पंचांग · गुरुवार, 19 सितंबर 2024जयपुर

भाद्रपद · कृष्ण द्वितीया · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
06:14सूर्योदय18:27सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण द्वितीया
कृष्ण · 00:40, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
उत्तरभाद्रपद
08:04 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
06:1418:27
गुरुवार · गुरु
राहु काल
13:52 –15:23
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
06:14दिन18:27
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
यमगंड
गंड मूल
गुलिक काल
राहु काल
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
07:0009:0011:0013:0015:0017:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
18:27रात06:15
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
गंड मूल
वर्ज्य
गंड मूल
19:0021:0023:0001:0003:0005:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण द्वितीया
    00:40, 20 सित॰ तक
  2. कृष्ण तृतीया
    21:15, 20 सित॰ तक
नक्षत्र
  1. उत्तरभाद्रपदस्वामी शनि
    08:04 तक
  2. रेवतीस्वामी बुध
    05:15, 20 सित॰ तक
  3. अश्विनीस्वामी केतु
    02:42, 21 सित॰ तक
योग
  1. वृद्धि
    19:18 तक
  2. ध्रुव
    15:18, 20 सित॰ तक
करण
  1. तैतिल
    14:28 तक
  2. गर
    00:40, 20 सित॰ तक
  3. वणिज
    10:55, 20 सित॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
06:14
बिंब मध्य 06:17
सूर्यास्त
18:27
बिंब मध्य 18:22
चंद्रोदय
19:19
चंद्रास्त
07:19
दिनमान
12h 13m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
मीन
05:15, 20 सित॰ तक
सूर्य राशि
कन्या

चांद्र पंचांग

अमांत मास
भाद्रपद
पूर्णिमांत मास
आश्विन
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:40 –05:27
  • प्रातः संध्या05:03 –06:14
  • अभिजित मुहूर्त11:56 –12:45
  • विजय मुहूर्त14:22 –15:11
  • गोधूलि मुहूर्त18:27 –18:50
  • सायाह्न संध्या18:27 –19:37
  • निशीथ मुहूर्त23:57 –00:44, 20 सित॰
  • अमृत काल03:08 –04:32, 20 सित॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल13:52 –15:23
  • यमगंड06:14 –07:46
  • गुलिक काल09:17 –10:49
  • दुर्मुहूर्त10:18 –11:07
  • दुर्मुहूर्त15:11 –16:00
  • वर्ज्य18:39 –20:04
  • गंड मूल08:04 –05:15, 20 सित॰
  • गंड मूल05:15 –06:15, 20 सित॰

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ06:14 – 07:46
  • रोगअनिष्ट07:46 – 09:17
  • उद्वेगअशुभ09:17 – 10:49
  • चरसम10:49 – 12:20
  • लाभलाभ12:20 – 13:52
  • अमृतश्रेष्ठ13:52 – 15:23
  • कालहानि15:23 – 16:55
  • शुभशुभ16:55 – 18:27
रात
  • अमृतश्रेष्ठ18:27 – 19:55
  • चरसम19:55 – 21:24
  • रोगअनिष्ट21:24 – 22:52
  • कालहानि22:52 – 00:21
  • लाभलाभ00:21 – 01:49
  • उद्वेगअशुभ01:49 – 03:18
  • शुभशुभ03:18 – 04:46
  • अमृतश्रेष्ठ04:46 – 06:15

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु06:14–07:15
मंगल07:15–08:16
सूर्य08:16–09:17
शुक्र09:17–10:18
बुध10:18–11:19
चन्द्र11:19–12:20
शनि12:20–13:21
गुरु13:21–14:22
मंगल14:22–15:23
सूर्य15:23–16:24
शुक्र16:24–17:26
बुध17:26–18:27
रात
ग्रहसमय
चन्द्र18:27–19:26
शनि19:26–20:25
गुरु20:25–21:24
मंगल21:24–22:23
सूर्य22:23–23:22
शुक्र23:22–00:21
बुध00:21–01:20
चन्द्र01:20–02:19
शनि02:19–03:18
गुरु03:18–04:17
मंगल04:17–05:16
सूर्य05:16–06:15

