पंचांग · गुरुवार, 4 जुलाई 2024जयपुर

ज्येष्ठ · कृष्ण त्रयोदशी · विक्रम संवत 2081

किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।

स्थानीय समय
--:--:--
05:38सूर्योदय19:25सूर्यास्त
तिथि
कृष्ण त्रयोदशी
कृष्ण · 05:54 तक
नक्षत्र
मृगशिरा
03:54, 5 जुल॰ तक
सूर्योदय · सूर्यास्त
05:3819:25
गुरुवार · गुरु
राहु काल
14:15 –15:58
वर्जित

दिन एक नज़र में

चौघड़ियाशुभवर्जित
05:38दिन19:25
शुभ
रोग
उद्वेग
चर
लाभ
अमृत
काल
शुभ
अभिजित मुहूर्त
विजय मुहूर्त
अमृत काल
यमगंड
गुलिक काल
राहु काल
भद्रा
वर्ज्य
दुर्मुहूर्त
दुर्मुहूर्त
08:0010:0012:0014:0016:0018:00
चौघड़ियाशुभवर्जित
19:25रात05:38
अमृत
चर
रोग
काल
लाभ
उद्वेग
शुभ
अमृत
अमृत काल
निशीथ मुहूर्त
गोधूलि मुहूर्त
सायाह्न संध्या
20:0022:0000:0002:0004:00
अमृत · श्रेष्ठशुभ · शुभलाभ · लाभचर · समउद्वेग · अशुभरोग · अनिष्टकाल · हानि

आगामी व्रत और त्योहार

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सभी आगामी व्रत और त्योहार

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पाँच अंग

तिथि
  1. कृष्ण त्रयोदशी
    05:54 तक
  2. कृष्ण चतुर्दशी
    04:58, 5 जुल॰ तक
  3. अमावस्या
    04:27, 6 जुल॰ तक
नक्षत्र
  1. मृगशिरास्वामी मंगल
    03:54, 5 जुल॰ तक
  2. आर्द्रास्वामी राहु
    04:06, 6 जुल॰ तक
योग
  1. गण्ड
    06:59 तक
  2. वृद्धि
    05:13, 5 जुल॰ तक
  3. ध्रुव
    03:48, 6 जुल॰ तक
करण
  1. वणिज
    05:54 तक
  2. विष्टि
    17:23 तक
  3. शकुनि
    04:58, 5 जुल॰ तक
  4. चतुष्पाद
    16:39, 5 जुल॰ तक

सूर्य · चंद्र

सूर्योदय
05:38
बिंब मध्य 05:41
सूर्यास्त
19:25
बिंब मध्य 19:20
चंद्रोदय
03:39
चंद्रास्त
18:17
दिनमान
13h 47m
वार
गुरुवार · गुरु
चंद्र राशि
वृषभ
15:58 तक
सूर्य राशि
मिथुन

चांद्र पंचांग

अमांत मास
ज्येष्ठ
पूर्णिमांत मास
आषाढ़
पक्ष
कृष्ण
ऋतु
ग्रीष्म
विक्रम संवत
2081
शक संवत
1946

शुभ और अशुभ समय

शुभ समय
  • ब्रह्म मुहूर्त04:16 –04:57
  • प्रातः संध्या04:36 –05:38
  • अभिजित मुहूर्त12:04 –12:59
  • विजय मुहूर्त14:49 –15:44
  • गोधूलि मुहूर्त19:25 –19:45
  • सायाह्न संध्या19:25 –20:26
  • निशीथ मुहूर्त00:11 –00:52, 5 जुल॰
  • अमृत काल19:11 –20:46
इन समयों से बचें
  • राहु काल14:15 –15:58
  • यमगंड05:38 –07:21
  • गुलिक काल09:05 –10:48
  • दुर्मुहूर्त10:13 –11:09
  • दुर्मुहूर्त15:44 –16:39
  • वर्ज्य09:40 –11:15
  • भद्रा05:54 –17:23

चौघड़िया

शुभसमवर्जित
दिन
  • शुभशुभ05:38 – 07:21
  • रोगअनिष्ट07:21 – 09:05
  • उद्वेगअशुभ09:05 – 10:48
  • चरसम10:48 – 12:31
  • लाभलाभ12:31 – 14:15
  • अमृतश्रेष्ठ14:15 – 15:58
  • कालहानि15:58 – 17:41
  • शुभशुभ17:41 – 19:25
रात
  • अमृतश्रेष्ठ19:25 – 20:41
  • चरसम20:41 – 21:58
  • रोगअनिष्ट21:58 – 23:15
  • कालहानि23:15 – 00:31
  • लाभलाभ00:31 – 01:48
  • उद्वेगअशुभ01:48 – 03:05
  • शुभशुभ03:05 – 04:21
  • अमृतश्रेष्ठ04:21 – 05:38

होरा

दिन
ग्रहसमय
गुरु05:38–06:47
मंगल06:47–07:56
सूर्य07:56–09:05
शुक्र09:05–10:13
बुध10:13–11:22
चन्द्र11:22–12:31
शनि12:31–13:40
गुरु13:40–14:49
मंगल14:49–15:58
सूर्य15:58–17:07
शुक्र17:07–18:16
बुध18:16–19:25
रात
ग्रहसमय
चन्द्र19:25–20:16
शनि20:16–21:07
गुरु21:07–21:58
मंगल21:58–22:49
सूर्य22:49–23:40
शुक्र23:40–00:31
बुध00:31–01:23
चन्द्र01:23–02:14
शनि02:14–03:05
गुरु03:05–03:56
मंगल03:56–04:47
सूर्य04:47–05:38

