पंचांग · बुधवार, 5 नवंबर 2025जयपुर

कार्तिक · पूर्णिमा · विक्रम संवत 2082कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली)पूर्णिमा

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:39सूर्योदय17:41सूर्यास्त
तिथि
पूर्णिमा
शुक्ल · 18:49 तक
नक्षत्र
अश्विनी
09:40 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3917:41
बुधवार · बुध
राहु काल
12:10 –13:33
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:39दिन17:41
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
वर्ज्य
यमगंड
गुलिक काल
गंड मूल
दुर्मुहूर्त
भद्रा
राहु काल
09:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:41रात06:40
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

लग्न कुंडली · अभी

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पाँच अंग

तिथि
  1. पूर्णिमा
    18:49 तक
  2. कृष्ण प्रतिपदा
    14:55, 6 नव॰ तक
नक्षत्र
  1. अश्विनीस्वामी केतु
    09:40 तक
  2. भरणीस्वामी शुक्र
    06:34, 6 नव॰ तक
  3. कृत्तिकास्वामी सूर्य
    03:27, 7 नव॰ तक
योग
  1. सिद्धि
    11:28 तक
  2. व्यतीपात
    07:04, 6 नव॰ तक
करण
  1. विष्टि
    08:44 तक
  2. बव
    18:49 तक
  3. बालव
    04:52, 6 नव॰ तक
  4. कौलव
    14:55, 6 नव॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:39
बिंब मध्य 06:43
सूर्यास्त
17:41
बिंब मध्य 17:37
चंद्रोदय
17:20
चंद्रास्त
06:10
दिनमान
11h 2m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
मेष
11:47, 6 नव॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
कार्तिक
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:56 –05:47
  • प्रातः संध्या05:22 –06:39
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:32
  • विजय मुहूर्त14:01 –14:45
  • गोधूलि मुहूर्त17:41 –18:07
  • सायाह्न संध्या17:41 –18:59
  • निशीथ मुहूर्त23:45 –00:37, 6 नव॰
  • अमृत काल02:23 –03:46, 6 नव॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:10 –13:33
  • यमगंड08:02 –09:25
  • गुलिक काल10:48 –12:10
  • दुर्मुहूर्त11:48 –12:32
  • वर्ज्य06:09 –07:33
  • वर्ज्य18:01 –19:25
  • गंड मूल06:39 –09:40
  • भद्रा06:39 –08:44

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ06:39 – 08:02
  • अमृतश्रेष्ठ08:02 – 09:25
  • कालहानि09:25 – 10:48
  • शुभशुभ10:48 – 12:10
  • रोगअनिष्ट12:10 – 13:33
  • उद्वेगअशुभ13:33 – 14:56
  • चरसम14:56 – 16:19
  • लाभलाभ16:19 – 17:41
रात
  • उद्वेगअशुभ17:41 – 19:19
  • शुभशुभ19:19 – 20:56
  • अमृतश्रेष्ठ20:56 – 22:33
  • चरसम22:33 – 00:11
  • रोगअनिष्ट00:11 – 01:48
  • कालहानि01:48 – 03:25
  • लाभलाभ03:25 – 05:03
  • उद्वेगअशुभ05:03 – 06:40

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध06:39–07:34
चन्द्र07:34–08:30
शनि08:30–09:25
गुरु09:25–10:20
मंगल10:20–11:15
सूर्य11:15–12:10
शुक्र12:10–13:05
बुध13:05–14:01
चन्द्र14:01–14:56
शनि14:56–15:51
गुरु15:51–16:46
मंगल16:46–17:41
रात
ग्रहसमय
सूर्य17:41–18:46
शुक्र18:46–19:51
बुध19:51–20:56
चन्द्र20:56–22:01
शनि22:01–23:06
गुरु23:06–00:11
मंगल00:11–01:16
सूर्य01:16–02:20
शुक्र02:20–03:25
बुध03:25–04:30
चन्द्र04:30–05:35
शनि05:35–06:40

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अश्विनी 4 पद09:40 तक
  • भरणी 1 पद14:54 तक
  • भरणी 2 पद20:08 तक
  • भरणी 3 पद01:21, 6 नव॰ तक
  • भरणी 4 पद06:34, 6 नव॰ तक
  • कृत्तिका 1 पद11:47, 6 नव॰ तक
सूर्य नक्षत्र
स्वाती 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 2m
रात्रिमान
12h 59m
मध्याह्न
12:10

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अश्विनी · 09:40 तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
भरणी · 06:34, 6 नव॰ तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
कृत्तिका · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 18:49 तकआकाश
शिववास
श्मशान में · 18:49 तकगौरी के साथ
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:39 –07:35
  • मृत्यु पंचक07:35 –09:40
  • अग्नि पंचक09:40 –09:53
  • शुभ मुहूर्त09:53 –11:57
  • राज पंचक11:57 –13:41
  • शुभ मुहूर्त13:41 –15:10
  • चोर पंचक15:10 –16:37
  • राज पंचक16:37 –18:14
  • शुभ मुहूर्त18:14 –18:49
  • चोर पंचक18:49 –20:10
  • शुभ मुहूर्त20:10 –22:25
  • रोग पंचक22:25 –00:43, 6 नव॰
  • शुभ मुहूर्त00:43 –02:59, 6 नव॰
  • मृत्यु पंचक02:59 –05:14, 6 नव॰
  • अग्नि पंचक05:14 –06:34, 6 नव॰
  • शुभ मुहूर्त06:34 –06:40, 6 नव॰

उदय लग्न

  • तुला05:17 –07:35
  • वृश्चिक07:35 –09:53
  • धनु09:53 –11:57
  • मकर11:57 –13:41
  • कुम्भ13:41 –15:10
  • मीन15:10 –16:37
  • मेष16:37 –18:14
  • वृषभ18:14 –20:10
  • मिथुन20:10 –22:25
  • कर्क22:25 –00:43, 6 नव॰
  • सिंह00:43 –02:59, 6 नव॰
  • कन्या02:59 –05:14, 6 नव॰
  • तुला05:14 –07:31, 6 नव॰

पंचांग · जयपुर, 5 नवंबर 2025

बुधवार, 5 नवंबर 2025 को जयपुर में सूर्योदय 06:39 और सूर्यास्त 17:41 पर है। तिथि पूर्णिमा 18:49 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा; नक्षत्र अश्विनी 09:40 तक, फिर भरणी; योग सिद्धि 11:28 तक, फिर व्यतीपात; करण विष्टि 08:44 तक, फिर बव। चंद्रमा मेष राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:10–13:33, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / कार्तिक (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 5 नवंबर 2025 को कौन सी तिथि है?

पूर्णिमा 18:49 तक, फिर कृष्ण प्रतिपदा (सूर्योदय 06:39, जयपुर)।

5 नवंबर 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

अश्विनी 09:40 तक, फिर भरणी। चंद्रमा मेष राशि में 6 नवंबर 11:47 तक।

जयपुर में 5 नवंबर 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:10–13:33, यमगण्ड 08:02–09:25, गुलिक काल 10:48–12:10।

जयपुर में 5 नवंबर 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:39, सूर्यास्त 17:41, चंद्रोदय 17:20 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

5 नवंबर 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:32, ब्रह्म मुहूर्त 04:56–05:47। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

5 नवंबर 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

कार्तिक पूर्णिमा (देव दीपावली), पूर्णिमा।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर नवंबर 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2181° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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