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • उत्तरभाद्रपद 4 पद08:04 तक
  • रेवती 1 पद13:20 तक
  • रेवती 2 पद18:38 तक
  • रेवती 3 पद23:56 तक
  • रेवती 4 पद05:15, 20 सित॰ तक
  • अश्विनी 1 पद10:35, 20 सित॰ तक
सूर्य नक्षत्र
उत्तर फाल्गुनी 2 पद
ऋतु (दृक्)
शरद
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
12h 13m
रात्रिमान
11h 48m
मध्याह्न
12:20

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
मीन · 05:15, 20 सित॰ तक
वृषभमिथुनकन्यातुलामकरमीन
सिंह राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मेष · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनकर्कतुलावृश्चिककुम्भ
कन्या राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
उत्तरभाद्रपद · 08:04 तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषामघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती
रेवती · 05:15, 20 सित॰ तक
अश्विनीभरणीरोहिणीआर्द्रापुष्यमघापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलपूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
अश्विनी · अगले सूर्योदय तक
भरणीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
उत्तर · 05:15, 20 सित॰ तकपूर्व
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 00:40, 20 सित॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
सभा में · 00:40, 20 सित॰ तकक्रीड़ा में
होमाहुति
चन्द्र

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त06:14 –08:04
  • मृत्यु पंचक08:04 –08:21
  • अग्नि पंचक08:21 –10:39
  • शुभ मुहूर्त10:39 –12:57
  • राज पंचक12:57 –15:01
  • शुभ मुहूर्त15:01 –16:45
  • चोर पंचक16:45 –18:14
  • शुभ मुहूर्त18:14 –21:18
  • चोर पंचक21:18 –23:14
  • शुभ मुहूर्त23:14 –00:40, 20 सित॰
  • रोग पंचक00:40 –01:28, 20 सित॰
  • शुभ मुहूर्त01:28 –03:47, 20 सित॰
  • मृत्यु पंचक03:47 –05:15, 20 सित॰
  • अग्नि पंचक05:15 –06:03, 20 सित॰
  • शुभ मुहूर्त06:03 –06:15, 20 सित॰

उदय लग्न

  • कन्या06:07 –08:21
  • तुला08:21 –10:39
  • वृश्चिक10:39 –12:57
  • धनु12:57 –15:01
  • मकर15:01 –16:45
  • कुम्भ16:45 –18:14
  • मीन18:14 –19:41
  • मेष19:41 –21:18
  • वृषभ21:18 –23:14
  • मिथुन23:14 –01:28, 20 सित॰
  • कर्क01:28 –03:47, 20 सित॰
  • सिंह03:47 –06:03, 20 सित॰
  • कन्या06:03 –08:17, 20 सित॰

पंचांग · जयपुर, 19 सितंबर 2024

गुरुवार, 19 सितंबर 2024 को जयपुर में सूर्योदय 06:14 और सूर्यास्त 18:27 पर है। तिथि कृष्ण द्वितीया 20 सितंबर 00:40 तक, फिर कृष्ण तृतीया; नक्षत्र उत्तरभाद्रपद 08:04 तक, फिर रेवती; योग वृद्धि 19:18 तक, फिर ध्रुव; करण तैतिल 14:28 तक, फिर गर। चंद्रमा मीन राशि में, सूर्य कन्या राशि में। राहुकाल 13:52–15:23, अभिजित मुहूर्त 11:56–12:45। मास आश्विन (पूर्णिमांत) / भाद्रपद (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 19 सितंबर 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण द्वितीया 20 सितंबर 00:40 तक, फिर कृष्ण तृतीया (सूर्योदय 06:14, जयपुर)।

19 सितंबर 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

उत्तरभाद्रपद 08:04 तक, फिर रेवती। चंद्रमा मीन राशि में 20 सितंबर 05:15 तक।

जयपुर में 19 सितंबर 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 13:52–15:23, यमगण्ड 06:14–07:46, गुलिक काल 09:17–10:49।

जयपुर में 19 सितंबर 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 06:14, सूर्यास्त 18:27, चंद्रोदय 19:19 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

19 सितंबर 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 11:56–12:45, ब्रह्म मुहूर्त 04:40–05:27। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर सितंबर 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2024° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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