पंचांग · शनिवार, 20 अप्रैल 2030कानपुर

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2087

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:41सूर्योदय18:35सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 22:10 तक
नक्षत्र
विशाखा
07:40 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:4118:35
शनिवार · शनि
राहु काल
08:54 –10:31
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:41दिन18:35
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
वर्ज्य
यमगंड
दुर्मुहूर्त
भद्रा
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:35रात05:40
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
सायाह्न संध्या
अमृत काल
भद्रा
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    22:10 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    19:03, 21 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. विशाखास्वामी गुरु
    07:40 तक
  2. अनुराधास्वामी शनि
    05:07, 21 अप्रैल तक
  3. ज्येष्ठास्वामी बुध
    02:56, 22 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    19:02 तक
  2. वरीयान्
    15:19, 21 अप्रैल तक
करण
  1. वणिज
    11:51 तक
  2. विष्टि
    22:10 तक
  3. बव
    08:34, 21 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:41
बिंब मध्य 05:44
सूर्यास्त
18:35
बिंब मध्य 18:31
चंद्रोदय
21:17
चंद्रास्त
07:08
दिनमान
12h 54m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
वृश्चिक
02:56, 22 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2087
शक संवत
1952

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:12 –04:56
  • प्रातः संध्या04:34 –05:41
  • अभिजित मुहूर्त11:42 –12:34
  • विजय मुहूर्त14:17 –15:08
  • गोधूलि मुहूर्त18:35 –18:57
  • सायाह्न संध्या18:35 –19:41
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:30, 21 अप्रैल
  • अमृत काल19:49 –21:15
इन समयों से बचें
  • राहु काल08:54 –10:31
  • यमगंड13:45 –15:21
  • गुलिक काल05:41 –07:17
  • दुर्मुहूर्त05:41 –06:32
  • दुर्मुहूर्त06:32 –07:24
  • वर्ज्य11:14 –12:40
  • गंड मूल05:07 –05:40, 21 अप्रैल
  • भद्रा11:51 –22:10

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:41 – 07:17
  • शुभशुभ07:17 – 08:54
  • रोगअनिष्ट08:54 – 10:31
  • उद्वेगअशुभ10:31 – 12:08
  • चरसम12:08 – 13:45
  • लाभलाभ13:45 – 15:21
  • अमृतश्रेष्ठ15:21 – 16:58
  • कालहानि16:58 – 18:35
रात
  • लाभलाभ18:35 – 19:58
  • उद्वेगअशुभ19:58 – 21:21
  • शुभशुभ21:21 – 22:44
  • अमृतश्रेष्ठ22:44 – 00:07
  • चरसम00:07 – 01:30
  • रोगअनिष्ट01:30 – 02:54
  • कालहानि02:54 – 04:17
  • लाभलाभ04:17 – 05:40

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:41–06:45
गुरु06:45–07:50
मंगल07:50–08:54
सूर्य08:54–09:59
शुक्र09:59–11:03
बुध11:03–12:08
चन्द्र12:08–13:12
शनि13:12–14:17
गुरु14:17–15:21
मंगल15:21–16:26
सूर्य16:26–17:30
शुक्र17:30–18:35
रात
ग्रहसमय
बुध18:35–19:30
चन्द्र19:30–20:26
शनि20:26–21:21
गुरु21:21–22:17
मंगल22:17–23:12
सूर्य23:12–00:07
शुक्र00:07–01:03
बुध01:03–01:58
चन्द्र01:58–02:54
शनि02:54–03:49
गुरु03:49–04:44
मंगल04:44–05:40

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • विशाखा 4 पद07:40 तक
  • अनुराधा 1 पद13:00 तक
  • अनुराधा 2 पद18:21 तक
  • अनुराधा 3 पद23:43 तक
  • अनुराधा 4 पद05:07, 21 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद10:32, 21 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 54m
रात्रिमान
11h 5m
मध्याह्न
12:08

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
विशाखा · 07:40 तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
अनुराधा · 05:07, 21 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पाताल · 22:10 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 22:10 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • चोर पंचक05:41 –07:04
  • शुभ मुहूर्त07:04 –07:40
  • रोग पंचक07:40 –09:01
  • शुभ मुहूर्त09:01 –11:15
  • मृत्यु पंचक11:15 –13:33
  • अग्नि पंचक13:33 –15:48
  • शुभ मुहूर्त15:48 –18:02
  • राज पंचक18:02 –20:20
  • शुभ मुहूर्त20:20 –22:10
  • चोर पंचक22:10 –22:37
  • शुभ मुहूर्त22:37 –00:42, 21 अप्रैल
  • रोग पंचक00:42 –02:26, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त02:26 –03:56, 21 अप्रैल
  • मृत्यु पंचक03:56 –05:07, 21 अप्रैल
  • अग्नि पंचक05:07 –05:23, 21 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त05:23 –05:40, 21 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:27 –07:04
  • वृषभ07:04 –09:01
  • मिथुन09:01 –11:15
  • कर्क11:15 –13:33
  • सिंह13:33 –15:48
  • कन्या15:48 –18:02
  • तुला18:02 –20:20
  • वृश्चिक20:20 –22:37
  • धनु22:37 –00:42, 21 अप्रैल
  • मकर00:42 –02:26, 21 अप्रैल
  • कुम्भ02:26 –03:56, 21 अप्रैल
  • मीन03:56 –05:23, 21 अप्रैल
  • मेष05:23 –07:00, 21 अप्रैल

पंचांग · कानपुर, 20 अप्रैल 2030

शनिवार, 20 अप्रैल 2030 को कानपुर में सूर्योदय 05:41 और सूर्यास्त 18:35 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा; योग व्यतीपात 19:02 तक, फिर वरीयान्; करण वणिज 11:51 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 08:54–10:31, अभिजित मुहूर्त 11:42–12:34। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2087, शक संवत 1952।

इस दिन के बारे में प्रश्न

कानपुर में 20 अप्रैल 2030 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 22:10 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 05:41, कानपुर)।

20 अप्रैल 2030 को कौन सा नक्षत्र है?

विशाखा 07:40 तक, फिर अनुराधा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 22 अप्रैल 02:56 तक।

कानपुर में 20 अप्रैल 2030 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 08:54–10:31, यमगण्ड 13:45–15:21, गुलिक काल 05:41–07:17।

कानपुर में 20 अप्रैल 2030 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:41, सूर्यास्त 18:35, चंद्रोदय 21:17 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

20 अप्रैल 2030 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:42–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:12–04:56। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

कानपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2030आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2030मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2804° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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