पंचांग · शनिवार, 17 अगस्त 2024जयपुर

श्रावण · शुक्ल द्वादशी · विक्रम संवत 2081शनि प्रदोष

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:59सूर्योदय19:02सूर्यास्त
तिथि
शुक्ल द्वादशी
शुक्ल · 08:06 तक
नक्षत्र
पूर्वाषाढ़ा
11:48 तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:5919:02
शनिवार · शनि
राहु काल
09:15 –10:53
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:59दिन19:02
काल
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
अमृत काल
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
गुलिक काल
राहु काल
यमगंड
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:02रात06:00
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
गोधूलि मुहूर्त
निशीथ मुहूर्त
अमृत काल
सायाह्न संध्या
वर्ज्य
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

मासिक कैलेंडर
सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. शुक्ल द्वादशी
    08:06 तक
  2. शुक्ल त्रयोदशी
    05:51, 18 अग॰ तक
  3. शुक्ल चतुर्दशी
    03:05, 19 अग॰ तक
नक्षत्र
  1. पूर्वाषाढ़ास्वामी शुक्र
    11:48 तक
  2. उत्तराषाढ़ास्वामी सूर्य
    10:14, 18 अग॰ तक
योग
  1. प्रीति
    10:47 तक
  2. आयुष्मान्
    07:50, 18 अग॰ तक
करण
  1. बालव
    08:06 तक
  2. कौलव
    19:03 तक
  3. तैतिल
    05:51, 18 अग॰ तक
  4. गर
    16:31, 18 अग॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:59
बिंब मध्य 06:03
सूर्यास्त
19:02
बिंब मध्य 18:58
चंद्रोदय
17:27
चंद्रास्त
02:52
दिनमान
13h 3m
वार
शनिवार · शनि
चंद्र राशि
धनु
17:28 तक
सूर्य राशि
सिंह

चांद्र पंचांग

अमांत मास
श्रावण
पूर्णिमांत मास
श्रावण
पक्ष
शुक्ल
ऋतु
वर्षा
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:32 –05:16
  • प्रातः संध्या04:54 –05:59
  • अभिजित मुहूर्त12:05 –12:57
  • विजय मुहूर्त14:41 –15:33
  • गोधूलि मुहूर्त19:02 –19:24
  • सायाह्न संध्या19:02 –20:08
  • निशीथ मुहूर्त00:09 –00:53, 18 अग॰
  • अमृत काल07:11 –08:44
  • अमृत काल04:16 –05:45, 18 अग॰
इन समयों से बचें
  • राहु काल09:15 –10:53
  • यमगंड14:08 –15:46
  • गुलिक काल05:59 –07:37
  • दुर्मुहूर्त05:59 –06:52
  • दुर्मुहूर्त06:52 –07:44
  • वर्ज्य19:17 –20:47

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • कालहानि05:59 – 07:37
  • शुभशुभ07:37 – 09:15
  • रोगअनिष्ट09:15 – 10:53
  • उद्वेगअशुभ10:53 – 12:31
  • चरसम12:31 – 14:08
  • लाभलाभ14:08 – 15:46
  • अमृतश्रेष्ठ15:46 – 17:24
  • कालहानि17:24 – 19:02
रात
  • लाभलाभ19:02 – 20:24
  • उद्वेगअशुभ20:24 – 21:46
  • शुभशुभ21:46 – 23:09
  • अमृतश्रेष्ठ23:09 – 00:31
  • चरसम00:31 – 01:53
  • रोगअनिष्ट01:53 – 03:15
  • कालहानि03:15 – 04:38
  • लाभलाभ04:38 – 06:00

होरा

दिन
ग्रहसमय
शनि05:59–07:05
गुरु07:05–08:10
मंगल08:10–09:15
सूर्य09:15–10:20
शुक्र10:20–11:25
बुध11:25–12:31
चन्द्र12:31–13:36
शनि13:36–14:41
गुरु14:41–15:46
मंगल15:46–16:52
सूर्य16:52–17:57
शुक्र17:57–19:02
रात
ग्रहसमय
बुध19:02–19:57
चन्द्र19:57–20:52
शनि20:52–21:46
गुरु21:46–22:41
मंगल22:41–23:36
सूर्य23:36–00:31
शुक्र00:31–01:26
बुध01:26–02:21
चन्द्र02:21–03:15
शनि03:15–04:10
गुरु04:10–05:05
मंगल05:05–06:00

