –13:41
- यमगंड07:26 –09:00
- गुलिक काल10:33 –12:07
- दुर्मुहूर्त11:42 –12:32
- वर्ज्य12:29 –14:14
- गंड मूल05:52 –01:37, 4 अप्रैल
- गंड मूल01:37 –05:51, 4 अप्रैल
चौघड़िया
- लाभलाभ05:52 – 07:26
- अमृतश्रेष्ठ07:26 – 09:00
- कालहानि09:00 – 10:33
- शुभशुभ10:33 – 12:07
- रोगअनिष्ट12:07 – 13:41
- उद्वेगअशुभ13:41 – 15:15
- चरसम15:15 – 16:48
- लाभलाभ16:48 – 18:22
- उद्वेगअशुभ18:22 – 19:48
- शुभशुभ19:48 – 21:14
- अमृतश्रेष्ठ21:14 – 22:41
- चरसम22:41 – 00:07
- रोगअनिष्ट00:07 – 01:33
- कालहानि01:33 – 02:59
- लाभलाभ02:59 – 04:25
- उद्वेगअशुभ04:25 – 05:51
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 05:52–06:55 |
| चन्द्र | 06:55–07:57 |
| शनि | 07:57–09:00 |
| गुरु | 09:00–10:02 |
| मंगल | 10:02–11:05 |
| सूर्य | 11:05–12:07 |
| शुक्र | 12:07–13:10 |
| बुध | 13:10–14:12 |
| चन्द्र | 14:12–15:15 |
| शनि | 15:15–16:17 |
| गुरु | 16:17–17:20 |
| मंगल | 17:20–18:22 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:22–19:20 |
| शुक्र | 19:20–20:17 |
| बुध | 20:17–21:14 |
| चन्द्र | 21:14–22:12 |
| शनि | 22:12–23:09 |
| गुरु | 23:09–00:07 |
| मंगल | 00:07–01:04 |
| सूर्य | 01:04–02:02 |
| शुक्र | 02:02–02:59 |
| बुध | 02:59–03:56 |
| चन्द्र | 03:56–04:54 |
| शनि | 04:54–05:51 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- रेवती 1 पद05:53 तक
- रेवती 2 पद12:26 तक
- रेवती 3 पद19:01 तक
- रेवती 4 पद01:37, 4 अप्रैल तक
- अश्विनी 1 पद08:14, 4 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- रेवती 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 30m
- रात्रिमान
- 11h 29m
- मध्याह्न
- 12:07
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर · 01:37, 4 अप्रैल तकपूर्व
- अग्निवास
- पाताल · 05:33, 4 अप्रैल तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- श्मशान में · 05:33, 4 अप्रैल तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- सूर्य
पंचक रहित मुहूर्त
- रोग पंचक05:52 –06:28
- चोर पंचक06:28 –08:04
- शुभ मुहूर्त08:04 –10:00
- रोग पंचक10:00 –12:14
- शुभ मुहूर्त12:14 –14:34
- मृत्यु पंचक14:34 –16:50
- अग्नि पंचक16:50 –19:05
- शुभ मुहूर्त19:05 –21:24
- राज पंचक21:24 –23:42
- शुभ मुहूर्त23:42 –01:37, 4 अप्रैल
- चोर पंचक01:37 –01:46, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:46 –03:29, 4 अप्रैल
- रोग पंचक03:29 –04:58, 4 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:58 –05:33, 4 अप्रैल
- मृत्यु पंचक05:33 –05:51, 4 अप्रैल
उदय लग्न
- मीन05:02 –06:28
- मेष06:28 –08:04
- वृषभ08:04 –10:00
- मिथुन10:00 –12:14
- कर्क12:14 –14:34
- सिंह14:34 –16:50
- कन्या16:50 –19:05
- तुला19:05 –21:24
- वृश्चिक21:24 –23:42
- धनु23:42 –01:46, 4 अप्रैल
- मकर01:46 –03:29, 4 अप्रैल
- कुम्भ03:29 –04:58, 4 अप्रैल
- मीन04:58 –06:24, 4 अप्रैल
पंचांग · काठमांडू, 3 अप्रैल 2030
बुधवार, 3 अप्रैल 2030 को काठमांडू में सूर्योदय 05:52 और सूर्यास्त 18:22 पर है। तिथि शुक्ल प्रतिपदा 4 अप्रैल 05:33 तक, फिर शुक्ल द्वितीया; नक्षत्र रेवती 4 अप्रैल 01:37 तक, फिर अश्विनी; योग इन्द्र 19:50 तक, फिर वैधृति; करण किंस्तुघ्न 16:37 तक, फिर बव। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य मीन राशि में। राहुकाल 12:07–13:41, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:32। मास चैत्र (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।
इस दिन के बारे में प्रश्न
काठमांडू में 3 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?
शुक्ल प्रतिपदा 4 अप्रैल 05:33 तक, फिर शुक्ल द्वितीया (सूर्योदय 05:52, काठमांडू)।
3 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?
रेवती 4 अप्रैल 01:37 तक, फिर अश्विनी। चंद्रमा मीन राशि में 4 अप्रैल 01:37 तक।
काठमांडू में 3 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:07–13:41, यमगण्ड 07:26–09:00, गुलिक काल 10:33–12:07।
काठमांडू में 3 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:52, सूर्यास्त 18:22, चंद्रोदय 05:42 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
3 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 11:42–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:20–05:06। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
3 अप्रैल 2030 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
चैत्र नवरात्रि (घटस्थापना), गुड़ी पड़वा · उगादि · हिन्दू नव वर्ष।
काठमांडू हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2797° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
आपका डिफ़ॉल्ट स्थान आपके IP पते से अनुमानित है: IP Geolocation by DB-IP