पंचांग · गुरुवार, 4 जुलाई 2024जयपुर
किसी भी शहर और तिथि के लिए तिथि, नक्षत्र, योग, करण, सूर्योदय, राहु काल, चौघड़िया और होरा।
दिन एक नज़र में
आगामी व्रत और त्योहार
लग्न कुंडली · अभी
पाँच अंग
- कृष्ण त्रयोदशी05:54 तक
- कृष्ण चतुर्दशी04:58, 5 जुल॰ तक
- अमावस्या04:27, 6 जुल॰ तक
- मृगशिरास्वामी मंगल03:54, 5 जुल॰ तक
- आर्द्रास्वामी राहु04:06, 6 जुल॰ तक
- गण्ड06:59 तक
- वृद्धि05:13, 5 जुल॰ तक
- ध्रुव03:48, 6 जुल॰ तक
- वणिज05:54 तक
- विष्टि17:23 तक
- शकुनि04:58, 5 जुल॰ तक
- चतुष्पाद16:39, 5 जुल॰ तक
सूर्य · चंद्र
- सूर्योदय
- 05:38बिंब मध्य 05:41
- सूर्यास्त
- 19:25बिंब मध्य 19:20
- चंद्रोदय
- 03:39
- चंद्रास्त
- 18:17
- दिनमान
- 13h 47m
- वार
- गुरुवार · गुरु
- चंद्र राशि
- वृषभ15:58 तक
- सूर्य राशि
- मिथुन
चांद्र पंचांग
- अमांत मास
- ज्येष्ठ
- पूर्णिमांत मास
- आषाढ़
- पक्ष
- कृष्ण
- ऋतु
- ग्रीष्म
- विक्रम संवत
- 2081
- शक संवत
- 1946
शुभ और अशुभ समय
- ब्रह्म मुहूर्त04:16 –04:57
- प्रातः संध्या04:36 –05:38
- अभिजित मुहूर्त12:04 –12:59
- विजय मुहूर्त14:49 –15:44
- गोधूलि मुहूर्त19:25 –19:45
- सायाह्न संध्या19:25 –20:26
- निशीथ मुहूर्त00:11 –00:52, 5 जुल॰
- अमृत काल19:11 –20:46
- राहु काल14:15 –15:58
- यमगंड05:38 –07:21
- गुलिक काल09:05 –10:48
- दुर्मुहूर्त10:13 –11:09
- दुर्मुहूर्त15:44 –16:39
- वर्ज्य09:40 –11:15
- भद्रा05:54 –17:23
चौघड़िया
- शुभशुभ05:38 – 07:21
- रोगअनिष्ट07:21 – 09:05
- उद्वेगअशुभ09:05 – 10:48
- चरसम10:48 – 12:31
- लाभलाभ12:31 – 14:15
- अमृतश्रेष्ठ14:15 – 15:58
- कालहानि15:58 – 17:41
- शुभशुभ17:41 – 19:25
- अमृतश्रेष्ठ19:25 – 20:41
- चरसम20:41 – 21:58
- रोगअनिष्ट21:58 – 23:15
- कालहानि23:15 – 00:31
- लाभलाभ00:31 – 01:48
- उद्वेगअशुभ01:48 – 03:05
- शुभशुभ03:05 – 04:21
- अमृतश्रेष्ठ04:21 – 05:38
होरा
| ग्रह | समय |
|---|---|
| गुरु | 05:38–06:47 |
| मंगल | 06:47–07:56 |
| सूर्य | 07:56–09:05 |
| शुक्र | 09:05–10:13 |
| बुध | 10:13–11:22 |
| चन्द्र | 11:22–12:31 |
| शनि | 12:31–13:40 |
| गुरु | 13:40–14:49 |
| मंगल | 14:49–15:58 |
| सूर्य | 15:58–17:07 |
| शुक्र | 17:07–18:16 |
| बुध | 18:16–19:25 |
| ग्रह | समय |
|---|---|
| चन्द्र | 19:25–20:16 |
| शनि | 20:16–21:07 |
| गुरु | 21:07–21:58 |
| मंगल | 21:58–22:49 |
| सूर्य | 22:49–23:40 |
| शुक्र | 23:40–00:31 |
| बुध | 00:31–01:23 |
| चन्द्र | 01:23–02:14 |
| शनि | 02:14–03:05 |
| गुरु | 03:05–03:56 |
| मंगल | 03:56–04:47 |
| सूर्य | 04:47–05:38 |
नक्षत्र पद, ऋतु और अयन
- मृगशिरा 1 पद10:02 तक
- मृगशिरा 2 पद15:58 तक
- मृगशिरा 3 पद21:55 तक
- मृगशिरा 4 पद03:54, 5 जुल॰ तक
- आर्द्रा 1 पद09:55, 5 जुल॰ तक
- सूर्य नक्षत्र
- आर्द्रा 4 पद
- ऋतु (दृक्)
- वर्षा
- ऋतु (वैदिक)
- ग्रीष्म
- अयन (दृक्)
- दक्षिणायन
- अयन (वैदिक)
- उत्तरायण
- दिनमान
- 13h 47m
- रात्रिमान
- 10h 13m
- मध्याह्न
- 12:31
चंद्रबल और ताराबल
निवास और शूल
- दिशा शूल
- दक्षिणइस दिशा में यात्रा से बचें
- राहु वास
- दक्षिण
- चंद्र वास
- दक्षिण · 15:58 तकपश्चिम
- अग्निवास
