पंचांग · बुधवार, 16 अप्रैल 2025जयपुर

चैत्र · कृष्ण तृतीया · विक्रम संवत 2082संकष्टी चतुर्थी

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:02सूर्योदय18:52सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण तृतीया
कृष्ण · 13:17 तक
नक्षत्र
अनुराधा
05:55, 17 अप्रैल तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:0218:52
बुधवार · बुध
राहु काल
12:27 –14:03
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:02दिन18:52
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
भद्रा
वर्ज्य
गुलिक काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:52रात06:01
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
गंड मूल
21:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण तृतीया
    13:17 तक
  2. कृष्ण चतुर्थी
    15:23, 17 अप्रैल तक
नक्षत्र
  1. अनुराधास्वामी शनि
    05:55, 17 अप्रैल तक
  2. ज्येष्ठास्वामी बुध
    08:21, 18 अप्रैल तक
योग
  1. व्यतीपात
    00:18, 17 अप्रैल तक
  2. वरीयान्
    00:50, 18 अप्रैल तक
करण
  1. विष्टि
    13:17 तक
  2. बव
    02:23, 17 अप्रैल तक
  3. बालव
    15:23, 17 अप्रैल तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:02
बिंब मध्य 06:05
सूर्यास्त
18:52
बिंब मध्य 18:47
चंद्रोदय
22:01
चंद्रास्त
07:40
दिनमान
12h 50m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
वृश्चिक
08:21, 18 अप्रैल तक
सूर्य राशि
मेष

चांद्र पंचांग

अमांत मास
चैत्र
पूर्णिमांत मास
वैशाख
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वसंत
विक्रम संवत
2082
शक संवत
1947

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:33 –05:17
  • प्रातः संध्या04:55 –06:02
  • अभिजित मुहूर्त12:01 –12:52
  • विजय मुहूर्त14:35 –15:26
  • गोधूलि मुहूर्त18:52 –19:14
  • सायाह्न संध्या18:52 –19:59
  • निशीथ मुहूर्त00:04 –00:49, 17 अप्रैल
  • अमृत काल18:19 –20:06
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:27 –14:03
  • यमगंड07:38 –09:14
  • गुलिक काल10:51 –12:27
  • दुर्मुहूर्त12:01 –12:52
  • वर्ज्य07:37 –09:24
  • गंड मूल05:55 –06:01, 17 अप्रैल
  • भद्रा06:02 –13:17

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ06:02 – 07:38
  • अमृतश्रेष्ठ07:38 – 09:14
  • कालहानि09:14 – 10:51
  • शुभशुभ10:51 – 12:27
  • रोगअनिष्ट12:27 – 14:03
  • उद्वेगअशुभ14:03 – 15:39
  • चरसम15:39 – 17:15
  • लाभलाभ17:15 – 18:52
रात
  • उद्वेगअशुभ18:52 – 20:15
  • शुभशुभ20:15 – 21:39
  • अमृतश्रेष्ठ21:39 – 23:03
  • चरसम23:03 – 00:26
  • रोगअनिष्ट00:26 – 01:50
  • कालहानि01:50 – 03:14
  • लाभलाभ03:14 – 04:37
  • उद्वेगअशुभ04:37 – 06:01

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध06:02–07:06
चन्द्र07:06–08:10
शनि08:10–09:14
गुरु09:14–10:19
मंगल10:19–11:23
सूर्य11:23–12:27
शुक्र12:27–13:31
बुध13:31–14:35
चन्द्र14:35–15:39
शनि15:39–16:43
गुरु16:43–17:47
मंगल17:47–18:52
रात
ग्रहसमय
सूर्य18:52–19:47
शुक्र19:47–20:43
बुध20:43–21:39
चन्द्र21:39–22:35
शनि22:35–23:31
गुरु23:31–00:26
मंगल00:26–01:22
सूर्य01:22–02:18
शुक्र02:18–03:14
बुध03:14–04:09
चन्द्र04:09–05:05
शनि05:05–06:01

