पंचांग · बुधवार, 23 अक्टूबर 2024जयपुर

आश्विन · कृष्ण सप्तमी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:31सूर्योदय17:51सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण सप्तमी
कृष्ण · 01:19, 24 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
पुनर्वसु
06:15, 24 अक्टू॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:3117:51
बुधवार · बुध
राहु काल
12:11 –13:36
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:31दिन17:51
लाभ
अमृत
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
भद्रा
यमगंड
गुलिक काल
दुर्मुहूर्त
राहु काल
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
17:51रात06:32
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:0006:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण सप्तमी
    01:19, 24 अक्टू॰ तक
  2. कृष्ण अष्टमी
    01:58, 25 अक्टू॰ तक
नक्षत्र
  1. पुनर्वसुस्वामी गुरु
    06:15, 24 अक्टू॰ तक
  2. पुष्यस्वामी शनि
    07:40, 25 अक्टू॰ तक
योग
  1. शिव
    06:59 तक
  2. सिद्ध
    05:51, 24 अक्टू॰ तक
  3. साध्य
    05:22, 25 अक्टू॰ तक
करण
  1. विष्टि
    13:18 तक
  2. बव
    01:19, 24 अक्टू॰ तक
  3. बालव
    13:33, 24 अक्टू॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:31
बिंब मध्य 06:34
सूर्यास्त
17:51
बिंब मध्य 17:47
चंद्रोदय
23:04
चंद्रास्त
12:39
दिनमान
11h 20m
वार
बुधवार · बुध
चंद्र राशि
मिथुन
00:02, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य राशि
तुला

चांद्र पंचांग

अमांत मास
आश्विन
पूर्णिमांत मास
कार्तिक
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
शरद
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:50 –05:40
  • प्रातः संध्या05:15 –06:31
  • अभिजित मुहूर्त11:48 –12:34
  • विजय मुहूर्त14:04 –14:50
  • गोधूलि मुहूर्त17:51 –18:16
  • सायाह्न संध्या17:51 –19:07
  • निशीथ मुहूर्त23:46 –00:37, 24 अक्टू॰
  • अमृत काल03:48 –05:26, 24 अक्टू॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल12:11 –13:36
  • यमगंड07:56 –09:21
  • गुलिक काल10:46 –12:11
  • दुर्मुहूर्त11:48 –12:34
  • वर्ज्य17:57 –19:35
  • भद्रा06:31 –13:18

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • लाभलाभ06:31 – 07:56
  • अमृतश्रेष्ठ07:56 – 09:21
  • कालहानि09:21 – 10:46
  • शुभशुभ10:46 – 12:11
  • रोगअनिष्ट12:11 – 13:36
  • उद्वेगअशुभ13:36 – 15:01
  • चरसम15:01 – 16:26
  • लाभलाभ16:26 – 17:51
रात
  • उद्वेगअशुभ17:51 – 19:26
  • शुभशुभ19:26 – 21:01
  • अमृतश्रेष्ठ21:01 – 22:36
  • चरसम22:36 – 00:11
  • रोगअनिष्ट00:11 – 01:46
  • कालहानि01:46 – 03:21
  • लाभलाभ03:21 – 04:57
  • उद्वेगअशुभ04:57 – 06:32

होरा

दिन
ग्रहसमय
बुध06:31–07:28
चन्द्र07:28–08:24
शनि08:24–09:21
गुरु09:21–10:18
मंगल10:18–11:14
सूर्य11:14–12:11
शुक्र12:11–13:08
बुध13:08–14:04
चन्द्र14:04–15:01
शनि15:01–15:58
गुरु15:58–16:54
मंगल16:54–17:51
रात
ग्रहसमय
सूर्य17:51–18:54
शुक्र18:54–19:58
बुध19:58–21:01
चन्द्र21:01–22:04
शनि22:04–23:08
गुरु23:08–00:11
मंगल00:11–01:15
सूर्य01:15–02:18
शुक्र02:18–03:21
बुध03:21–04:25
चन्द्र04:25–05:28
शनि05:28–06:32