नक्षत्र पद, ऋतु और अयन

चंद्र नक्षत्र के पद
  • मृगशिरा 1 पद10:02 तक
  • मृगशिरा 2 पद15:58 तक
  • मृगशिरा 3 पद21:55 तक
  • मृगशिरा 4 पद03:54, 5 जुल॰ तक
  • आर्द्रा 1 पद09:55, 5 जुल॰ तक
सूर्य नक्षत्र
आर्द्रा 4 पद
ऋतु (दृक्)
वर्षा
ऋतु (वैदिक)
ग्रीष्म
अयन (दृक्)
दक्षिणायन
अयन (वैदिक)
उत्तरायण
दिनमान
13h 47m
रात्रिमान
10h 13m
मध्याह्न
12:31

चंद्रबल और ताराबल

इन राशियों के लिए शुभ चंद्रबल
वृषभ · 15:58 तक
वृषभकर्कसिंहवृश्चिकधनुमीन
तुला राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
मिथुन · अगले सूर्योदय तक
मेषमिथुनसिंहकन्याधनुमकर
वृश्चिक राशि के लिए अष्टम चंद्र (वर्जित)
इन नक्षत्रों के लिए शुभ ताराबल
मृगशिरा · 03:54, 5 जुल॰ तक
भरणीरोहिणीआर्द्रापुनर्वसुअश्लेषापूर्व फाल्गुनीहस्तस्वातीविशाखाज्येष्ठापूर्वाषाढ़ाश्रवणशतभिषापूर्वभाद्रपदरेवती
आर्द्रा · अगले सूर्योदय तक
अश्विनीकृत्तिकामृगशिरापुनर्वसुपुष्यमघाउत्तर फाल्गुनीचित्राविशाखाअनुराधामूलउत्तराषाढ़ाधनिष्ठापूर्वभाद्रपदउत्तरभाद्रपद

निवास और शूल

दिशा शूल
दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
राहु वास
दक्षिण
चंद्र वास
दक्षिण · 15:58 तकपश्चिम
अग्निवास
पाताल · 05:54 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:58, 5 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
शिववास
भोजन में · 05:54 तकश्मशान में · 04:58, 5 जुल॰ तकगौरी के साथ
होमाहुति
केतु

पंचक रहित मुहूर्त

  • शुभ मुहूर्त05:38 –05:54
  • चोर पंचक05:54 –06:35
  • शुभ मुहूर्त06:35 –08:54
  • रोग पंचक08:54 –11:09
  • शुभ मुहूर्त11:09 –13:24
  • मृत्यु पंचक13:24 –15:42
  • अग्नि पंचक15:42 –18:00
  • शुभ मुहूर्त18:00 –20:04
  • राज पंचक20:04 –21:48
  • शुभ मुहूर्त21:48 –23:17
  • चोर पंचक23:17 –00:44, 5 जुल॰
  • राज पंचक00:44 –02:20, 5 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त02:20 –03:54, 5 जुल॰
  • चोर पंचक03:54 –04:17, 5 जुल॰
  • शुभ मुहूर्त04:17 –04:58, 5 जुल॰
  • रोग पंचक04:58 –05:38, 5 जुल॰

उदय लग्न

  • मिथुन04:21 –06:35
  • कर्क06:35 –08:54
  • सिंह08:54 –11:09
  • कन्या11:09 –13:24
  • तुला13:24 –15:42
  • वृश्चिक15:42 –18:00
  • धनु18:00 –20:04
  • मकर20:04 –21:48
  • कुम्भ21:48 –23:17
  • मीन23:17 –00:44, 5 जुल॰
  • मेष00:44 –02:20, 5 जुल॰
  • वृषभ02:20 –04:17, 5 जुल॰
  • मिथुन04:17 –06:31, 5 जुल॰

पंचांग · जयपुर, 4 जुलाई 2024

गुरुवार, 4 जुलाई 2024 को जयपुर में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 19:25 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 05:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र मृगशिरा 5 जुलाई 03:54 तक, फिर आर्द्रा; योग गण्ड 06:59 तक, फिर वृद्धि; करण वणिज 05:54 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 14:15–15:58, अभिजित मुहूर्त 12:04–12:59। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।

इस दिन के बारे में प्रश्न

जयपुर में 4 जुलाई 2024 को कौन सी तिथि है?

कृष्ण त्रयोदशी 05:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:38, जयपुर)।

4 जुलाई 2024 को कौन सा नक्षत्र है?

मृगशिरा 5 जुलाई 03:54 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा वृषभ राशि में 15:58 तक।

जयपुर में 4 जुलाई 2024 को राहुकाल कब है?

राहुकाल 14:15–15:58, यमगण्ड 05:38–07:21, गुलिक काल 09:05–10:48।

जयपुर में 4 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?

सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 19:25, चंद्रोदय 03:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।

4 जुलाई 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?

अभिजित मुहूर्त 12:04–12:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:16–04:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।

जयपुर हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली

गणना कैसे होती है
  • सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
  • लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1994° पर निरयण स्थितियाँ।
  • हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।

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