- पाताल · 05:54 तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ · 04:58, 5 जुल॰ तकपृथ्वी — हवन के लिए शुभ
- शिववास
- भोजन में · 05:54 तकश्मशान में · 04:58, 5 जुल॰ तकगौरी के साथ
- होमाहुति
- केतु
पंचक रहित मुहूर्त
- शुभ मुहूर्त05:38 –05:54
- चोर पंचक05:54 –06:35
- शुभ मुहूर्त06:35 –08:54
- रोग पंचक08:54 –11:09
- शुभ मुहूर्त11:09 –13:24
- मृत्यु पंचक13:24 –15:42
- अग्नि पंचक15:42 –18:00
- शुभ मुहूर्त18:00 –20:04
- राज पंचक20:04 –21:48
- शुभ मुहूर्त21:48 –23:17
- चोर पंचक23:17 –00:44, 5 जुल॰
- राज पंचक00:44 –02:20, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त02:20 –03:54, 5 जुल॰
- चोर पंचक03:54 –04:17, 5 जुल॰
- शुभ मुहूर्त04:17 –04:58, 5 जुल॰
- रोग पंचक04:58 –05:38, 5 जुल॰
उदय लग्न
- मिथुन04:21 –06:35
- कर्क06:35 –08:54
- सिंह08:54 –11:09
- कन्या11:09 –13:24
- तुला13:24 –15:42
- वृश्चिक15:42 –18:00
- धनु18:00 –20:04
- मकर20:04 –21:48
- कुम्भ21:48 –23:17
- मीन23:17 –00:44, 5 जुल॰
- मेष00:44 –02:20, 5 जुल॰
- वृषभ02:20 –04:17, 5 जुल॰
- मिथुन04:17 –06:31, 5 जुल॰
पंचांग · जयपुर, 4 जुलाई 2024
गुरुवार, 4 जुलाई 2024 को जयपुर में सूर्योदय 05:38 और सूर्यास्त 19:25 पर है। तिथि कृष्ण त्रयोदशी 05:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी; नक्षत्र मृगशिरा 5 जुलाई 03:54 तक, फिर आर्द्रा; योग गण्ड 06:59 तक, फिर वृद्धि; करण वणिज 05:54 तक, फिर विष्टि। चंद्रमा वृषभ राशि में, सूर्य मिथुन राशि में। राहुकाल 14:15–15:58, अभिजित मुहूर्त 12:04–12:59। मास आषाढ़ (पूर्णिमांत) / ज्येष्ठ (अमांत), विक्रम संवत 2081, शक संवत 1946।
इस दिन के बारे में प्रश्न
जयपुर में 4 जुलाई 2024 को कौन सी तिथि है?
कृष्ण त्रयोदशी 05:54 तक, फिर कृष्ण चतुर्दशी (सूर्योदय 05:38, जयपुर)।
4 जुलाई 2024 को कौन सा नक्षत्र है?
मृगशिरा 5 जुलाई 03:54 तक, फिर आर्द्रा। चंद्रमा वृषभ राशि में 15:58 तक।
जयपुर में 4 जुलाई 2024 को राहुकाल कब है?
राहुकाल 14:15–15:58, यमगण्ड 05:38–07:21, गुलिक काल 09:05–10:48।
जयपुर में 4 जुलाई 2024 को सूर्योदय और सूर्यास्त कब है?
सूर्योदय 05:38, सूर्यास्त 19:25, चंद्रोदय 03:39 (सूर्य बिम्ब का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित — द्रिक पंचांग की रीति)।
4 जुलाई 2024 को शुभ मुहूर्त क्या है?
अभिजित मुहूर्त 12:04–12:59, ब्रह्म मुहूर्त 04:16–04:57। दिन और रात के अमृत, शुभ, लाभ और चर चौघड़िया ऊपर की तालिका में हैं।
जयपुर हिन्दू कैलेंडर जुलाई 2024आगामी व्रत और त्योहारएकादशी 2024मुफ़्त जन्म कुंडली
गणना कैसे होती है
- सूर्योदय और सूर्यास्त सूर्य के ऊपरी किनारे और अपवर्तन से, जैसे दृक् पंचांग, पंचांग-पत्रा और समाचार पत्र छापते हैं; सूर्योदय की तिथि और सभी मुहूर्त इसी से गिने जाते हैं। पारंपरिक बिंब-मध्य समय (अपवर्तन रहित) साथ में दिखाया गया है, कुछ मिनट बाद।
- लाहिड़ी (चित्रपक्ष) अयनांश 24.1994° पर निरयण स्थितियाँ।
- हिंदू दिन सूर्योदय से सूर्योदय तक चलता है और वार सूर्योदय का होता है। समाप्ति समय Swiss Ephemeris से मिनट तक गिने गए हैं।
अन्य शहरों का पंचांग
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