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • अनुराधा 1 पद09:53 तक
  • अनुराधा 2 पद16:34 तक
  • अनुराधा 3 पद23:15 तक
  • अनुराधा 4 पद05:55, 17 अप्रैल तक
  • ज्येष्ठा 1 पद12:33, 17 अप्रैल तक
सूर्य नक्षत्र
अश्विनी 1 पद
ऋतु (दृक्)
वसंत
ऋतु (वैदिक)
वसंत
अयन (दृक्)
उत्तरायण
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
12h 50m
रात्रिमान
11h 9m
मध्याह्न
12:27

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृश्चिक · अगले सूर्योदय तक
वृषभमिथुनकन्यावृश्चिकमकरकुम्भ
मेष राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
अनुराधा · 05:55, 17 अप्रैल तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
ज्येष्ठा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
उत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 13:17 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
क्रीड़ा में · 13:17 तककैलाश पर
होमाहुति
मंगल

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:02 –07:36
  • शुभ मुहूर्त07:36 –09:32
  • चोर पंचक09:32 –11:47
  • शुभ मुहूर्त11:47 –13:17
  • रोग पंचक13:17 –14:06
  • शुभ मुहूर्त14:06 –16:21
  • मृत्यु पंचक16:21 –18:36
  • अग्नि पंचक18:36 –20:53
  • शुभ मुहूर्त20:53 –23:11
  • राज पंचक23:11 –01:16, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त01:16 –02:59, 17 अप्रैल
  • चोर पंचक02:59 –04:28, 17 अप्रैल
  • शुभ मुहूर्त04:28 –05:55, 17 अप्रैल
  • रोग पंचक05:55 –05:55, 17 अप्रैल
  • चोर पंचक05:55 –06:01, 17 अप्रैल

उदय लग्न

  • मेष05:59 –07:36
  • वृषभ07:36 –09:32
  • मिथुन09:32 –11:47
  • कर्क11:47 –14:06
  • सिंह14:06 –16:21
  • कन्या16:21 –18:36
  • तुला18:36 –20:53
  • वृश्चिक20:53 –23:11
  • धनु23:11 –01:16, 17 अप्रैल
  • मकर01:16 –02:59, 17 अप्रैल
  • कुम्भ02:59 –04:28, 17 अप्रैल
  • मीन04:28 –05:55, 17 अप्रैल
  • मेष05:55 –07:32, 17 अप्रैल

पंचांग · जयपुर, 16 अप्रैल 2025

बुधवार, 16 अप्रैल 2025 को जयपुर में सूर्योदय 06:02 और सूर्यास्त 18:52 पर है। तिथि कृष्ण तृतीया 13:17 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी; नक्षत्र अनुराधा 17 अप्रैल 05:55 तक, फिर ज्येष्ठा; योग व्यतीपात 17 अप्रैल 00:18 तक, फिर वरीयान्; करण विष्टि 13:17 तक, फिर बव। चंद्रमा वृश्चिक राशि में, सूर्य मेष राशि में। राहुकाल 12:27–14:03, अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52। मास वैशाख (पूर्णिमांत) / चैत्र (अमांत), विक्रम संवत 2082, शक संवत 1947।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 16 अप्रैल 2025 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण तृतीया 13:17 तक, फिर कृष्ण चतुर्थी (सूर्योदय 06:02, जयपुर)।

16 अप्रैल 2025 को कौन सा नक्षत्र है?

अनुराधा 17 अप्रैल 05:55 तक, फिर ज्येष्ठा। चंद्रमा वृश्चिक राशि में 18 अप्रैल 08:21 तक।

जयपुर में 16 अप्रैल 2025 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:27–14:03, यमगण्ड 07:38–09:14, गुलिक काल 10:51–12:27।

जयपुर में 16 अप्रैल 2025 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:02, सूर्यास्त 18:52, चंद्रोदय 22:01 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

16 अप्रैल 2025 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:01–12:52, ब्रह्म मुहूर्त 04:33–05:17। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

16 अप्रैल 2025 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

संकष्टी चतुर्थी।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अप्रैल 2025आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2025मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2104° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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