पंचांग · बुधवार, 16 अप्रैल 2025जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण तृतीया13:17 तक
- कृष्ण चतुर्थी15:23, 17 अप्रैल तक
- अनुराधास्वामी शनि05:55, 17 अप्रैल तक
- ज्येष्ठास्वामी बुध08:21, 18 अप्रैल तक
- व्यतीपात00:18, 17 अप्रैल तक
- वरीयान्00:50, 18 अप्रैल तक
- विष्टि13:17 तक
- बव02:23, 17 अप्रैल तक
- बालव15:23, 17 अप्रैल तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 06:02बिंब मध्य 06:05
- सूर्यास्त
- 18:52बिंब मध्य 18:47
- चंद्रोदय
- 22:01
- चंद्रास्त
- 07:40
- दिनमान
- 12h 50m
- वार
- बुधवार · बुध
- चंद्र राशि
- वृश्चिक08:21, 18 अप्रैल तक
- सूर्य राशि
- मेष
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- चैत्र
- पूर्णिमांत मास
- वैशाख
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- वसंत
- विक्रम संवत
- 2082
- शक संवत
- 1947
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:17
- प्रातः संध्या04:55 –06:02
- अभिजित मुहूर्त12:01 –12:52
- विजय मुहूर्त14:35 –15:26
- गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:14
- सायाह्न संध्या18:52 –19:59
- निशीथ मुहूर्त00:04 –00:49, 17 अप्रैल
- अमृत काल18:19 –20:06
- राहु काल12:27 –14:03
- यमगंड07:38 –09:14
- गुलिक काल10:51 –12:27
- दुर्मुहूर्त12:01 –12:52
- वर्ज्य07:37 –09:24
- गंड मूल05:55 –06:01, 17 अप्रैल
- भद्रा06:02 –13:17
चौघड़िया
- लाभलाभ06:02 – 07:38
- अमृतश्रेष्ठ07:38 – 09:14
- कालहानि09:14 – 10:51
- शुभशुभ10:51 – 12:27
- रोगअनिष्ट12:27 – 14:03
- उद्वेगअशुभ14:03 – 15:39
- चरसम15:39 – 17:15
- लाभलाभ17:15 – 18:52
- उद्वेगअशुभ18:52 – 20:15
- शुभशुभ20:15 – 21:39
- अमृतश्रेष्ठ21:39 – 23:03
- चरसम23:03 – 00:26
- रोगअनिष्ट00:26 – 01:50
- कालहानि01:50 – 03:14
- लाभलाभ03:14 – 04:37
- उद्वेगअशुभ04:37 – 06:01
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| बुध | 06:02–07:06 |
| चन्द्र | 07:06–08:10 |
| शनि | 08:10–09:14 |
| गुरु | 09:14–10:19 |
| मंगल | 10:19–11:23 |
| सूर्य | 11:23–12:27 |
| शुक्र | 12:27–13:31 |
| बुध | 13:31–14:35 |
| चन्द्र | 14:35–15:39 |
| शनि | 15:39–16:43 |
| गुरु | 16:43–17:47 |
| मंगल | 17:47–18:52 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| सूर्य | 18:52–19:47 |
| शुक्र | 19:47–20:43 |
| बुध | 20:43–21:39 |
| चन्द्र | 21:39–22:35 |
| शनि | 22:35–23:31 |
| गुरु | 23:31–00:26 |
| मंगल | 00:26–01:22 |
| सूर्य | 01:22–02:18 |
| शुक्र | 02:18–03:14 |
| बुध | 03:14–04:09 |
| चन्द्र | 04:09–05:05 |
| शनि | 05:05–06:01 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- अनुराधा 1 पद09:53 तक
- अनुराधा 2 पद16:34 तक
- अनुराधा 3 पद23:15 तक
- अनुराधा 4 पद05:55, 17 अप्रैल तक
- ज्येष्ठा 1 पद12:33, 17 अप्रैल तक
- सूर्य नक्षत्र
- अश्विनी 1 पद
- ऋतु (दृक्)
- वसंत
- ऋतु (वैदिक)
- वसंत
- अयन (दृक्)
- उत्तरायण
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 12h 50m
- रात्रिमान
- 11h 9m
- मध्याह्न
- 12:27
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
- चंद्र वास
- उत्तर
- अग्निवास
- पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 13:17 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- क्रीड़ा में · 13:17 तककैलाश पर
- होमाहुति
- मंगल
पंचक रहित मुहूर्त
- राज पंचक06:02 –07:36
- शुभ मुहूर्त07:36 –09:32
- चोर पंचक09:32 –11:47
- शुभ मुहूर्त11:47 –13:17
- रोग पंचक13:17 –14:06
- शुभ मुहूर्त14:06 –16:21
- मृत्यु पंचक16:21 –18:36
- अग्नि पंचक18:36 –20:53
- शुभ मुहूर्त20:53 –23:11
- राज पंचक23:11 –01:16, 17 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त01:16 –02:59, 17 अप्रैल
- चोर पंचक02:59 –04:28, 17 अप्रैल
- शुभ मुहूर्त04:28 –05:55, 17 अप्रैल
- रोग पंचक05:55 –05:55, 17 अप्रैल
- चोर पंचक05:55 –06:01, 17 अप्रैल
उदय लग्न
- मेष05:59 –07:36
- वृषभ07:36 –09:32
- मिथुन09:32 –11:47
- कर्क11:47 –14:06
- सिंह14:06 –16:21
- कन्या16:21 –18:36
- तुला18:36 –20:53
- वृश्चिक20:53 –23:11
- धनु23:11 –01:16, 17 अप्रैल
- मकर01:16 –02:59, 17 अप्रैल
- कुम्भ02:59 –04:28, 17 अप्रैल
- मीन04:28 –05:55, 17 अप्रैल
- मेष05:55 –07:32, 17 अप्रैल
पंचांग · जयपुर, 16 अप्रैल 2025
बुधवार, 16 अप्रैल 2025 को जयपुर में सूर्योदय 06:02 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 13:17 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र अनुराधा 17 अप्रैल 05:55 तक, फिर ज्येष्ठा; योग व्यतीपात 17 अप्रैल 00:18 तक, फिर वरीयान्; करण विष्टि 13:17 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:27–14:03, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 16 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण तृतीया 13:17 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:02, जयपुर)।
16 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?
अनुराधा 17 अप्रैल 05:55 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 18 अप्रैल 08:21 तक।
जयपुर में 16 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 12:27–14:03, यमगण्ड 07:38–09:14, गुलिक काल 10:51–12:27।
जयपुर में 16 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:52, चंद्रोदय 22:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
16 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:17। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
16 अप्रैल 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?
संकष्टी चतुर्थी।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2104° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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