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • पूर्वाषाढ़ा 3 पद06:06 तक
  • पूर्वाषाढ़ा 4 पद11:48 तक
  • उत्तराषाढ़ा 1 पद17:28 तक
  • उत्तराषाढ़ा 2 पद23:06 तक
  • उत्तराषाढ़ा 3 पद04:41, 18 अग॰ तक
  • उत्तराषाढ़ा 4 पद10:14, 18 अग॰ तक
सूर्य नक्षत्र
मघा 1 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
वर्षा
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
दक्षिणायन
दिनमान
13h 3m
रात्रिमान
10h 58m
मध्याह्न
12:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
धनु · 17:28 तक
मिथुनकर्कतुलाधनुकुम्भमीन
वृषभ राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मकर · अगले सूर्योदय तक
मेषकर्कसिंहवृश्चिकमकरमीन
मिथुन राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
पूर्वाषाढ़ा · 11:48 तक
अश्विनीकृत्तिकारोहिणीआर्द्रापुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीहस्तस्वातीअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाश्रवणशतभिषाउत्तरभाद्रपद
उत्तराषाढ़ा · अगले सूर्योदय तक
भरणीरोहिणीमृगशिरापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तचित्राविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणधनिष्ठापूर्वभाद्रपदरेवती

निवास और शूल

दिशा शूल
पूर्वइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
पूर्व
चंद्र वास
पूर्व · 17:28 तकदक्षिण
अग्निवास
पृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 08:06 तकआकाश · 05:51, 18 अग॰ तकपाताल
शिववास
कैलाश पर · 08:06 तकनंदी पर · 05:51, 18 अग॰ तकभोजन में
होमाहुति
शनि

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:59 –06:01
  • रोग पंचक06:01 –08:06
  • शुभ मुहूर्त08:06 –08:16
  • मृत्यु पंचक08:16 –10:31
  • अग्नि पंचक10:31 –11:48
  • शुभ मुहूर्त11:48 –12:49
  • राज पंचक12:49 –15:07
  • शुभ मुहूर्त15:07 –17:11
  • चोर पंचक17:11 –18:55
  • शुभ मुहूर्त18:55 –20:24
  • रोग पंचक20:24 –21:51
  • चोर पंचक21:51 –23:27
  • शुभ मुहूर्त23:27 –01:24, 18 अग॰
  • रोग पंचक01:24 –03:38, 18 अग॰
  • शुभ मुहूर्त03:38 –05:51, 18 अग॰
  • मृत्यु पंचक05:51 –05:57, 18 अग॰
  • अग्नि पंचक05:57 –06:00, 18 अग॰

उदय लग्न

  • कर्क03:42 –06:01
  • सिंह06:01 –08:16
  • कन्या08:16 –10:31
  • तुला10:31 –12:49
  • वृश्चिक12:49 –15:07
  • धनु15:07 –17:11
  • मकर17:11 –18:55
  • कुम्भ18:55 –20:24
  • मीन20:24 –21:51
  • मेष21:51 –23:27
  • वृषभ23:27 –01:24, 18 अग॰
  • मिथुन01:24 –03:38, 18 अग॰
  • कर्क03:38 –05:57, 18 अग॰
  • सिंह05:57 –08:13, 18 अग॰

पंचांग · जयपुर, 17 अगस्त 2024

शनिवार, 17 अगस्त 2024 को जयपुर में सूर्योदय 05:59 और सूर्यास्त 19:02 पर है। तिथि शुक्ल द्वादशी 08:06 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी; नक्षत्र पूर्वाषाढ़ा 11:48 तक, फिर उत्तराषाढ़ा; योग प्रीति 10:47 तक, फिर आयुष्मान्; करण बालव 08:06 तक, फिर कौलव। चंद्रमा धनु राशि में, सूर्य सिंह राशि में। राहुकाल 09:15–10:53, अभिजित मुहूर्त 12:05–12:57। मास श्रावण (पूर्णिमांत) / श्रावण (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 17 अगस्त 2024 को कौन सी तिथि है?

शुक्ल द्वादशी 08:06 तक, फिर शुक्ल त्रयोदशी (सूर्योदय 05:59, जयपुर)।

17 अगस्त 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

पूर्वाषाढ़ा 11:48 तक, फिर उत्तराषाढ़ा। चंद्रमा धनु राशि में 17:28 तक।

जयपुर में 17 अगस्त 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 09:15–10:53, यमगण्ड 14:08–15:46, गुलिक काल 05:59–07:37।

जयपुर में 17 अगस्त 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:59, सूर्यास्त 19:02, चंद्रोदय 17:27 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

17 अगस्त 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:05–12:57, ब्रह्म मुहूर्त 04:32–05:16। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

17 अगस्त 2024 को कौन सा व्रत या त्योहार है?

शनि प्रदोष।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर अगस्त 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.2011° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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