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पुनर्वसु 1 पद11:43 तक
  • पुनर्वसु 2 पद17:51 तक
  • पुनर्वसु 3 पद00:02, 24 अक्टू॰ तक
  • पुनर्वसु 4 पद06:15, 24 अक्टू॰ तक
  • पुष्य 1 पद12:32, 24 अक्टू॰ तक
सूर्य नक्षत्र
चित्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
हेमंत
ऋतु (वैदिक)
शरद
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
11h 20m
रात्रिमान
12h 41m
मध्याह्न
12:11

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मिथुन · 00:02, 24 अक्टू॰ तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
कर्क · अगले सूर्योदय तक
वृषभकर्ककन्यातुलामकरकुम्भ
धनु राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पुनर्वसु · 06:15, 24 अक्टू॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपदरेवती
पुष्य · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
उत्तरइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
नैऋत्य (दक्षिण-पश्चिम)
चंद्र वास
पश्चिम · 00:02, 24 अक्टू॰ तकउत्तर
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 01:19, 24 अक्टू॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
श्मशान में · 01:19, 24 अक्टू॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
गुरु

पंचक रहित मुहूर्त

  • राज पंचक06:31 –08:25
  • शुभ मुहूर्त08:25 –10:43
  • चोर पंचक10:43 –12:48
  • शुभ मुहूर्त12:48 –14:31
  • रोग पंचक14:31 –16:00
  • शुभ मुहूर्त16:00 –19:04
  • रोग पंचक19:04 –21:00
  • शुभ मुहूर्त21:00 –23:15
  • मृत्यु पंचक23:15 –01:19, 24 अक्टू॰
  • अग्नि पंचक01:19 –01:34, 24 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त01:34 –03:49, 24 अक्टू॰
  • राज पंचक03:49 –06:04, 24 अक्टू॰
  • शुभ मुहूर्त06:04 –06:15, 24 अक्टू॰
  • चोर पंचक06:15 –06:32, 24 अक्टू॰

उदय लग्न

  • तुला06:08 –08:25
  • वृश्चिक08:25 –10:43
  • धनु10:43 –12:48
  • मकर12:48 –14:31
  • कुम्भ14:31 –16:00
  • मीन16:00 –17:27
  • मेष17:27 –19:04
  • वृषभ19:04 –21:00
  • मिथुन21:00 –23:15
  • कर्क23:15 –01:34, 24 अक्टू॰
  • सिंह01:34 –03:49, 24 अक्टू॰
  • कन्या03:49 –06:04, 24 अक्टू॰
  • तुला06:04 –08:22, 24 अक्टू॰

पंचांग · जयपुर, 23 अक्टूबर 2024

बुधवार, 23 अक्टूबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:31 और सूर्यास्त 17:51 पर है। तिथि कृष्ण सप्तमी 24 अक्टूबर 01:19 तक, फिर कृष्ण अष्टमी; नक्षत्र पुनर्वसु 24 अक्टूबर 06:15 तक, फिर पुष्य; योग शिव 06:59 तक, फिर सिद्ध; करण विष्टि 13:18 तक, फिर बव। चंद्रमा मिथुन राशि में, सूर्य तुला राशि में। राहुकाल 12:11–13:36, अभिजित मुहूर्त 11:48–12:34। मास कार्तिक (पूर्णिमांत) / आश्विन (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 23 अक्टूबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण सप्तमी 24 अक्टूबर 01:19 तक, फिर कृष्ण अष्टमी (सूर्योदय 06:31, जयपुर)।

23 अक्टूबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

पुनर्वसु 24 अक्टूबर 06:15 तक, फिर पुष्य। चंद्रमा मिथुन राशि में 24 अक्टूबर 00:02 तक।

जयपुर में 23 अक्टूबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 12:11–13:36, यमगण्ड 07:56–09:21, गुलिक काल 10:46–12:11।

जयपुर में 23 अक्टूबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:31, सूर्यास्त 17:51, चंद्रोदय 23:04 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

23 अक्टूबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:48–12:34, ब्रह्म मुहूर्त 04:50–05:40। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अक्टूबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2037° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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